हूती विद्रोहियों ने रेड सी में मोखा पोर्ट पर किया क़ब्ज़ा, सऊदी के लिए बड़ा झटका

हूती

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इमेज कैप्शन, हूती संचालित अल मसिराह टीवी के फुटेज में कथित तौर पर मोखा में हूती लड़ाकों को दिखाया गया था
    • Author, डेविड ग्रिटेन
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 6 मिनट

सैन्य सूत्रों और चश्मदीदों के अनुसार, ईरान समर्थक हूती विद्रोहियों ने यमन में रेड सी (लाल सागर) के मोखा पोर्ट पर क़ब्ज़ा कर लिया है.

यह पोर्ट रणनीतिक रूप से बेहद अहद है और इस पर सऊदी समर्थित सरकारी बलों का नियंत्रण था.

मोखा पर क़ब्ज़े के बाद ईरान समर्थित यह समूह बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से सिर्फ़ 75 किलोमीटर (46 मील) दूर रह गया है. यह स्ट्रेट एशिया और यूरोप को जोड़ने वाले व्यापार मार्ग का दक्षिणी प्रवेश द्वार है.

हूतियों ने कहा है कि वे अंतरराष्ट्रीय जहाज़ों के लिए कोई ख़तरा नहीं हैं, लेकिन उन्होंने सऊदी अरब के जहाज़ों को निशाना बनाने की अपनी धमकी दोहराई है.

ईरान के ख़िलाफ़ इसराइल और अमेरिका के युद्ध के कारण गल्फ़ में होर्मुज स्ट्रेट प्रभावी रूप से बंद होने के बाद से सऊदी अरब तेल निर्यात के लिए लाल सागर पर निर्भर रहा है.

हूतियों, यमनी सरकार और सऊदी अरब के बीच संघर्ष बढ़ने से तेल की क़ीमतों में तेज़ी आई है.

बताया जा रहा है कि एक सप्ताह पहले हूतियों के दक्षिण-पश्चिमी इलाक़े में अभियान शुरू किए जाने के बाद से सैकड़ों लोग मारे गए हैं और हज़ारों लोग विस्थापित हुए हैं.

सऊदी अरब के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने भी पश्चिमी यमन के हूती-नियंत्रित इलाक़ों पर हवाई हमले किए हैं. वहीं, हूतियों ने दक्षिणी सऊदी अरब के शहरों और तेल प्रतिष्ठानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं.

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मोखा बंदरगाह पर क़ब्ज़े के बाद हूती विद्रोही दक्षिण की ओर बाब अल-मंदेब स्ट्रेट की तरफ़ बढ़ रहे हैं. यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग है.

मोखा पर क़ब्ज़ा सऊदी अरब और उसके समर्थन वाले यमनी बलों के लिए बड़ा झटका है. कहा जा रहा है कि यह ईरान के लिए राहत की ख़बर हो सकती है, क्योंकि वह वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर दबाव बनाए रखने की कोशिश कर रहा है.

यह जलमार्ग लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ता है और आमतौर पर दुनिया के क़रीब 12 फ़ीसदी माल की आवाजाही इसी रास्ते से होती है.''

वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बाब अल-मंदेब का महत्व बढ़ गया है, क्योंकि अमेरिका और इसराइल के साथ युद्ध के दौरान ईरान ने पास के होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली जहाज़ों की आवाजाही को बाधित किया है.

मोखा में हूतियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के बीच कई दिनों से भीषण ज़मीनी लड़ाई चल रही थी.

कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट की क़ीमत हूतियों के ऐतिहासिक बंदरगाह पर क़ब्ज़े के बाद बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल हो गई.

यह बंदरगाह कभी यूरोप और मध्य-पूर्व के कॉफी कारोबारियों का एक अहम सेंटर था. हूतियों ने गुरुवार को यमनी सरकार के प्रति वफ़ादार बलों को खदेड़कर इस पर कंट्रोल कर लिया.

विद्रोहियों की यह कामयाबी कई दिनों तक चली भीषण लड़ाई के बाद मिली है, जिसने एक दशक से अधिक समय से चले आ रहे गृहयुद्ध को फिर भड़का दिया है.

हूतियों ने जुलाई में सऊदी बंदरगाहों की नाकेबंदी का एलान किया था. उन्होंने सऊदी टैंकरों पर हमले किए और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के रास्ते जहाज़ों की आवाजाही बाधित की.

लाल सागर
इमेज कैप्शन, नक़्शे में यमन, रेड सी, पोर्ट सिटी मोखा और बाबअल-मंदेब स्ट्रेट को दर्शाया गया है

मोखा के लोगों ने क्या कहा?

मोखा के निवासियों ने बताया कि बुधवार रात सऊदी समर्थित यमन के सरकारी बलों के साथ भीषण झड़पों के बाद हूती लड़ाके शहर में दाखिल हो गए, जिसके बाद कई परिवारों को अपने घर छोड़कर भागना पड़ा.

एक व्यक्ति ने बीबीसी अरबी के मिडिल ईस्ट लाइफ़लाइन कार्यक्रम को बताया, "क़ब्ज़ा बिना किसी चेतावनी के हुआ. पूरे इलाक़े में दहशत फैल गई और लोगों को भागने के लिए मजबूर होना पड़ा. हालात बेहद भयावह थे. घायल लोग सड़कों पर पड़े थे और उनकी मदद करने वाला कोई नहीं था."

एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि गुरुवार को हूती लड़ाके मोखा की सड़कों पर गश्त कर रहे थे, जबकि सरकारी कार्यालय और दुकानें बंद थीं.

उन्होंने कहा, "फ़िलहाल हमें नहीं पता कि अंसार अल्लाह क्या करेगा." उन्होंने संगठन के आधिकारिक नाम का इस्तेमाल करते हुए कहा, "हर कोई अपनी सुरक्षा को लेकर डरा हुआ है."

कई विस्थापित परिवार पूर्व की ओर अदन शहर जा रहे हैं, जहाँ यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रेसिडेंशियल लीडरशीप काउंसिल और सरकार स्थित हैं.

एक महिला ने बीबीसी अरबी को बताया, "हम अपने बच्चों को लेकर भागे और लगातार भागते रहे. हमारे पास न बिस्तर है, न घर और न ही कुछ और. एक घंटे के भीतर सब कुछ तबाह हो गया. उन्होंने हमें कोई मौक़ा तक नहीं दिया और न ही पहले से कोई चेतावनी दी."

उन्होंने कहा, "हम ऐसी महिलाएं हैं, जिनके पास अपनी रक्षा करने का कोई साधन नहीं है और हमारे साथ मासूम बच्चे हैं."

हूतियों की ओर से तत्काल मोखा पर क़ब्ज़े की पुष्टि नहीं की गई.

हालांकि, हूती संचालित अल मसिरह टीवी के मुताबिक, समूह की सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि "सऊदी दुश्मन की लामबंदी को खदेड़ने के बाद पश्चिमी तटीय ज़िलों में झड़पें रुक गई हैं."

हूती

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इमेज कैप्शन, सऊदी अरब ने पिछले महीने तुर्की और पाकिस्तान के साथ त्रिपक्षीय रक्षा समझौता किया था लेकिन हूतियों के हमले से सऊदी ख़ुद को बचा नहीं पा रहा है

यमन की सरकार और हूती ने क्या कहा?

सरकार समर्थित नेशनल रेसिस्टेंस फोर्स के नेता तारिक़ सलाह ने भी कहा कि उन्होंने पश्चिमी तट पर स्थित अपने कमांड सेंटर को "सुरक्षित स्थान" पर स्थानांतरित कर दिया है.

उन्होंने कहा कि उनकी सेनाओं ने हाल के दिनों में "ईरान और हूतियों के योजनाबद्ध अभियान के सामने भारी क़ीमत चुकाई है."

यमनी सेना के एक सूत्र ने समाचार एजेंसी एफ़पी को बताया कि हूती लड़ाकों ने लाल सागर में जुकर द्वीप पर भी क़ब्ज़ा कर लिया है. यह द्वीप मोखा से क़रीब 80 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में है. हूतियों ने पहले रॉकेटों की भारी बौछार की और फिर नावों के ज़रिए ज़मीनी हमला किया.

इस बीच प्रेसिडेंशियल लीडरशीप काउंसिल के प्रमुख राशद अल-अलीमी ने अरब देशों और अन्य देशों से यमन के तटों की रक्षा करने और स्टेट का नियंत्रण बहाल करने में मदद करने की अपील की.

हूतियों की सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल ने "यमन की संप्रभुता और क्षेत्रीय जल की रक्षा करने के अपने अधिकार" पर ज़ोर दिया. साथ ही उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भरोसा दिलाया कि लाल सागर में जहाज़ों की आवाजाही सुरक्षित बनी हुई है.

हालांकि, हूती संचालित मानवीय सहायता अभियानों के समन्वय केंद्र ने भी ज़ोर देकर कहा कि सऊदी जहाज़ों पर लगाया गया प्रतिबंध जारी है.

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने कहा कि सऊदी युद्धक विमानों ने पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी प्रांतों ताइज़, होदेइदा, मारिब और जौफ में 64 हवाई हमले किए.

सऊदी सेना की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई.

हालांकि, यमन में हूतियों के ख़िलाफ़ लड़ रहे सऊदी नेतृत्व वाले अरब गठबंधन के प्रवक्ता ने बुधवार शाम कहा कि वह दक्षिण-पश्चिमी सऊदी शहरों खमिस मुशैत, अबहा और जिजान पर हूतियों के मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब देगा.

सऊदी अधिकारियों के मुताबिक़, मंगलवार को हूतियों ने दक्षिणी सऊदी अरब पर दर्जनों ड्रोन और मिसाइल दागे. इसमें 73 नागरिक घायल हुए और कई तेल प्रतिष्ठानों में आग लग गई, जिसके कारण वहाँ का संचालन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा.

हूतियों ने कहा कि वे हाल के दिनों में सऊदी अरब के नियंत्रण वाले इलाक़ों पर किए गए दर्जनों हवाई हमलों का जवाब दे रहे थे. इनमें सोमवार को जौफ़ प्रांत के हज़्म शहर की एक जेल पर किया गया हमला भी शामिल था. हूतियों के मुताबिक़, इस हमले में कम से कम 23 नागरिक मारे गए.

सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन एक दशक से अधिक समय से चल रहे यमन के विनाशकारी गृहयुद्ध में हूतियों के ख़िलाफ़ यमनी सरकार का समर्थन करता रहा है.

चार साल से चला आ रहा अनौपचारिक संघर्षविराम जुलाई में कमज़ोर पड़ने लगा, जब हूतियों ने सऊदी अरब के ख़िलाफ़ "समुद्री प्रतिबंध" लगाने की घोषणा की और लाल सागर में सऊदी हवाई अड्डों, तेल प्रतिष्ठानों और टैंकरों पर मिसाइल के साथ ड्रोन हमले शुरू कर दिए.

हूतियों ने कहा कि वे अपने नियंत्रण वाले इलाक़ों के बंदरगाहों और हवाई अड्डों की सऊदी नाकेबंदी के साथ-साथ सना हवाई अड्डे पर हुए एक हवाई हमले का जवाब दे रहे थे, जिसके लिए उन्होंने सऊदी अरब को ज़िम्मेदार ठहराया था.

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हमने इस लेख का अनुवाद करने में एआई की मदद ली है, जिसे मूल रूप से अंग्रेज़ी में लिखा गया था. बीबीसी के एक पत्रकार ने प्रकाशन से पहले इस अनुवाद की जांच की. हम एआई का उपयोग कैसे कर रहे हैं, इसके बारे में और जानें.