दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश, इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 के बाहर भरा पानी
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इमेज कैप्शन, भारी बारिश के बाद दिल्ली के कई इलाकों
दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव हो गया है.
समाचार एजेंसी एएनआई पर जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 के बाहर भारी जलभराव हो गया है.
एयरपोर्ट पर एक यात्री ने कहा, "मैंने ऐसा पहले नहीं देखा. यहां बहुत ज़्यादा पानी है. मैं यहां आधे घंटे से खड़ी हूं. हम इंतज़ार कर रहे हैं कि पानी कम हो, ताकि हम अराइवल गेट की तरफ जा सकें."
दिल्ली एयरपोर्ट के अलावा सुब्रतो पार्क और बसंत गांव इलाके में भी भारी जलभराव हुआ है.
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इमेज कैप्शन, बारिश के बाद टर्मिनल-3 के बाहर का हाल
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इमेज कैप्शन, बारिश के बाद टर्मिनल-3 के बाहर का हाल
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इमेज कैप्शन, दिल्ली में भारी बारिश के बाद शिवा जी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन के आस-पास भी भारी जल भराव
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इमेज कैप्शन, दिल्ली में भारी बारिश के बाद शिवा जी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन के आस-पास भी भारी जल भराव
जम्मू कश्मीर के बडगाम में मुठभेड़, भारतीय सेना ने कहा- एक चरमपंथी की मौत हुई, जहांगीर अली, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, भारतीय सेना का कहना है कि बडगाम में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था तभी मुठभेड़ हुई (फ़ाइल फोटो)
जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सेना और चरमपंथियों के बीच एक मुठभेड़ की ख़बर आ रही है.
भारतीय सेना ने बयान में कहा है कि इस मुठभेड़ में एक चरमपंथी की मौत हुई है.
एक्स पर चिनार कोर ने बताया, "ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ़ ने बडगाम के अशदार गली इलाक़े में एक जॉइंट सर्च ऑपरेशन शुरू किया था."
बयान के मुताबिक़, "सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती देने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. इस दौरान एक आतंकवादी मारा गया. एक एके राइफ़ल और अन्य सामग्री बरामद की गई है. सर्च ऑपरेशन जारी है."
सेना ने अभी तक मारे गए व्यक्ति की पहचान और उसके संगठन के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है.
होर्मुज़ स्ट्रेट में सैनिक भेजने को लेकर क्या बोला दक्षिण कोरिया
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इमेज कैप्शन, मीडिया में ख़बरें आई थीं कि दक्षिण कोरिया होर्मुज़ स्ट्रेट में अपनी सेना भेजने की योजना बना रहा है
ईरान और अमेरिका बीच जारी तनाव के बीच दक्षिण कोरिया ने होर्मुज़ स्ट्रेट में अपने सैनिकों को भेजने को लेकर प्रतिक्रिया दी है.
बीबीसी की फ़ारसी सेवा के मुताबिक, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट में सैन्य बल भेजने के बारे में अभी तक कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है.
मीडिया में ऐसी ख़बरें आई थीं कि दक्षिण कोरिया इस साल के अंत तक होर्मुज़ में सैन्य बल भेजने की तैयारी कर रहा है.
उन्हीं ख़बरों पर कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने आज कहा कि इस मामले में कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है.
वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए इस अहम जलमार्ग पर ईरान अपने अधिकार का दावा कर रहा है जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि इसे स्वतंत्र नौ परिवहन के लिए खुला रखना होगा.
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने रचा ये इतिहास, पीएम मोदी ने दी बधाई
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इमेज कैप्शन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी
जॉर्जिया मेलोनी दूसरे विश्व युद्ध के बाद इटली की सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाली प्रधानमंत्री बन गई हैं. इस उपलब्धि पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है.
पीएम मोदी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "मेरी मित्र और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को दूसरे विश्व युद्ध के बाद लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वाली प्रधानमंत्री बनने पर बधाई. यह उपलब्धि उनके नेतृत्व में इतालवी लोगों के भरोसे और विश्वास को दिखाती है."
उन्होंने आगे लिखा, "भारत और इटली के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में उनकी दोस्ती और सहयोग की भी अहम भूमिका रही है. मैं दोनों देशों के लोगों के बेहतर और समृद्ध भविष्य के लिए उनके साथ मिलकर काम जारी रखने की उम्मीद करता हूं."
"आने वाले वर्षों में उनकी सफलता के लिए मेरी ढेरों शुभकामनाएं."
इससे पहले जॉर्जिया मेलोनी ने एक्स पर लिखा था, "आज हमारी सरकार इटली गणराज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक काम करने वाली सरकार बन गई है."
"यह एक ऐसी बात है जिसका मैं आभार और ज़िम्मेदारी की गहरी भावना के साथ स्वागत करती हूं. क्योंकि स्थिरता कोई ऐसा रिकॉर्ड नहीं है जिसका दिखावा किया जाए, बल्कि यह वह स्थिति है जो किसी देश को योजना बनाने, फ़ैसले लेने, वादे पूरे करने और सम्मान पाने में मदद करती है."
नेपाल बाढ़ में मरने वालों की संख्या 1200 के पार पहुंची, पांच हज़ार से ज़्यादा अब भी लापता
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इमेज कैप्शन, नेपाल बाढ़ के बाद लगभग 5,083 लोग अभी लापता हैं
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही हैं. ताज़ा आंकड़ों के अनुसार यह संख्या 1200 के पार पहुंच गई हैं.
नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी का कहना है कि अब तक 1,287 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अनुमान के मुताबिक 5,083 लोग अभी भी लापता हैं.
यह संख्या नेपाल पुलिस की पिछली जानकारी से ज़्यादा है, जिसमें 1,280 लोगों की मौत और 4,798 लोगों के लापता होने की बात कही गई थी.
सबसे ज़्यादा 359 शव चितवन में बरामद किए गए हैं, जबकि नुवाकोट में 184 और रसुवा में 140 शव बरामद हुए हैं.
वहीं, त्रिशूली 3A साइट से दो लोगों को ज़िंदा बचाए जाने के बाद, एक तीसरे व्यक्ति का शव मिला है.
मौके पर मौजूद नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के डिप्टी मैनेजर सुरेश राउत का कहना है कि शव की हालत ऐसी थी कि उसकी पहचान करना मुश्किल था.
उन्होंने बीबीसी को बताया, "सुरंग के अंदर मिला शव फूला हुआ है और उसकी पहचान नहीं हो सकी. ऐसा लगता है कि सुरंग से भागने की कोशिश के दौरान बाढ़ के पानी में फंसने से उस व्यक्ति की मौत हो गई."
इससे पहले शुक्रवार सुबह नेपाल के त्रिशूली 3-ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में 9 दिनों तक फंसने के बाद दो लोगों संजय शाह और कबीर महर्जन को ज़िंदा बाहर निकाला गया है.
संजय शाह परियोजना में मैकेनिकल फोरमैन हैं, जबकि कबीर महर्जन मैकेनिकल सुपरवाइजर हैं.
सुरेश राउत ने बताया कि बचाए जाने के बाद कबीर और संजय "थके हुए लग रहे थे, लेकिन खुश थे."
उन्होंने कहा, "कबीर ने दोनों हाथ जोड़कर नमस्ते किया."
उन्होंने आगे कहा, "कबीर के घुटने और कमर में चोटें थीं. हो सकता है बाहर निकलने की कोशिश के दौरान उन्हें चोट लगी हो."
अभी तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता सौरभ कुमार यादव रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.
अमेरिका ने कहा, 'यूरोपीय संघ ईरान को अलग-थलग करने को तैयार'
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इमेज कैप्शन, अमेरिका लगातार इस कोशिश में लगा है कि ईरान को आर्थिक तौर पर अलग-थलग किया जा सके
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने जी-20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक के दौरान जारी यूरोपीय संघ के बयान का हवाला देते हुए कहा कि, "यूरोपीय संघ आधिकारिक तौर पर ईरान को आर्थिक तौर पर अलग-थलग करने के अभियान में शामिल हो गया है."
उन्होंने कहा कि अमेरिका "उसके मज़बूत और शुरुआती रुख़ की सराहना करता है."
बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ मज़बूती से खड़ा है. हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ईरानी शासन अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं, हथियार कार्यक्रमों और आतंकवादी गुटों को वित्तीय मदद देने के लिए वैश्विक वित्तीय व्यवस्था का दुरुपयोग न कर सके."
अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि "दुनिया ईरानी शासन को साफ़ संदेश दे रही है कि जब तक वित्तीय मदद की आख़िरी बची कड़ी भी नहीं टूट जाती, तब तक वे नहीं रुकेंगे."
दो दिन पहले यूरोपीय आयोग ने एशविले में जी-20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक के दौरान एक बयान जारी किया था. इसमें ईरान पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डालने की कोशिशों का समर्थन किया गया था. इसमें अमेरिका के नेतृत्व वाले अभियान के ज़रिए आर्थिक दबाव बढ़ाने की संभावना भी शामिल है.
सोनिया गांधी की किताब को मिला नया प्रकाशक, अब ये पब्लिकेशन हाउस हुआ तैयार
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने अपने दिवंगत पिता राजीव गांधी के जन्मदिन पर इस किताब का कवर पेज सोशल मीडिया पर साझा किया था
प्रकाशन कंपनी हार्पर कॉलिन्स इंडिया ने कहा है कि वह सोनिया गांधी की किताब 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ़ लव' को भारत में प्रकाशित करेगा.
यह संस्मरण भारत में 10 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगा. इस किताब के छपने का इंतज़ार लंबे समय से किया जा रहा है.
हार्पर कॉलिन्स इंडिया ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "हमारे समय के सबसे चर्चित राजनीतिक संस्मरणों में से एक 'बिलॉन्गिंग' प्रेम, पहचान, कर्तव्य और अपनेपन की एक भावनात्मक और बेहद निजी कहानी है. यह भारत की यात्रा का एक दुर्लभ अंदरूनी नजरिया भी पेश करता है."
इससे पहले अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने एक रिपोर्ट में यह दावा किया था कि पैंगुइन रैंडम हाउस इंडिया इस किताब के प्रकाशन से पीछे हट गई है.
अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक़, प्रकाशक ने सोनिया गांधी से किताब के कुछ हिस्सों को संपादित करने और हटाने के लिए कहा था जिससे उन्होंने इनकार कर दिया.
सोनिया गांधी की इस किताब को लेकर प्रकाशन कंपनी पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने बयान जारी कर कहा था कि वो भारत में इस किताब की प्रकाशक नहीं है.
पेंगुइन ने अपने बयान में कहा, "तथ्य की जांच करना और लेखक को ऐसी सिफ़ारिशें देना जो किताब और लेखक दोनों के हित में हो, एक प्रकाशक के रूप में हमारा विशेषाधिकार और ज़िम्मेदारी दोनों है."
इस किताब को अमेरिका में अल्फ्रेड ए नॉफ़ और ब्रिटेन में विलियम कॉलिन्स प्रकाशित करेंगे.
स्वतंत्र भारद्वाज मामले में सीजेपी ने कहा, 'अपराधी के क़बूलनामे पर भी पुलिस ख़ामोश- ये देश के लिए शर्मनाक'
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इमेज कैप्शन, सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका संसद मार्ग थाने पहुंचे हैं
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका निशु आज़ाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग को लेकर नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे.
आशुतोष रांका ने कहा, "जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हमारी साथी निशु के पिता संजय जी के साथ मारपीट हुई. उनका सिर फोड़ा गया. यह घटना खुलेआम हुई."
"सौरव और हमारी पूरी टीम लगातार दिल्ली पुलिस से मांग करती रही कि इन गुंडों को गिरफ़्तार कीजिए, इन पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाइए, लेकिन दिल्ली पुलिस सोती रही."
उन्होंने कहा, "अब देश की राजधानी में हालत ऐसे हो गए हैं. वो ख़ुद क़बूल कर रहे हैं कि उस पर अटेम्ट टू मर्डर (हत्या के प्रयास) का केस बनता था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने कपिल मिश्रा और बीजेपी के गुंडों की शह पर कुछ नहीं किया."
आशुतोष रांका ने आरोप लगाया, "यह देश के लिए शर्मनाक दिन है. हम दिल्ली पुलिस से मांग करते हैं कि इन गुंडों को गिरफ़्तार किया जाए और उन पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया और इन पर जितनी संगीन धाराएं लगाई जा सकती हैं, वो लगाई जाएं."
बिहार: पटना से लेकर मुंगेर तक कई इलाक़े बाढ़ में डूबे, देखिए तस्वीरें
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इमेज कैप्शन, पटना के बिंद टोली में बाढ़ के पानी से होकर गुज़रती स्कूली छात्राएं
बिहार की राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ की स्थिति लगातार बिगड़ रही है. यही हाल राज्य के मुंगेर समेत कई और ज़िलों का है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ पटना सिटी के कई घाटों के बाद अब श्मशान घाटों तक भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है. अंतिम संस्कार के लिए वहां पहुंच रहे लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
यहां मालसलामी, दीदारगंज और चौक इलाकों के साथ ही गायघाट, कंगन घाट, पत्थर घाट, डमराही घाट, नूरगंज घाट, पीरदमरिया घाट, बुंदेल टोली और रिकाबगंज घाट के आसपास की सड़कों पर बाढ़ का पानी पहुंच गया है. कई इलाकों में पानी घरों में भी घुस गया है.
वहीं मुंगेर ज़िले में गंगा नदी का जलस्तर ख़तरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. यहां कई इलाक़े में घर गंगा के पानी में डूब गए हैं.
मुंगेर के डीएम (ज़िलाधिकारी) निखिल धनराज ने बताया है कि प्रभावित इलाक़ों में नाव और मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं.
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इमेज कैप्शन, गंगा और सोन नदी का जलस्तर बढ़ने से पटना के दानापुर और मनेर इलाक़े की कई इमारतों में पानी भर गया है, यह मनेर के एक स्कूल की तस्वीर है
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इमेज कैप्शन, पटना के निचले इलाक़ों में पानी भरने से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं
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इमेज कैप्शन, मुंगेर में गंगा नदी ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही है. वहां निचले इलाक़ों में घर पानी में डूबे नज़र आ रहे हैं
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इमेज कैप्शन, मुंगेर के डीएम (ज़िलाधिकारी) निखिल धनराज ने कहा है कि गंगा में जलस्तर काफ़ी बढ़ रहा है जिससे 7 पंचायतें प्रभावित हुई हैं
पाकिस्तान ने नरोवाल में 'हिंदू मंदिर गिराने' के भारत के आरोपों पर ये कहा
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक़ डार (सांकेतिक तस्वीर)
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अड्डा सिराज में नरोवाल स्थित हिंदू मंदिर को गिराए जाने को लेकर भारत के आरोपों को ख़ारिज किया है. इस मुद्दे पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर ख़ान ने कहा, "भारत की ओर से फैलाए जा रहे झूठे प्रचार के विपरीत, मंदिर की इमारत को 21 जुलाई 2026 को भारी बारिश के कारण नुक़सान पहुंचा था."
बयान में कहा गया, "स्थानीय अधिकारियों ने बारिश से हुए नुक़सान का सर्वे पहले ही कर लिया है और इमारत की मरम्मत के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. इसलिए यह शर्मनाक है कि भारत तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है और सस्ती चालों का सहारा ले रहा है."
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा, "दुनिया हिंदुत्व की विचारधारा के जरिए अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने से अच्छी तरह वाकिफ है. उसे मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदायों के उत्पीड़न के लिए भारतीय नेतृत्व को जवाबदेह ठहराना चाहिए."
इस मुद्दे पर बुधवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान जारी कर कहा था, "हमने पाकिस्तान के नरोवाल के सिराज गांव में एक ऐतिहासिक हिंदू मंदिर को नष्ट किए जाने की परेशान करने वाली ख़बरों पर गंभीर चिंता जताई है."
"हम अल्पसंख्यक समुदाय के 100 साल पुराने पूजा स्थल में की गई इस निंदनीय तोड़फोड़ की स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं."
बयान के अनुसार, "ऐसी घटनाएं इस बात की साफ़ याद दिलाती हैं कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय लगातार असुरक्षित हैं और उनकी धार्मिक आज़ादी और पूजा स्थलों का गंभीर उल्लंघन हो रहा है."
होर्मुज़ स्ट्रेट में दक्षिण कोरिया की सेना भेजने की तैयारी- रिपोर्ट
इमेज कैप्शन, ईरान-अमेरिका संघर्ष की वजह से होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही चुनौती बनी हुई है (सांकेतिक तस्वीर)
दक्षिण कोरियाई मीडिया के मुताबिक़ देश की सरकार "होर्मुज़ स्ट्रेट में शिपिंग की आज़ादी" का समर्थन करने के लिए उपकरण और सैन्य बल भेजने की तैयारी कर रही है और इस मिशन को इस साल शुरू करने की योजना बना रही है.
ईरान की महत्वपूर्ण सैन्य विंग 'ख़ातम अल-अनबिया' सेंट्रल हेडक्वार्टर के आधिकारिक प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फ़ग़ारी ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया एक्स पर टिप्पणी की है.
उन्होंने लिखा, "दक्षिण कोरिया अब शिपिंग की आज़ादी का समर्थन करने के लिए होर्मुज़ स्ट्रेट में सेना भेजने पर विचार कर रहा है. उसके विकल्पों में समुद्री गश्ती विमान, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट पोत या समुद्री बारूदी सुरंगों का पता लगाने और उन्हें हटाने वाली यूनिट शामिल हैं."
उन्होंने आगे लिखा, "दक्षिण कोरिया ने पहले कहा था कि वह अमेरिका-ईरान युद्ध ख़त्म होने के बाद ही तैनाती पर विचार करेगा. यह बदलाव तब आया है जब ट्रंप ने अमेरिकी युद्ध प्रयासों का समर्थन नहीं करने के लिए दक्षिण कोरिया की आलोचना की."
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया है कि दक्षिण कोरियाई मीडिया में सरकारी और सैन्य सूत्रों का हवाला देते हुए कहा गया है कि कि इस तैनाती के लिए संसदीय मंजूरी के लिए ज़रूरी कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं.
इन रिपोर्टों के अनुसार, कैबिनेट में योजना की समीक्षा करने के बाद, सरकार इस महीने संसद की अनुमति पाने के लिए औपचारिक अनुरोध पेश करने की योजना बना रही है.
दक्षिण कोरियाई सेना की संभावित तैनाती ऐसे समय में होर्मुज़ स्ट्रेट में सुरक्षा तनाव और कमर्शियल जहाज़ों पर हमलों में हाल के हफ़्तों में बढ़ोतरी के साथ सामने आई है.
कई देश इस रणनीतिक जलमार्ग में जहाज़ों की सुरक्षा में शामिल होकर इसके तरीके तलाश रहे हैं.
दक्षिण कोरियाई सरकार के अधिकारियों ने अभी तक इन रिपोर्टों पर आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
ईरान का दावा, 'हमने नागरिक नहीं सिर्फ़ सैन्य ठिकानों को ही टारगेट किया'
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इमेज कैप्शन, इस्माइल बगाई ने कहा है कि ईरान ने अपने हमलों में आम लोगों से जुड़े ठिकानों को निशाना नहीं बनाया
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने दावा किया कि ईरान के हमले क्षेत्र के देशों में ख़ास तौर पर सैन्य लक्ष्यों के ख़िलाफ़ थे और ईरान नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बना रहा है.
उन्होंने क़तर की एक आधिकारिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह दावा किया है.
बगाई ने कहा कि क्षेत्र के देशों पर ईरान के सभी सैन्य हमले "सैन्य लक्ष्यों" को निशाना बनाकर किए गए हैं.
बगाई ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "क़तर सरकार ने इंटरनेशनल टेलीकम्यूनिकेशन यूनियन (आईटीयू) को पेश किए गए एक आधिकारिक दस्तावेज में पुष्टि की है कि क़तर की धरती पर तैनात अमेरिकी फ़ोर्स के ख़िलाफ़ ईरान के रक्षात्मक हमले विशेष रूप से 'अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों' को निशाना बना रहे थे."
उन्होंने लिखा, "कतर की ओर से दावा किया गया एकमात्र अपवाद 18 मार्च को एक गैस संयंत्र पर हमला था. लेकिन इस मामले में भी, हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि वह संयंत्र उस समय ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका के आक्रामक अभियानों की मदद कर रहा था."
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमेरिकी हवाई हमलों का ज़िक्र करते हुए दावा किया कि उनके देश ने "अमेरिकी सेना के विपरीत" नागरिक ठिकानों को नुक़सान नहीं पहुंचाया है."
"इस तथ्य की स्कूलों, अस्पतालों, आवासीय क्षेत्रों, शादियों, पुलों और अन्य चीजों पर अमेरिकी हमलों से तुलना करें."
नेपाल: बचाव कार्य में लगे विशेषज्ञ ने कहा, 'सुरंग के अंदर से लोगों की आवाज़ें सुनी गईं'
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इमेज कैप्शन, नेपाल में पिछले सप्ताह बुधवार को विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों के संख्या 1200 से ज़्यादा हो गई है
बीबीसी नेपाली के मुताबिक़ त्रिशूली 3-ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में बचाव कार्य में लगे विशेषज्ञ श्रीराम नेउपाने ने सोशल मीडिया पर लिखा है, "यह पुष्टि हो गई है कि अंदर से एक से अधिक लोगों की आवाजें सुनी गईं."
श्रीराम नेउपाने नेपाल के सांसद भी हैं.
उन्होंने फेसबुक पर एक संक्षिप्त पोस्ट में कहा, "जब बचाव दल ने कहा, 'घबराओ मत, हम बचा रहे हैं,' तो अंदर से जवाब 'हां' था."
उन्होंने पहले लिखा था कि यह जानकारी बचाव कार्य में लगी सेना से मिली.
नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के जॉइंट मैनेजर सुरेश राउत ने बीबीसी नेपाली को बताया है कि त्रिशूली 3ए प्रोजेक्ट की सुरंग के अंदर फंसे हुए लोगों की आवाज़ें सुनाई देने की सूचना मिली है.
राउत ने कहा, "खोज और बचाव अभियान का नेतृत्व करने वाले सेना के कर्नल गंगा बराल ने हमें सूचित किया कि अंदर से आवाज़ आ रही थी."
नेपाली सेना ने बीबीसी न्यूज नेपाली को बताया कि बचावकर्मी सुरंग से 100 मीटर की दूरी तक पहुंच गए हैं, लेकिन उन्हें अभी भी मलबे से बचते हुए आगे बढ़ना पड़ रहा है.
इससे पहले श्रीराम नेउपाने ने आज सुबह एक अन्य पोस्ट में लिखा, "नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल का बचाव दल सुरंग में प्रवेश कर चुका है और बचाव अभियान तेज कर रहा है. सुरंग के अंदर से लोगों की आवाज़ें सुनाई देने की सूचना एक उम्मीद की किरण है."
उन्होंने लिखा, "मैं कल शाम तक घटनास्थल पर इंजीनियर के रूप में बचाव और खोज अभियान में शामिल था."
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने राज्य सभा सांसद राघव चड्ढा को क्यों दी 'बधाई'
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इमेज कैप्शन, पी चिदंबरम ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने भारत के 10% लोगों के वोट डालने के अधिकार ख़त्म कर दिए (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को 'बधाई' दी है. उन्होंने एसआईआर को लेकर यह तंज किया है.
चिदंबरम ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "कल मैंने अपने दोस्त राघव चड्ढा को भारत का नॉन वोटिंग सिटिज़न (गैर-मतदाता नागरिक) बनने पर बधाई दी. वह अकेले नहीं हैं. भारत की वयस्क आबादी के पूरे 10 प्रतिशत लोगों को चुनाव आयोग ने नॉन- वोटिंग सिटिज़न (वोट न दे पाने वाले नागरिक) घोषित कर दिया है."
इससे पहले बीजेपी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया था.
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''मैं पंजाब से राज्यसभा का मौजूदा सांसद हूं और मेरा वोटर आईडी पंजाब के मोहाली में रजिस्टर्ड है. इसके बावजूद ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट में मेरे नाम के सामने ‘शिफ़्टेड’ लिखा गया है.''
''सौभाग्य से ये अभी ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट हैं. अंतिम वोटर लिस्ट नहीं.''
वहीं आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों पर कहा, ''राघव चड्ढा को एक राष्ट्रीय दैनिक अंग्रेज़ी अख़बार ने दिल्ली में अपना वोटर रजिस्ट्रेशन पिछली तारीख से कराने की कोशिश करते हुए पकड़ा है. अब वह इसका पूरा दोष आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार पर डालने की कोशिश कर रहे हैं.''
आप ने कहा, ''एसआईआर चुनाव आयोग कराता है, राज्य सरकार नहीं. इसलिए वोटर लिस्ट में किसका नाम शामिल होगा या किसका नाम हटाया जाएगा, इसमें पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं है."
"यह सार्वजनिक रिकॉर्ड में है कि राघव चड्ढा पंजाब में नहीं, बल्कि दिल्ली में रह रहे हैं.''
दरअसल राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी के नेता थे, उन्हें आप ने ही राज्यसभा भेजा था. लेकिन इसी साल अप्रैल महीने में उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी को छोड़कर बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की थी.
अमेरिका पर शादी समारोह में हमले का आरोप, जेडी वेंस ने कहा, 'ईरानी दावों पर संदेह'
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इमेज कैप्शन, हमला मंगलवार रात को दक्षिणी ईरान के तटीय शहर में हुआ, जो होर्मुज़ स्ट्रेट के किनारे स्थित है
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका उस हवाई हमले की जांच कर रहा है, जिसके बारे में ईरान का कहना है कि इसमें सिरिक में एक शादी समारोह को निशाना बनाया गया था.
वेंस ने कहा, "हम इसकी जांच कर रहे हैं, क्योंकि हम इस घटना को लेकर चिंतित हैं. हम जानना चाहते हैं कि आखिर हुआ क्या था."
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी सेना से कोई ग़लती होती है, तो अमेरिका उसकी जांच करता है और उससे सीखने की कोशिश करता है.
उन्होंने कहा, "हम इसकी जांच कर रहे हैं. लेकिन इस पूरे संघर्ष के दौरान ईरान की सरकारी मीडिया ने घटनाओं की हमेशा भरोसेमंद जानकारी नहीं दी है. इसलिए मुझे इस दावे पर काफी संदेह है."
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक़, दक्षिणी ईरान में एक शादी समारोह के दौरान हुए अमेरिकी हमले में पांच लोगों की मौत हुई और क़रीब 70 लोग घायल हुए. घायलों में एक बच्चा और तीन महिलाएं भी शामिल हैं.
यह हमला मंगलवार रात दक्षिणी ईरान के तटीय शहर सिरिक के पास हुआ था. यह इलाका होर्मुज़ स्ट्रेट के किनारे स्थित है.
अंतरिक्ष में पहुंचा भारत का ईओएस-05 सैटेलाइट, जानिए क्या है ख़ास
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इमेज कैप्शन, ईओएस-05 एक अत्याधुनिक पृथ्वी अवलोकन (अर्थ ऑब्ज़र्वेशन) सैटेलाइट है
जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट ने ईओएस-05 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक उसकी तय कक्षा में पहुंचा दिया है.
यह जीएसएलवी की 19वीं उड़ान थी. इसरो के मुताबिक़, इस मिशन में 4 मीटर व्यास वाले कंपोजिट पेलोड फेयरिंग का इस्तेमाल किया गया.
ईओएस-05 एक अर्थ ऑब्ज़र्वेशन सैटेलाइट है. यानी इसका काम अंतरिक्ष से पृथ्वी की तस्वीरें लेना और उसकी निगरानी करना है.
इस मिशन की सबसे खास बात यह है कि ईओएस-05 भारत का पहला ऐसा इमेजिंग सैटेलाइट है, जो जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से तस्वीरें लेगा.
आसान भाषा में कहें तो यह सैटेलाइट पृथ्वी से हज़ारों किलोमीटर की ऊंचाई पर ऐसी कक्षा में रहेगा, जहां से यह एक बड़े इलाके पर लगातार नजर रख सकता है.
आम तौर पर कम ऊंचाई वाली कक्षाओं में घूमने वाले सैटेलाइट किसी इलाके के ऊपर से गुजरते समय तस्वीर लेते हैं. ईओएस-05 की कक्षा उसे किसी इलाके को ज्यादा लगातार देखने की क्षमता देती है.
इसमें अलग-अलग तरह के सेंसर हैं, जो विजिबल, इंफ्रारेड, मल्टी-स्पेक्ट्रल और हाइपर-स्पेक्ट्रल तस्वीरें लेने में मदद करेंगे.
भारत के पास पहले से कई अर्थ-ऑब्ज़र्वेशन सैटेलाइट हैं. लेकिन ईओएस-05 की खासियत यह है कि इसे जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से इमेजिंग के लिए बनाया गया है. यही इसे महत्वपूर्ण बनाता है.
कम ऊंचाई पर घूमने वाले सैटेलाइट किसी जगह की तस्वीर लेने के बाद आगे निकल जाते हैं और कुछ समय बाद फिर उसी इलाके के ऊपर आते हैं.
जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में मौजूद सैटेलाइट एक बड़े इलाके को लगातार देख सकता है. इससे मौसम, प्राकृतिक आपदाओं और बड़े स्तर पर होने वाले बदलावों की निगरानी में मदद मिल सकती है.
इस लॉन्चिंग के बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर लिखा, "यह जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से इमेजिंग करने वाला भारत का पहला सैटेलाइट है. यह विजिबल, इंफ्रारेड, मल्टी-स्पेक्ट्रल और हाइपर-स्पेक्ट्रल बैंड में उन्नत इमेजिंग की सुविधा देगा."
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