संजय कपूर की संपत्ति पर अधिकार की लड़ाई में दिल्ली हाई कोर्ट से करिश्मा कपूर के बच्चों को राहत

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दिल्ली हाई कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के दोनों बच्चों को अंतरिम राहत दी है. कोर्ट ने संजय कपूर की संपत्ति को बेचने पर अंतरिम रोक लगाने वाली याचिका मंज़ूर कर ली है.

करिश्मा कपूर और संजय कपूर की शादी साल 2003 में हुई थी. लेकिन शादी के 13 साल बाद 2016 में उनका तलाक़ हो गया. उनका एक बेटा और एक बेटी है. संजय कपूर का साल 2025 में निधन हो गया था.

लाइव लॉ के मुताबिक़, कोर्ट ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया सचदेव कपूर को उनकी संपत्तियों को बेचने या ख़र्च करने से रोक दिया है. प्रिया सचदेव कपूर, संजय कपूर की तीसरी पत्नी हैं.

कोर्ट ने आदेश दिया है कि संजय कपूर के बच्चों की तरफ से दायर मुक़दमे के लंबित रहने तक उनकी संपत्तियों को सुरक्षित रखा जाए.

कोर्ट ने यह भी साफ किया कि प्रिया सचदेव कपूर कोई भी संपत्ति बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकतीं.

कोर्ट ने क्या कहा

बार एंड बेंच के मुताबिक़ जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि संपत्ति को बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए और उसे सुरक्षित रखना ज़रूरी है. कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रिया कपूर को बच्चों के उठाए सवालों का जवाब देना चाहिए.

कोर्ट ने यह भी कहा कि मुक़दमे की सुनवाई में समय लग सकता है, और इस दौरान याचिकाकर्ताओं की तरफ से उठाई गई सभी चिंताओं का समाधान प्रतिवादी संख्या एक (प्रिया कपूर) की ओर से किया जाना चाहिए.

दिवंगत संजय कपूर की बहन मंधिरा कपूर ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "अगला कदम वसीयत की फोरेंसिक जांच करवाना है. न्याय हुआ है. इस पूरी लड़ाई की दिशा में उठाए गए पहले कदम से हम बहुत खुश हैं."

उन्होंने कहा, "तकनीकी रूप से ये मेरी माँ की संपत्तियाँ हैं. हमें इस बात की ज़्यादा चिंता है कि संपत्तियाँ कहीं बर्बाद न हो जाएँ. उन्हें परिवार के पास वापस आना चाहिए. बच्चों की देखभाल की जानी चाहिए. यह परिवार, मेरी माँ और बच्चों के लिए एक बहुत अच्छा आदेश है."

बार एंड बेंच के मुताबिक़ कोर्ट ने बच्चों की सौतेली माँ, प्रिया सचदेव कपूर को, दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की छोड़ी संपत्तियों पर किसी भी तीसरे पक्ष को अधिकार जताने से रोक दिया है.

जस्टिस ज्योति सिंह ने गुरुवार को कहा कि करिश्मा कपूर और रानी कपूर (संजय कपूर की माँ) ने संजय कपूर की कथित वसीयत की वैधता और प्रामाणिकता पर संदेह जताया है. इसलिए, अब यह ज़िम्मेदारी प्रिया सचदेव कपूर की है कि वह इन संदेहों को दूर करें.

कोर्ट ने प्रिया सचदेव कपूर को संजय कपूर की भारतीय कंपनियों की इक्विटी या शेयरहोल्डिंग को बेचने, ट्रांसफर करने, गिरवी रखने या बदलने से रोक दिया.

जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा, "मैंने उन्हें प्रोविडेंट फंड की रकम निकालने से रोक दिया है, जिसके लिए उन्होंने सहमति दी थी. मैंने उन्हें निजी सामान, कलाकृतियों वगैरह को बेचने से भी रोक दिया है, जिसके लिए भी उन्होंने सहमति दी थी."

हालाँकि, अदालत ने यह साफ़ किया कि उसका यह आदेश संजय कपूर की विदेश में मौजूद अचल संपत्तियों पर लागू नहीं होता है.

मामला क्या है?

बार एंड बेंच के मुताबिक़, करिश्मा कपूर के बच्चों ने प्रिया सचदेव कपूर (संजय कपूर की तीसरी पत्नी) पर संजय कपूर की वसीयत में हेराफेरी करने और उनकी संपत्ति पर पूरी तरह कब्ज़ा करने की कोशिश का आरोप लगाया है.

बच्चों ने अपनी माँ के ज़रिए कोर्ट में अर्ज़ी दी और दलील दी कि जून 2025 में ब्रिटेन में संजय कपूर की अचानक मौत के बाद, प्रिया कपूर ने उन्हें उनकी संपत्ति से ग़लत तरीके से बेदख़ल कर दिया.

इस मुक़दमे में प्रिया कपूर, उनके नाबालिग बेटे, संजय कपूर की माँ रानी कपूर और वसीयत के निष्पादक (एग्ज़िक्यूटर) श्रद्धा सूरी मारवाह को प्रतिवादी बनाया गया है.

इस विवाद की जड़ 21 मार्च 2025 की एक वसीयत है, जिसमें कथित तौर पर संजय कपूर की पूरी निजी संपत्ति प्रिया कपूर के नाम कर दी गई है.

बच्चों ने कोर्ट में दावा किया कि उनकी सौतेली माँ ने अपने दो साथियों, दिनेश अग्रवाल और नितिन शर्मा के साथ मिलकर वसीयत को सात हफ़्तों से ज़्यादा समय तक छिपाए रखने की साज़िश की और फिर 30 जुलाई 2025 को एक पारिवारिक बैठक में इसके बारे में बताया.

कोर्ट में यह दलील दी गई कि यह वसीयत जाली और मनगढ़ंत है. अर्ज़ी के मुताबिक़, प्रिया कपूर का रवैया यह दिखाता है कि वह संजय कपूर की संपत्ति पर "पूरी तरह कब्ज़ा" करने की कोशिश कर रही हैं, और दूसरे कानूनी वारिसों को इससे बाहर रखना चाहती हैं.

प्रिया सचदेव कपूर ने इन दावों को ख़ारिज करते हुए दलील दी कि वसीयत असली है और उन पर लगाए गए ये आरोप कि उन्होंने वसीयत में हेराफेरी की है, पूरी तरह से ग़लत हैं.

उन्होंने कहा कि वसीयत में कुछ ग़लतियाँ होने से वह अमान्य नहीं हो जाती. इसके अलावा, उनके वकील ने दलील दी कि करिश्मा कपूर के बच्चों को कपूर परिवार के ट्रस्ट में से उनका हिस्सा पहले ही मिल चुका है.

वरिष्ठ वकील राजीव नायर ने प्रिया सचदेव कपूर की तरफ़ से पेश होते हुए कहा कि करिश्मा कपूर ने यह कहानी गढ़ने की कोशिश की है कि संजय कपूर के साथ उनके रिश्तों में कोई खटास नहीं थी, लेकिन यह दावा पूरी तरह से ग़लत है.

उन्होंने दलील दी, "यह कहा गया था कि करिश्मा कपूर और संजय कपूर की शादी का अंत एक कड़वे तलाक़ के रूप में हुआ, जिसके बाद वह कहीं नज़र नहीं आईं."

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, कोर्ट ने गुरुवार को करिश्मा कपूर के बच्चों को राहत दी.

करिश्मा कपूर के वकील ने क्या कहा

दिवंगत व्यवसायी संजय कपूर की माँ, रानी कपूर के वकील वैभव गग्गर ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, "अदालत में जो कहा गया है, उसके आधार पर यह एक बहुत ही मज़बूत आदेश दिखता है. ऐसा लगता है कि इसमें सभी पक्षों की दलीलों पर विस्तार से विचार किया गया है."

"पहली नज़र में इस निष्कर्ष पर पहुँचा गया है कि यहाँ प्रतिवादियों यानी करिश्मा कपूर के बच्चों और रानी कपूर की तरफ से पेश की गई वसीयत से जुड़ी संदिग्ध परिस्थितियों की बातों में काफ़ी दम है. अब इन सभी संदिग्ध परिस्थितियों को ग़लत साबित करने की ज़िम्मेदारी प्रिया सचदेव पर आ गई है. संपत्तियों के मामले में पूरी तरह से यथास्थिति बनी रहेगी."

वहीं करिश्मा कपूर के वकील, एडवोकेट रवि शर्मा ने कहा, "यह अर्जी करिश्मा और संजय कपूर की बेटियों और बच्चों की तरफ से दायर की गई है. कोर्ट ने करिश्मा के बच्चों के पक्ष में एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत प्रिया कपूर को संजय कपूर की अचल संपत्तियों के साथ किसी भी तरह का लेन-देन करने से रोक दिया गया है."

"कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि प्रिया कपूर अब से संजय कपूर की किसी भी अचल संपत्ति, कंपनी, इक्विटी, शेयर, बैंक अकाउंट और क्रिप्टो वॉलेट के साथ कोई लेन-देन नहीं कर सकतीं."

संजय कपूर कौन थे?

12 जून को 53 वर्षीय संजय कपूर की ब्रिटेन के सरे में पोलो खेलते समय हार्ट अटैक से मौत हो गई.

संजय कपूर सोना कॉमस्टार कंपनी के उत्तराधिकारी थे. इस कंपनी का 3.6 अरब डॉलर का कारोबार है. ये कारोबार उन्हें अपने पिता से विरासत में मिला था.

भारत की शीर्ष ऑटो कम्पोनेंट निर्माता कंपनियों में से एक सोना कॉमस्टार के भारत, चीन, मेक्सिको और अमेरिका में 10 संयंत्र हैं.

संजय कपूर ने तीन शादियां की थीं. उनकी पहली शादी डिज़ाइनर नंदिता महतानी से हुई थी. जबकि दूसरी शादी 1990 के दशक की बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर से की थी.

संजय कपूर ने तीसरी शादी साल 2017 में पूर्व मॉडल और उद्यमी प्रिया सचदेव से की थी.

लेकिन उनकी मृत्यु के कुछ हफ़्तों बाद ही उत्तराधिकारी कौन होगा, इस सवाल ने कपूर और उनके परिवार को मीडिया में चर्चा का विषय बना दिया.

इसमें संजय कपूर की मां रानी कपूर की भी काफ़ी चर्चा हुई. रानी कपूर सोना कॉमस्टार की चेयरपर्सन रह चुकी हैं.

पिछले साल 24 जुलाई को रानी कपूर ने सोना कॉमस्टार के बोर्ड को एक पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने अपने बेटे की मौत और उसके बाद कंपनी में की गई नियुक्तियों पर सवाल उठाए.

अपने पत्र में रानी कपूर ने यह भी दावा किया कि उनके दिवंगत पति ने 2015 में जो वसीयत छोड़ी थी, उसमें वह एकमात्र लाभार्थी थीं.

रानी कपूर ने यह भी दावा किया कि जब वह अपने बेटे की मौत के कारण मानसिक और भावनात्मक रूप से परेशान थीं, तब उन्हें अहम दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया.

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