तमिलनाडु में विजय की पार्टी टीवीके को लेकर कांग्रेस ने की अहम घोषणा लेकिन रखी ये शर्त

विजय

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इमेज कैप्शन, टीवीके के अध्यक्ष सी जोसेफ विजय
    • Author, जेवियर सेल्वाकुमार
    • पदनाम, बीबीसी तमिल
  • पढ़ने का समय: 4 मिनट

तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की ज़रूरत है, लेकिन विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को इतनी सीटें नहीं मिली हैं. हालांकि, तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.

क़ानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है, इसलिए तब तक नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.

विजय के नेतृत्व वाली पार्टी टीवीके के बहुमत हासिल करने की संभावना है, क्योंकि उनके पास 108 सीटें हैं और बहुमत से महज 10 कम हैं.

कांग्रेस ने तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए टीवीके को समर्थन देने पर सहमति जताई है. एआईसीसी के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडनकर की ओर से बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, "हमारा समर्थन इस शर्त पर होगा कि टीवीके इस गठबंधन से उन सांप्रदायिक ताक़तों को दूर रखे जो भारत के संविधान में विश्वास नहीं करतीं."

कुछ पार्टियां टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने के लिए तैयार हैं. हालांकि, संबंधित दलों ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

क़ानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सरकार बनाने के लिए विधायकों की ज़रूरी संख्या नहीं जुटा पाते हैं, तो ऐसी स्थिति में विजय मुख्यमंत्री पद संभाल सकते हैं और उन्हें 15 दिनों के भीतर विधानसभा में विश्वासमत हासिल करना पड़ सकता है.

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इमेज कैप्शन, विजय की पार्टी को 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में 108 सीटें मिली हैं

सरकार बनाने की राह क्या है?

सुप्रीम कोर्ट के वकील कृष्णमूर्ति का कहना है कि तमिलनाडु में 10 मई तक नई सरकार का गठन करना अनिवार्य है.

बीबीसी से बातचीत में कृष्णमूर्ति ने कहा, "तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है. तब तक नई सरकार बननी चाहिए. इसके लिए बहुमत साबित करने के लिए ज़रूरी विधायकों के समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपने होंगे."

कृष्णमूर्ति ने कहा कि बहुमत जुटाने के लिए समय बहुत कम है, इसलिए एक अन्य संवैधानिक विकल्प का उपयोग किया जा सकता है. उनके अनुसार, विजय अकेले भी 10 मई तक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं और उसके बाद 15 दिनों के भीतर विश्वासमत हासिल कर सकते हैं.

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इमेज कैप्शन, विजय की पार्टी का तमिलनाडु में उभार से वहाँ की पारंपरिक राजनीति में उलटफेर होगा

समर्थन कहाँ से मिलेगा?

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हालाँकि वरिष्ठ पत्रकार कुपेंद्रन का कहना है कि इन सभी प्रक्रियाओं की ज़रूरत पड़े बिना भी इस बात की काफ़ी संभावना है कि विजय बहुमत वाले विधायकों के समर्थन पत्र के साथ राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.

उनका कहना है कि ग़ैर-डीएमके और एआईएडीएमके दलों के पास 11 से ज़्यादा विधायक हैं और वे टीवीके को समर्थन दे सकते हैं. इनमें कांग्रेस के पाँच विधायक, वीसीके के दो, कम्युनिस्ट पार्टियों के चार और डीएमडीके का एक विधायक शामिल हैं.

वरिष्ठ पत्रकार शिवप्रियन का कहना है कि डीएमके गठबंधन की पार्टियों के अलावा पीएमके और एएमएमके जैसी पार्टियां भी विजय के साथ गठबंधन कर सकती हैं.

शिवप्रियन का कहना है कि अगर डीएमके, एआईएडीएमके और बीजेपी जैसी पार्टियां भी समर्थन देने की पेशकश करें, तब भी विजय के लिए उसे स्वीकार करना संभव नहीं होगा.

वरिष्ठ पत्रकार कुपेंद्रन कहते हैं, "विजय पहले ही सार्वजनिक रूप से गठबंधन सरकार की घोषणा कर चुके हैं. कांग्रेस लगातार इस मांग पर ज़ोर दे रही है."

उन्होंने आगे कहा, "अगर विजय यह कहते हैं कि वह बीजेपी का विरोध करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, तो इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के दो विधायक भी टीवीके का समर्थन करेंगे. इसलिए विश्वास मत से पहले ही विजय औपचारिक रूप से समर्थन पत्र सौंपकर सरकार बना सकते हैं. यह अगले लोकसभा चुनाव के लिए संभावित गठबंधन की शुरुआत भी हो सकती है."

हालांकि, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने सीढ़ी चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी लेकिन पार्टी ने घोषणा की है कि वह डीएमके गठबंधन में ही बनी रहेगी.

पार्टियों की क्या स्थिति है?

तमिलनाडु कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष सेल्वापेरुंधगई ने कहा है कि टीवीके को समर्थन देने पर फ़ैसला राहुल गांधी करेंगे.

तमिलनाडु कांग्रेस ने कहा, "हम धर्मनिरपेक्षता के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम डीएमके गठबंधन में बने रहेंगे. हमें विजय की ओर से कोई निमंत्रण नहीं मिला है. हमारी ऐसी कोई योजना नहीं है."

इसी तरह का रुख़ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव शणमुगम और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव वीरापांडियन ने भी व्यक्त किया है. उन्होंने और डीएमडीके के राज्यसभा सांसद सुधीश ने डीएमके अध्यक्ष स्टालिन से मुलाक़ात की. हालांकि, कांग्रेस पार्टी की ओर से कोई भी डीएमके कार्यालय नहीं पहुँचा.

विरुधाचलम से जीत हासिल करने वाली डीएमडीके नेता प्रेमलता ने पत्रकारों से कहा, "हम एक धर्मनिरपेक्ष गठबंधन में हैं. मैं हमेशा विजय को 'हमारे घर का लड़का' कहती हूँ. उन्हें हमारी शुभकामनाएं."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.