लाइव, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- 'इसराइल को मान्यता दे सऊदी अरब तभी लागू होगा न्यूक्लियर एग्रीमेंट'

सऊदी अरब और अमेरिका के बीच समझौते का टेक्स्ट अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि सऊदी अरब ने इस शर्त को स्वीकार किया है या नहीं.

सारांश

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- 'इसराइल को मान्यता दे सऊदी अरब तभी लागू होगा न्यूक्लियर एग्रीमेंट', रॉबर्ट ग्रीनॉल

    डोनाल्ड ट्रंप

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    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और सऊदी अरब के बीच सिविल न्यूक्लियर एनर्जी समझौता तभी लागू होगा जब सऊदी अरब इसराइल को एक संप्रभु राष्ट्र के तौर पर मान्यता दे दे.

    ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, " सिविल न्यूक्लियर एनर्जी समझौते को मंजूरी दी जाएगी. यह समझौता सिर्फ़ सिविल मक़सद के लिए है. लेकिन इसकी मंजूरी पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगी कि सऊदी अरब प्रतिष्ठित और सफल अब्राहम समझौतों में शामिल होता है या नहीं."

    हालांकि, यह तुरंत साफ़ नहीं हो पाया कि इसराइल को मान्यता देने और अब्राहम समझौतों में शामिल होने की यह शर्त उस परमाणु समझौते के मूल दस्तावेज़ का हिस्सा है या नहीं.

    इस समझौते का टेक्स्ट अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है. ये भी अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि सऊदी अरब ने इस शर्त को स्वीकार किया है या नहीं.

  2. सोनिया गांधी ने कहा, 'छात्रों ने मोदी सरकार की पोल खोल कर रख दी'

    सोनिया गांधी

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    कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को कहा कि स्टूडेंट्स ने जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की है, लेकिन मोदी सरकार ने उनके साहस का जवाब "कायरता और बर्बरता" से दिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ उन्होंने कहा, ''सरकार ने छात्रों को देश के भविष्य का निर्माण करने वाले नागरिकों के बजाय राष्ट्र का दुश्मन समझकर उनके साथ व्यवहार किया है.''

    उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने भारत की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया है. उनका कहना था कि देश के छात्रों ने मोदी सरकार के दावों और दंभ की पोल खोल दी है.

    सोनिया गांधी ने कहा कि स्टूडेंट्स के साथ खड़ा होना और उनके भविष्य की रक्षा करना हमारी नैतिक, राजनीतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है.

    नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक होने बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग पर जंतर-मंतर पर युवाओं का प्रदर्शन जारी है.

    हालांकि इस मांग के समर्थन में अनशन पर बैठे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक अपना अनशन तोड़ चुके हैं.

  3. दीपेंदर हुड्डा ने क्यों कहा, 'दिल्ली यूनिवर्सिटी को शर्म आनी चाहिए'

    दीपेंदर हुड्डा

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    कांग्रेस नेता दीपेंदर हुड्डा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर स्टूडेंट्स के प्रदर्शन को दिल्ली यूनिवर्सिटी के निर्देशों की आलोचना की है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा है, ''दिल्ली विश्वविद्यालय का पूर्व छात्र और वर्तमान सांसद होने के नाते मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी के इस भ्रामक और डराने वाले बयान की कड़ी निंदा करता हूं.''

    ''सुप्रीम कोर्ट के किस फ़ैसले में यह कहा गया है कि जंतर-मंतर पर होने वाले सभी प्रदर्शन और सभाएं पूरी तरह गैरकानूनी हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय के इस बयान में ऐसा दावा किया है?''

    ''अपने स्टूडेंट्स से झूठ बोलने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय को शर्म आनी चाहिए.''

    दिल्ली यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स को निर्देश देते हुए लिखा , ''आपकी सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाली कोई भी गैरकानूनी सभा या प्रदर्शन, जो भारत के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक सख़्ती से रेगुलेटेड है, कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकते हैं.''

    ''ऐसी गतिविधियों में शामिल होने से छात्रों की व्यक्तिगत सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है.''

    ''साथ ही, इससे उनकी पढ़ाई और भविष्य के पेशेवर अवसरों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है.''

    ''इसलिए सभी स्टूडेंट्स से आग्रह है कि वे जंतर-मंतर से दूर रहें, अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और कानून का पालन करें.''

  4. डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत इन देशों पर लगाया फिर से एक और टैरिफ़, माइकल रेस, फ्रांसिस्को वेलास्केज़ (न्यूयॉर्क) और जेम्मा क्रू, बिज़नेस संवाददाता

    डोनाल्ड ट्रंप

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    अमेरिका ने अपने लगभग 60 ट्रेड पार्टनर देशों पर नया टैरिफ़ लगाने का फ़ैसला किया फैसला किया है.

    उसका कहना है कि ये देश जबरन मज़दूरी रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं. इसलिए ये टैरिफ़ लगाए जा रहे हैं.

    10 से 12.5 फ़ीसदी तक के ये टैरिफ़ अमेरिका के प्रमुख ट्रेड पार्टनर देशों के पर लागू होंगे. इनमें भारत, ब्रिटेन, चीन, यूरोपीय यूनियन, कनाडा और जापान भी शामिल हैं.

    ये टैरिफ़ शुक्रवार से लागू होंगे. इससे पहले इस साल विदेशी सामान पर लगाया गया अस्थायी 10 फ़ीसदी टैरिफ़ अब समाप्त हो रहा है.

    डोनाल्ड ट्रंप के पिछले साल दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद शुरू हुए ट्रेड वॉर में यह ताज़ा बड़ा कदम माना जा रहा है.

    इस साल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि आपातकालीन अधिकारों का इस्तेमाल करके दुनिया भर के देशों पर लगाए गए कई टैरिफ कानूनी रूप से वैध नहीं थे.

    इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी प्रमुख व्यापार नीति को लागू करने के लिए दूसरे कानूनी रास्ते अपनाने शुरू किए.

    पिछले महीने व्हाइट हाउस ने पहली बार प्रस्ताव रखा था कि जिन देशों पर जबरन मज़दूरी रोकने के लिए पर्याप्त प्रयास न करने का आरोप है, वहां से अमेरिका आने वाले सामान पर 10 से 12.5 फ़ीसदी तक का टैरिफ़ लगाया जाए.

  5. सीजेपी ने बताया कि अब इस जगह पर होगी सरकार से बातचीत

    सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास

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    इमेज कैप्शन, सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा है कि उनकी पार्टी की मांगें बरकरार हैं

    कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़ा समेत उनकी सारी मांगें बरकरार है.इस पर सरकार से बात होगी.

    सौरभ दास ने कहा, ''किसी न्यूट्रल जगह पर हमारी बातचीत की मांग सरकार ने मान ली है. हमें इसकी खुशी है. बातचीत के लिए कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया को चुना गया है. हमें खुशी है कि सरकार खुले दिमाग से हमारे सामने आई है और वो सड़कों पर उतरे लोगों की बात सुनने के लिए तैयार है.''

    सौरभ दास ने कहा, ''वे जंतर-मंतर भी आ सकते थे. लेकिन हमने उनके सामने विकल्प रखा है. हम समझ सकते हैं कि जंतर-मंतर पर आने में वो हिचक सकते थे. हम समझदार पढ़े-लिखे लोग हैं.इसलिए हमने उनके सामने न्यूट्रल जगह का विकल्प रखा.''

    नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और कुछ मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से ज्यादा समय से प्रदर्शन कर रहे हैं.

    हालांकि इन मांगों के समर्थन में अनशन कर रहे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक 26 दिनों बाद अपना अनशन ख़त्म कर चुके हैं.

  6. आधी रात को सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने पर अभिजीत दीपके ने क्या कहा

    अभिजीत दीपके

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    सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार को आधी रात के बाद 26 दिनों के बाद अपना अनशन ख़त्म कर दिया है.

    इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने अपने वीडियो संदेश में इस पर खुशी जताई.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा, ''हमें राहत है और खुशी भी कि सोनम सर ने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है. सर, आपके असाधारण साहस और त्याग के लिए आपका धन्यवाद. आपने अपनी जान जोखिम में डालकर पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया. आपका जीवन इस देश के लिए बहुत अनमोल है.''

    ''कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते.''

    नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर स्टूडेंट्स पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

    प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा चाहते हैं.

    इस मांग के समर्थन में सोनम वांगचुक पिछले 26 दिनों से अनशन पर बैठे हुए थे.

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