एप्पल के फोल्डेबल फ़ोन को क्यों कहा जा रहा है, नए सीईओ जॉन टर्नस का सबसे बड़ा दांव

एप्पल के नए सीईओ जॉन टर्नस के हाथ में एप्प्ल का नया फ़ोल्डबेल आईफ़ोन

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इमेज कैप्शन, भारत में एप्पल के पहले फोल्डेबल आईफ़ोन की शुरुआती क़ीमत क़रीब तीन लाख रुपए के क़रीब है
    • Author, काली हेज़
    • पदनाम, टेक्नोलॉजी रिपोर्टर
    • Author, लिली जमाली
    • पदनाम, टेक्नोलॉजी रिपोर्टर
    • ........से, उत्तरी अमेरिका
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 6 मिनट

एप्पल ने अब तक का अपना सबसे महंगा फ़ोन लॉन्च किया है.

यह एक फ़ोल्डबेल फ़ोन है, जिसकी क़ीमत क़रीब तीन लाख रुपए है.

क़रीब 20 साल बाद आईफ़ोन के डिजाइन में यह सबसे बड़ा बदलाव है.

एप्पल के नए सीईओ जॉन टर्नस का यह एक बड़ा दांव माना जा रहा है. उन्होंने इस महीने लंबे समय तक सीईओ रहे टिम कुक की जगह ली है.

एप्पल फ़ोल्डेबल फ़ोन के बाज़ार में दूसरी कंपनियों के मुक़ाबले देर से उतरी है. दक्षिण कोरिया की सैमसंग और चीन की ख़्वावे जैसी कंपनियां पहले ही फ़ोल्डेबल फ़ोन ला चुकी हैं.

टर्नस ने कैलिफ़ोर्निया में एप्पल के हेडक्वार्टर में फ़ोल्डबेल फ़ोन को लॉन्च करने के दौरान कहा कि दूसरे फोल्डेबल फ़ोन ऐसे लगते हैं, जैसे दो फ़ोन को आपस में जोड़ दिया गया हो.

उन्होंने दावा किया है कि एप्पल का फ़ोल्डेबल फ़ोन इसे इस्तेमाल करने का अनुभव पूरी तरह बदल देगा.

अमेरिका में फ़ोन की शुरुआती क़ीमत एक लाख 91 हज़ार से शुरू होकर तीन लाख रुपए से ज़्यादा तक जा सकती है.

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इसे बनाने में आठ साल लगे हैं. एप्पल के हार्डवेयर डिविजन में वरिष्ठ अधिकारी रहने के कारण जॉन टर्नस इस प्रोजेक्ट से सीधे तौर पर जुड़े रहे हैं.

इसे खोलने पर यह एक छोटा आईपैड जैसा दिखता है, जबकि मोड़ने पर यह चौड़ा आईफ़ोन जैसा दिखता है.

टर्नस ने कहा, "यह पूरी तरह नया है और फिर भी काफ़ी जाना-पहचाना लगता है. इसका साइज आपके पासपोर्ट जितना है. इसे हाथ में पकड़ना आसान है और इसे आप एक हाथ से आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं."

लेकिन एप्पल के नए प्रोडक्ट को पहले से मार्केट में मौजूद कंपनियों से कड़ी चुनौती मिल रही है.

आईडीसी ईएमईए में डिवाइस डेटा और एनालिटिक्स के वाइस प्रेसिडेंट फ्रांसिस्को जेरोनिमो ने कहा, "असल मुक़ाबला उस चीन में है, जहाँ फ़ोल्डेबल फ़ोन के बाजार में ख़्वावे की हिस्सेदारी क़रीब 80 फ़ीसदी है.''

टेक्नोलॉजी रिसर्च फ़र्म एफ़डीएम सीसीएस इनसाइट के चीफ़ एनालिस्ट बेन वुड ने कहा कि टर्नस के प्रमोशन का समय जानबूझकर ऐसा रखा गया हो सकता है.

ऐसा इसलिए है कि इस आईफ़ोन लॉन्च को कई सालों में सबसे बड़े आईफ़ोन लॉन्च में से एक माना जाता है.

उन्होंने कहा, "एप्पल में कुछ भी अचानक से नहीं होता."

आईफ़ोन के डिजाइन में इस बदलाव को किस तरह से देखा जा रहा है?

आईफ़ोन ने बुधवार को आईफ़ोन 18 प्रो और आईफ़ोन 18 प्रो मैक्स भी लॉन्च किया

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इमेज कैप्शन, आईफ़ोन ने बुधवार को आईफ़ोन 18 प्रो और आईफ़ोन 18 प्रो मैक्स भी लॉन्च किया

क्रिएटिव स्ट्रैटेजिस्ट की एनालिस्ट कैरोलाइना मिलानेसी बुधवार को लॉन्चिंग इवेंट में मौजूद थीं.

उन्होंने कहा कि टर्नस को जिस तरह से स्पॉटलाइट में रखा गया, उससे ऐसा लगता मानो वो खुद भी एक प्रोडक्ट हों.

आईफ़ोन के डिजाइन में इस बदलाव को उस आलोचना के जवाब में देखा जा रहा है, जिसमें कहा जाता रहा है कि 2007 में पहला आईफ़ोन लॉन्च होने के बाद से कंपनी कोई बड़ा हिट प्रोडक्ट या ऐसा कोई बड़ा इनोवेशन नहीं लेकर आ पाई थी.

फ़ॉरेस्टर के एनालिस्ट दीपांजन चटर्जी ने कहा कि फ़ोल्डेबल फ़ोन महंगे दाम वाला सिर्फ एक दिखावटी प्रोडक्ट बनकर रह सकता है.

इससे एप्पल के पोर्टफ़ोलिया में एक प्रीमियम प्रोडक्ट तो जुड़ जाएगा, लेकिन कंपनी की विकास में कोई ख़ास इसका योगदान नहीं होगा.

पहले नए आईफ़ोन की सबसे ज़्यादा शुरुआती क़ीमत 900 अमेरिकी डॉलर यानी 86 हज़ार रुपए के क़रीब थी.

आईफ़ोन ने बुधवार को आईफ़ोन 18 प्रो और आईफ़ोन 18 प्रो मैक्स भी लॉन्च किए.

आईफ़ोन 18 प्रो की अमेरिका में शुरुआती कीमत 1,199 डॉलर यानी क़रीब एक लाख 14 हज़ार रुपए है और 18 प्रो मैक्स की 1,299 डॉलर यानी क़रीब एक लाख 24 हज़ार रुपए है.

चटर्जी ने कहा कि फोल्डेबल आईफ़ोन का भी वही हाल हो सकता है, जैसा एप्पल के विज़न प्रो हेडसेट का हुआ.

कंपनी ने विज़न प्रो की कीमत 3,699 डॉलर यानी क़रीब तीन लाख 52 हज़ार रुपए रखी थी, लेकिन इसे खरीदारों के बीच खास सफलता नहीं मिली.

उन्होंने कहा, "यह कंपनी की अगली एप्पल वाच बन सकता है, जिसे आईफ़ोन जितना लोकप्रिय न होने के बाद भी हर साल लाखों लोग ख़रीदते हैं."

लोगों को आईफ़ोन के मौजूदा फ़ोन का इस्तेमाल करने की इतनी आदत हो गई है कि यह भी एप्पल के नए डिजाइन की बड़ी ब्रिकी में एक संभावित रुकावट बन सकता है.

मिलानेसी ने कहा, "फोल्डेबल एक अलग तरह की डिवाइस हैं. बहुत से लोग इसे लेकर उत्सुक हैं, लेकिन पहले के फ़ोन से फ़ोल्डबेल फ़ोन पर जाने में सॉफ़्टवेयर और उसे इस्तेमाल करने का नया तरीका काफी मुश्किल है.

आईफ़ोन एप्पल का सबसे ज़्यादा बिकने वाला प्रोडक्ट है

एक क्लोज-अप शॉट में क्यूपर्टिनो में लॉन्च इवेंट में एक व्यक्ति के हाथ नए फ्लिप-ओवर फोन को छूते हुए दिखाई दे रहे हैं

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इमेज कैप्शन, फ़ोल्डबेल फ़ोन एप्पल मार्केट में काफ़ी बाद में लाया है

वुड ने कहा कि सैमसंग और ख्वावे जैसी कंपनियों का फ़ोल्डेबल स्मार्टफ़ोन की मार्केट में कुल स्मार्टफ़ोन बिक्री का सिर्फ दो फ़ीसदी है.

डेटा और एनालिटिक्स फ़र्म एफ़डीएम सीसीएस इनसाइट के अनुसार, एप्पल के फ़ोल्डेबल फ़ोन से लोगों के बीच दिलचस्पी और इसकी मांग बढ़ सकती है, लेकिन अगले दशक में फ़ोल्डेबल फ़ोन की बिक्री की हिस्सेदारी चार फ़ीसदी तक पहुंचने की ही उम्मीद है.

आईफ़ोन एप्पल का सबसे ज़्यादा बिकने वाला प्रोडक्ट है. हर साल कंपनी की कुल बिक्री में इसका हिस्सेदारी आधे से ज़्यादा रहती है.

हाल की तिमाहियों में कंपनी ने दावा किया है कि आईफ़ोन की मांग अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है.

आईफ़ोन के सबसे नए मॉडल की लॉन्चिंग भी कंपनी की अब तक की सबसे सफल प्रोडक्ट लॉन्चिंग रही है.

कंपनी ने अपने ऑडियो और चैट असिस्टेंट सिरी की री-लॉन्च के बारे में भी बताया. अब इसे सिरी एआई कहा जा रहा है.

आईफ़ोन 18 से शुरू होकर यह बॉट अब किसी शख्स के फ़ोन में मौजूद अलग-अलग जानकारियों, जैसे मैसेज और ईमेल, को खोजकर जानकारी ढूंढ सकेगा, सवालों के जवाब दे सकेगा और जो इसे इस्तेमाल कर रहा है, उसके लिए कुछ काम भी कर सकेगा.

सिरी एआई के कुछ फ़ीचर नए एप्पल वॉच पर भी मिलेंगे. जैसे कि बातचीत के दौरान नोट्स लेना और उन्हें ट्रांसक्राइब करना. बस यूजर को इस फ़ीचर को चालू करना होगा.

टर्नस ने आईफ़ोन में एआई की मौजूद क्षमताओं को इंटेलिजेंट पर्सनल हब बताया.

उन्होंने माना कि एप्पल आपकी रोज की ज़िंदगी में इस्तेमाल होने वाली निजी जानकारियों का इस्तेमाल करेगा.

टर्नस ने कहा कि यह सब प्राइवेट रहेगा और एआई के फ़ीचर अक्सर डिवाइस पर ही चलेंगे, यानी थर्ड पार्टी कंपनियों के ज़रिए नहीं.

जब किसी फ़ीचर के लिए थर्ड-पार्टी की ज़रूरत होगी तो आपकी जानकारी रिमोट सर्वर या क्लाउड में भी प्राइवेट रहेगी.

टर्नस ने कहा, "दूसरे लोग उस डेटा को इकट्ठा करने और स्टोर करने वाली चीज़ के तौर पर देखते हैं. यहां तक कि एप्पल भी आपकी जानकारी तक पहुँच नहीं सकता."

हमने इस लेख का अनुवाद करने में एआई की मदद ली है, जिसे मूल रूप से अंग्रेज़ी में लिखा गया था. बीबीसी के एक पत्रकार ने प्रकाशन से पहले इस अनुवाद की जांच की. हम एआई का उपयोग कैसे कर रहे हैं, इसके बारे में और जानें.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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