लाइव, मध्य पूर्व के देशों की यात्रा पर जाएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बताया है कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो दो दिन की मध्य पूर्व यात्रा पर जाने वाले हैं.

सारांश

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  • नीट (यूजी) 2026 की दोबारा परीक्षा हुई
  • पीएम मोदी ने कोलकाता में मनाया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
  • प्रदर्शनकारियों का जंतर-मंतर से हटने से इनकार
  • समंदर नीला क्यों दिखाई देता है
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  • भाई- बहन

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा

  1. मध्य पूर्व के देशों की यात्रा पर जाएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

    मार्को रुबियो

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बताया है कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो दो दिन की मध्य पूर्व यात्रा पर जाने वाले हैं.

    मंत्रालय के मुताबिक़, 23 जून से शुरू होने वाली इस यात्रा के दौरान रुबियो संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत और बहरीन जाएंगे.

    इस यात्रा के दौरान रुबियो कई क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिनमें अमेरिका और ईरान का समझौता भी शामिल है.

    इसके अलावा, होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर भी बातचीत करेंगे.

    अमेरिकी विदेश मंत्री बहरीन में खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्यों से भी मिलेंगे और वहां मौजूद देशों के साथ मिलकर ज़रूरी मुद्दों पर बात करेंगे.

    दूसरी ओर, स्विट्ज़रलैंड में ईरान और अमेरिका की बातचीत का पहला सत्र खत्म हो गया है. इसके बारे में पाकिस्तान और क़तर ने जानकारी साझा की है.

  2. अमेरिका से बातचीत के बीच ईरानी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान की तारीफ़ में क्या कहा

    अब्बास अराग़ची

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका और ईरान की बातचीत में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ बतौर मध्यस्थ शामिल हुए हैं

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि पाकिस्तान और क़तर की लगातार कोशिशों से लेबनान में लड़ाई खत्म करने में बड़ी प्रगति हुई है.

    यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान ने बताया है कि स्विट्ज़रलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का पहला राउंड ख़त्म हो गया है.

    पाकिस्तान और क़तर ने बतौर मध्यस्थ एक साझा बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है एक हाई लेवल कमेटी बनाई जाएगी, जो पूरी बातचीत पर नज़र बनाए रखेगी.

    बयान में बताया गया, "वार्ताकार इस कमेटी को लगातार रिपोर्ट देंगे. साथ ही, अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी, जो ख़ास मुद्दों पर काम करेंगी- जैसे परमाणु कार्यक्रम, ईरान पर लगे प्रतिबंध, निगरानी और विवाद सुलझाने के तरीक़े."

    दोनों देशों ने अपने साझा बयान में जानकारी दी कि सब देशों ने मिलकर तय किया कि एक 'डी-कॉन्फ्लिक्शन' सेल बनाई जाएगी. इसमें लेबनान भी शामिल होगा, इसे क़तर और पाकिस्तान जैसे मध्यस्थ देश चलाएंगे.

    अब्बास अराग़ची ने इस बयान को सोशल मीडिया पर रिपोस्ट करते हुए लिखा, "पाकिस्तान और क़तर की लगातार कोशिशों से लेबनान युद्ध ख़त्म करने में बड़ी प्रगति हुई है. तेल और पेट्रोकेमिकल बेचने पर लगी रोक हटा दी गई है, नाकेबंदी ख़त्म कर दी गई है, कुछ फ़्रीज़ हुई संपत्ति वापस कर दी गई है और ईरान के लिए बड़े पुनर्निर्माण और डेवलपमेंट प्लान कर दिए गए हैं."

    उन्होंने आगे लिखा, "लेकिन पहला और असली इम्तिहान है लेबनान डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल."

    उल्लेखनीय है कि डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल का काम यह देखना होगा कि लेबनान में लड़ाई बंद करने का जो समझौता हुआ है, उसका सही पालन हो.

  3. विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026: साउथ अफ़्रीका ने भारत को हराया, प्वाइंट्स टेबल में इस स्थान पर पहुंची टीम

    हरमनप्रीत कौर

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    इमेज कैप्शन, भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट गंवाकर 158 रन बनाए (फ़ोटो: हरमनप्रीत कौर)

    भारत को विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में पहली दफ़ा हार का सामना करना पड़ा है.

    इंग्लैंड के मैनचेस्टर में रविवार को हुए मुक़ाबले में साउथ अफ़्रीका ने भारतीय टीम के ख़िलाफ़ 6 विकेट से जीत दर्ज की.

    भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट गंवाकर 158 रन बनाए.

    शेफ़ाली वर्मा ने सिर्फ़ 15 गेंदों में 31 रन बनाए. स्मृति मंधाना ने 12 गेंदों में 17 रन बनाए. भारत ने पावरप्ले के दौरान 59 रन बनाए.

    जवाबी पारी में साउथ अफ़्रीका ने 19.1 ओवर में 4 विकेट खोकर स्कोर चेज़ कर लिया.

    साउथ अफ़्रीका के लिए मारिजान कैप ने 45 गेंदों में नाबाद 81 रन की पारी खेली. कैप ने गेंदबाज़ी करते हुए भी दो विकेट लिए थे. उन्हें प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया.

    भारत प्वाइंट्स टेबल में दो जीत के साथ चार अंक लेकर दूसरे स्थान पर है.

  4. पाकिस्तान ने बताया स्विट्ज़रलैंड में ईरान-अमेरिका की बातचीत में क्या तय हुआ

    शहबाज़ शरीफ़

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    इमेज कैप्शन, क़तर और पाकिस्तान ने साझा बयान जारी किया है (फ़ोटो: शहबाज़ शरीफ़)

    स्विट्ज़रलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता चल रही है. क़तर और पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. इस बैठक को 'लेक ल्यूसर्न समिट' कहा जा रहा. अब इसको लेकर क़तर और पाकिस्तान ने एक साझा बयान जारी किया.

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किए गए इस बयान में कहा गया है कि उच्च स्तरीय वार्ता का पहला सत्र खत्म हो गया है.

    साझा बयान में बताया गया है, "समझौते के आधार पर सबने मिलकर तय किया कि एक हाई लेवल कमेटी बनाई जाएगी. यह कमेटी पूरी बातचीत पर नज़र रखेगी और देखेगी कि सब सही दिशा में चल रहा है. वार्ताकार इस कमेटी को लगातार रिपोर्ट देंगे. साथ ही, अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी, जो ख़ास मुद्दों पर काम करेंगी- जैसे परमाणु कार्यक्रम, ईरान पर लगे प्रतिबंध, निगरानी और विवाद सुलझाने के तरीक़े."

    साझा बयान

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किया गया बयान

    बयान में आगे कहा गया है, "यह तय किया गया है कि अगले 60 दिनों में अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए एक योजना (रोडमैप) बनाई जाएगी. इस रोडमैप के आधार पर तुरंत तकनीकी बातचीत शुरू होगी. सभी पक्षों के बीच एक सीधी बातचीत की लाइन (कम्युनिकेशन लाइन) बनाई गई है. इसका मक़सद है कि कोई ग़लतफ़हमी या टकराव न हो और जहाज़ों को होर्मुज़ स्ट्रेट से सुरक्षित तरीक़े से गुज़रने दिया जा सके."

    दोनों देशों ने अपने साझा बयान में जानकारी दी कि सब देशों ने मिलकर तय किया कि एक 'डी-कॉन्फ्लिक्शन' सेल बनाई जाएगी.

    इसमें लेबनान भी शामिल होगा, इसे क़तर और पाकिस्तान जैसे मध्यस्थ देश चलाएंगे. इसका काम यह देखना होगा कि लेबनान में लड़ाई बंद करने का जो समझौता हुआ है, उसका सही पालन हो.

  5. डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर ईरानी संसद के स्पीकर ग़ालिबाफ़ ने दी कड़ी प्रतिक्रिया, माया डेविस, मैलोरी मोएंच और बीबीसी वेरिफ़ाई

    मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़

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    इमेज कैप्शन, ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़

    अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए स्विट्ज़रलैंड में बातचीत चल रही है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी, जिस पर ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ की प्रतिक्रिया भी आई है.

    दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा, "अगर ईरान ने लेबनान में इसराइल से लड़ रहे हिज़्बुल्लाह को नहीं रोका तो अमेरिका हमला करेगा."

    ईरान ने इस चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह लड़ने के लिए तैयार है.

    ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने ट्रंप का जवाब देते हुए कहा, "क्या उन्हें लगता है कि अगर उनकी धमकियों का कोई असर होता, तो वो आज इस हालत में होते? चाहे वो जितनी बातें करें, असली कार्रवाई हम ही करते हैं."

    दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच बीते हफ़्ते साइन हुई डील में यह शर्त थी कि लेबनान समेत हर मोर्चे पर युद्ध रोकना होगा. हालांकि, इसके बावजूद दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह और इसराइली सेना के बीच लड़ाई तेज़ हो गई है.

    लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, इसराइल के हवाई हमलों में दर्जनों लेबनानी नागरिक मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.

    इस बढ़ते तनाव के चलते अमेरिका ने शुक्रवार को इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच नया युद्धविराम घोषित किया. लेकिन झड़पें और हवाई हमले जारी रहने पर ईरान ने शनिवार को कहा कि उसने होर्मुज़ स्ट्रेट बंद कर दिया है. हालांकि, जहाज़ों की आवाजाही के आंकड़े बताते हैं कि वहां से जहाज़ गुजर रहे हैं.

    दूसरी ओर, रविवार रात अमेरिकी राजनयिक ने बताया कि स्विट्ज़रलैंड में दोनों पक्षों की चर्चा का मक़सद ईरान की उलझन भरी बातों को साफ़ करना है. इसमें होर्मुज़ स्ट्रेट खोलना, लेबनान में लड़ाई रोकना और परमाणु समझौते के कुछ हिस्से शामिल हैं.

  6. नमस्कार!

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