लाइव, बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के भाई पर हमला, पटना एम्स में भर्ती
बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के भाई विजेंद्र नाथ तिवारी पर रविवार शाम उनके घर के बाहर धारदार हथियार से हमला हुआ. पुलिस के मुताबिक़ यह हमला ज़मीन विवाद के कारण हुआ.
बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के भाई पर हमला, पटना एम्स में भर्ती, सीटू तिवारी, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, पुलिस ने बताया कि अभिनेता पंकज त्रिपाठी के भाई पर ज़मीन विवाद के कारण हमला हुआ (प्रतीकात्मक तस्वीर)
बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के भाई विजेंद्र नाथ तिवारी पर रविवार शाम उनके घर के बाहर धारदार हथियार से हमला हुआ. पुलिस के मुताबिक़ यह हमला ज़मीन विवाद के कारण हुआ.
हमले में घायल विजेंद्र नाथ तिवारी को पहले गोपालगंज सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें पटना एम्स रेफ़र कर दिया. फ़िलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.
गोपालगंज के एसडीपीओ सदर-2 राजेश कुमार ने बीबीसी को बताया, “हमले में एक व्यक्ति शामिल था जिसकी गिरफ़्तारी हो चुकी है. यह विवाद ज़मीन को लेकर हुआ था.”
पंकज त्रिपाठी मूल रूप से गोपालगंज के रहने वाले हैं. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विजेंद्र नाथ तिवारी उनके सगे भाई हैं या रिश्तेदारी में आते हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर जॉर्जिया मेलोनी पर निशाना साधा
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच हाल ही में विवाद सामने आया था. इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर मेलोनी की आलोचना की है.
ट्रंप ने कहा कि हम इटली की दशकों से रक्षा करते आए हैं, लेकिन जब परीक्षा की घड़ी आती है तो वह हमारे साथ नहीं होता.
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर सोमवार को लिखा, "नेटो पर खरबों डॉलर खर्च करने के बाद भी इटली और उसकी प्रधानमंत्री ईरान के परमाणु ख़तरे को लेकर हमारे साथ खड़े होने की सोच भी नहीं रखते."
उन्होंने लिखा, "दशकों से हम उनकी रक्षा करते हैं, लेकिन जब परीक्षा का वक़्त आता तो वे हमारी और दुनिया की रक्षा के लिए मौजूद नहीं होते. यह अच्छा नहीं है."
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब ट्रंप ने एक इतालवी टीवी चैनल से कहा कि जी-7 शिखर सम्मेलन में मेलोनी ने उनके साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए 'मिन्नत' की थी.
उनके इस बयान पर विवाद इतना बढ़ गया कि इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तायानी ने इस सप्ताहांत अपनी अमेरिका की यात्रा रद्द कर दी.
मेलोनी ने बीते शुक्रवार एक वीडियो जारी कर कहा कि उन्हें ट्रंप के बयान से 'हैरानी' हुई और ये टिप्पणियां 'पूरी तरह मनगढ़ंत' हैं.
क़तर के गैस प्लांट में बड़ा धमाका, 54 घायल हुए और 18 लोग लापता
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इमेज कैप्शन, क़तर की रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी (फ़ाइल फ़ोटो)
क़तर के रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी में स्थित एक गैस प्लांट में बड़ा धमाका हो गया. इस हादसे में 54 लोग घायल हुए और 18 लोग लापता हैं.
क़तर प्रशासन के अनुसार रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी में एक धमाका हुआ और फिर बड़े पैमाने पर आग लग गई. कंपनी ने कहा कि इमरजेंसी टीमें तुरंत मौके पर भेजी गईं और थोड़े समय बाद आग पर क़ाबू पा लिया गया.
क़तर के गृह मंत्रालय ने बयान में कहा कि धमाके में 54 लोग घायल हुए हैं, जबकि 18 लोग लापता हैं और उनकी तलाश की जा रही है.
मंत्रालय के अनुसार, धमाका एक 'तकनीकी हादसे' की वजह से हुआ. इससे गैस का कोई ऐसा रिसाव नहीं हुआ, जो आम लोगों की सुरक्षा के लिए ख़तरा बने.
गृह मंत्रालय ने कहा, "क़तर इंटरनेशनल सर्च एंड रेस्क्यू ग्रुप, सिविल डिफ़ेंस टीमों के साथ मिलकर लापता लोगों की तलाश कर रहा है."
यह नहीं बताया गया कि धमाके से उस प्लांट को कोई नुकसान हुआ या नहीं, जो क़तर के घरेलू बाज़ार में गैस सप्लाई करता है.
इस बीच एक चश्मदीद ने रॉयटर्स को बताया कि धमाके की तेज़ आवाज़ राजधानी दोहा में भी सुनी गई.
मध्य पूर्व के देशों की यात्रा पर जाएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री, इन मुद्दों पर होगी चर्चा
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बताया है कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो दो दिन की मध्य पूर्व यात्रा पर जाने वाले हैं.
मंत्रालय के मुताबिक़, 23 जून से शुरू होने वाली इस यात्रा के दौरान रुबियो संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत और बहरीन जाएंगे.
इस यात्रा के दौरान रुबियो कई क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिनमें अमेरिका और ईरान का समझौता भी शामिल है.
इसके अलावा, होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर भी बातचीत करेंगे.
अमेरिकी विदेश मंत्री बहरीन में खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्यों से भी मिलेंगे और वहां मौजूद देशों के साथ मिलकर ज़रूरी मुद्दों पर बात करेंगे.
दूसरी ओर, स्विट्ज़रलैंड में ईरान और अमेरिका की बातचीत का पहला सत्र खत्म हो गया है. इसके बारे में पाकिस्तान और क़तर ने जानकारी साझा की है.
अमेरिका से बातचीत के बीच ईरानी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान की तारीफ़ में क्या कहा
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इमेज कैप्शन, अमेरिका और ईरान की बातचीत में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ बतौर मध्यस्थ शामिल हुए हैं
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि पाकिस्तान और क़तर की लगातार कोशिशों से लेबनान में लड़ाई खत्म करने में बड़ी प्रगति हुई है.
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान ने बताया है कि स्विट्ज़रलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का पहला राउंड ख़त्म हो गया है.
पाकिस्तान और क़तर ने बतौर मध्यस्थ एक साझा बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है एक हाई लेवल कमेटी बनाई जाएगी, जो पूरी बातचीत पर नज़र बनाए रखेगी.
बयान में बताया गया, "वार्ताकार इस कमेटी को लगातार रिपोर्ट देंगे. साथ ही, अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी, जो ख़ास मुद्दों पर काम करेंगी- जैसे परमाणु कार्यक्रम, ईरान पर लगे प्रतिबंध, निगरानी और विवाद सुलझाने के तरीक़े."
दोनों देशों ने अपने साझा बयान में जानकारी दी कि सब देशों ने मिलकर तय किया कि एक 'डी-कॉन्फ्लिक्शन' सेल बनाई जाएगी. इसमें लेबनान भी शामिल होगा, इसे क़तर और पाकिस्तान जैसे मध्यस्थ देश चलाएंगे.
अब्बास अराग़ची ने इस बयान को सोशल मीडिया पर रिपोस्ट करते हुए लिखा, "पाकिस्तान और क़तर की लगातार कोशिशों से लेबनान युद्ध ख़त्म करने में बड़ी प्रगति हुई है. तेल और पेट्रोकेमिकल बेचने पर लगी रोक हटा दी गई है, नाकेबंदी ख़त्म कर दी गई है, कुछ फ़्रीज़ हुई संपत्ति वापस कर दी गई है और ईरान के लिए बड़े पुनर्निर्माण और डेवलपमेंट प्लान कर दिए गए हैं."
उन्होंने आगे लिखा, "लेकिन पहला और असली इम्तिहान है लेबनान डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल."
उल्लेखनीय है कि डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल का काम यह देखना होगा कि लेबनान में लड़ाई बंद करने का जो समझौता हुआ है, उसका सही पालन हो.
विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026: साउथ अफ़्रीका ने भारत को हराया, प्वाइंट्स टेबल में इस स्थान पर पहुंची टीम
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इमेज कैप्शन, भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट गंवाकर 158 रन बनाए (फ़ोटो: हरमनप्रीत कौर)
भारत को विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में पहली दफ़ा हार का सामना करना पड़ा है.
इंग्लैंड के मैनचेस्टर में रविवार को हुए मुक़ाबले में साउथ अफ़्रीका ने भारतीय टीम के ख़िलाफ़ 6 विकेट से जीत दर्ज की.
भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट गंवाकर 158 रन बनाए.
शेफ़ाली वर्मा ने सिर्फ़ 15 गेंदों में 31 रन बनाए. स्मृति मंधाना ने 12 गेंदों में 17 रन बनाए. भारत ने पावरप्ले के दौरान 59 रन बनाए.
जवाबी पारी में साउथ अफ़्रीका ने 19.1 ओवर में 4 विकेट खोकर स्कोर चेज़ कर लिया.
साउथ अफ़्रीका के लिए मारिजान कैप ने 45 गेंदों में नाबाद 81 रन की पारी खेली. कैप ने गेंदबाज़ी करते हुए भी दो विकेट लिए थे. उन्हें प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया.
भारत प्वाइंट्स टेबल में दो जीत के साथ चार अंक लेकर दूसरे स्थान पर है.
पाकिस्तान ने बताया स्विट्ज़रलैंड में ईरान-अमेरिका की बातचीत में क्या तय हुआ
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इमेज कैप्शन, क़तर और पाकिस्तान ने साझा बयान जारी किया है (फ़ोटो: शहबाज़ शरीफ़)
स्विट्ज़रलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता चल रही है. क़तर और पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. इस बैठक को 'लेक ल्यूसर्न समिट' कहा जा रहा. अब इसको लेकर क़तर और पाकिस्तान ने एक साझा बयान जारी किया.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किए गए इस बयान में कहा गया है कि उच्च स्तरीय वार्ता का पहला सत्र खत्म हो गया है.
साझा बयान में बताया गया है, "समझौते के आधार पर सबने मिलकर तय किया कि एक हाई लेवल कमेटी बनाई जाएगी. यह कमेटी पूरी बातचीत पर नज़र रखेगी और देखेगी कि सब सही दिशा में चल रहा है. वार्ताकार इस कमेटी को लगातार रिपोर्ट देंगे. साथ ही, अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी, जो ख़ास मुद्दों पर काम करेंगी- जैसे परमाणु कार्यक्रम, ईरान पर लगे प्रतिबंध, निगरानी और विवाद सुलझाने के तरीक़े."
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किया गया बयान
बयान में आगे कहा गया है, "यह तय किया गया है कि अगले 60 दिनों में अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए एक योजना (रोडमैप) बनाई जाएगी. इस रोडमैप के आधार पर तुरंत तकनीकी बातचीत शुरू होगी. सभी पक्षों के बीच एक सीधी बातचीत की लाइन (कम्युनिकेशन लाइन) बनाई गई है. इसका मक़सद है कि कोई ग़लतफ़हमी या टकराव न हो और जहाज़ों को होर्मुज़ स्ट्रेट से सुरक्षित तरीक़े से गुज़रने दिया जा सके."
दोनों देशों ने अपने साझा बयान में जानकारी दी कि सब देशों ने मिलकर तय किया कि एक 'डी-कॉन्फ्लिक्शन' सेल बनाई जाएगी.
इसमें लेबनान भी शामिल होगा, इसे क़तर और पाकिस्तान जैसे मध्यस्थ देश चलाएंगे. इसका काम यह देखना होगा कि लेबनान में लड़ाई बंद करने का जो समझौता हुआ है, उसका सही पालन हो.
डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर ईरानी संसद के स्पीकर ग़ालिबाफ़ ने दी कड़ी प्रतिक्रिया, माया डेविस, मैलोरी मोएंच और बीबीसी वेरिफ़ाई
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इमेज कैप्शन, ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़
अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए स्विट्ज़रलैंड में बातचीत चल रही है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी, जिस पर ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ की प्रतिक्रिया भी आई है.
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा, "अगर ईरान ने लेबनान में इसराइल से लड़ रहे हिज़्बुल्लाह को नहीं रोका तो अमेरिका हमला करेगा."
ईरान ने इस चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह लड़ने के लिए तैयार है.
ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने ट्रंप का जवाब देते हुए कहा, "क्या उन्हें लगता है कि अगर उनकी धमकियों का कोई असर होता, तो वो आज इस हालत में होते? चाहे वो जितनी बातें करें, असली कार्रवाई हम ही करते हैं."
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच बीते हफ़्ते साइन हुई डील में यह शर्त थी कि लेबनान समेत हर मोर्चे पर युद्ध रोकना होगा. हालांकि, इसके बावजूद दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह और इसराइली सेना के बीच लड़ाई तेज़ हो गई है.
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, इसराइल के हवाई हमलों में दर्जनों लेबनानी नागरिक मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.
इस बढ़ते तनाव के चलते अमेरिका ने शुक्रवार को इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच नया युद्धविराम घोषित किया. लेकिन झड़पें और हवाई हमले जारी रहने पर ईरान ने शनिवार को कहा कि उसने होर्मुज़ स्ट्रेट बंद कर दिया है. हालांकि, जहाज़ों की आवाजाही के आंकड़े बताते हैं कि वहां से जहाज़ गुजर रहे हैं.
दूसरी ओर, रविवार रात अमेरिकी राजनयिक ने बताया कि स्विट्ज़रलैंड में दोनों पक्षों की चर्चा का मक़सद ईरान की उलझन भरी बातों को साफ़ करना है. इसमें होर्मुज़ स्ट्रेट खोलना, लेबनान में लड़ाई रोकना और परमाणु समझौते के कुछ हिस्से शामिल हैं.