लाइव, स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज को लेकर विनेश फ़ोगाट ने जताई नाराज़गी, की ये अपील

विनेश फ़ोगाट ने कहा कि जब देश के स्टूडेंट्स अपने भविष्य, अधिकारों और सपनों के लिए सड़क पर थे, तब उन्हें सम्मान की जगह भय और हिंसा का सामना करना पड़ा.

सारांश

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  • जम्मू में आया फ़्लैश फ़्लड
  • दिल्ली पुलिस का जवान
  • रोहित शर्मा
  • राहुल गांधी
  • राहुल गांधी
  • पटना में पुलिस ने किया लाठीचार्ज, दागे आंसू गैस के गोले
  • जंतर मंतर आई इस लड़की के घरवालों ने रोकी फंडिंग

लाइव कवरेज

दीपक मंडल, अरशद मिसाल

  1. स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज को लेकर विनेश फ़ोगाट ने जताई नाराज़गी, की ये अपील

    रेसलर और कांग्रेस विधायक विनेश फ़ोगाट

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    इमेज कैप्शन, रेसलर और कांग्रेस विधायक विनेश फ़ोगाट (फ़ाइल फ़ोटो)

    पहलवान और कांग्रेस विधायक विनेश फ़ोगाट ने 20 जुलाई को स्टूडेंट्स पर हुए लाठीचार्ज की आलोचना की है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर इस कार्रवाई पर सवाल उठाए और स्टूडेंट्स के समर्थन में अपनी बात रखी.

    विनेश फ़ोगाट ने लिखा, "जंतर-मंतर पर स्टूडेंट्सलोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की आवाज़ उठा रहे थे, लेकिन 20 जुलाई को सामने आई तस्वीरों ने विचलित कर दिया."

    उन्होंने कहा कि जब देश के स्टूडेंट्स अपने भविष्य, अधिकारों और सपनों के लिए सड़क पर थे, तब उन्हें सम्मान की जगह भय और हिंसा का सामना करना पड़ा.

    उन्होंने आरोप लगाया कि छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई गई.

    विनेश फ़ोगाट ने कहा, "आखिर ये स्टूडेंट्स किससे न्याय मांगे? उनसे जिनके कंधों पर उनकी सुरक्षा की जिम्मेवारी है या उनसे, जिनके हाथों में सत्ता है? हक़ की इस लड़ाई में पूरा देश आपके साथ है. लेकिन मैं आप सबसे एक निवेदन भी करना चाहती हूँ कि किसी भी कीमत पर अहिंसा का मार्ग मत छोड़ना."

    उन्होंने कहा कि संभव है कि आंदोलन को भटकाने, बदनाम करने या कमजोर करने की कोशिशें की जाएं, लेकिन स्टूडेंट्स की सबसे बड़ी ताक़त उनका धैर्य, अनुशासन और शांतिपूर्ण संघर्ष है.

    उन्होंने आख़िर में कहा कि उन्हें विश्वास है कि स्टूडेंट्स संघर्ष करेंगे और जीतेंगे.

    नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर स्टूडेंट्स पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

    प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा चाहते हैं. इस मांग के समर्थन में सोनम वांगचुक पिछले 26 दिनों से अनशन पर बैठे हुए हैं.

    इसी मांग को लेकर संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, यानी 20 जुलाई को स्टूडेंट्स ने संसद मार्च का आह्वान किया था. इसी दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इस कार्रवाई में कई स्टूडेंट्स घायल हो गए.

  2. संसद से निकलते वक़्त प्रियंका गांधी ने कहा - मुझसे नहीं सरकार से पूछें सवाल

    कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी (फ़ाइल फ़ोटो)

    गुरुवार को संसद के निचले सदन लोकसभा को शनिवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

    कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी जब संसद भवन से बाहर निकलीं, तो पत्रकारों ने उनसे संसद की कार्यवाही न चल पाने की वजह पूछी. इस पर वो गुस्सा हो गईं.

    कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, "आप हमेशा वही सवाल पूछते हैं जो यह सरकार चाहती है कि आप पूछें. ये सवाल सरकार से क्यों नहीं पूछते? मंत्री बाहर आकर बयान दे रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री अब तक संसद में नहीं आए हैं. इतना बड़ा आंदोलन चल रहा है, देशभर से युवा प्रदर्शन कर रहे हैं, फिर भी प्रधानमंत्री ने सदन में इस पर कुछ नहीं कहा. और आप मुझसे पूछ रहे हैं कि संसद क्यों नहीं चल रही है?"

    उन्होंने आगे कहा, "मुझसे यह पूछिए कि छात्रों के लिए क्या किया जा रहा है. यह पूछिए कि उनकी मांगों पर क्या कार्रवाई हो रही है. आपको यही सवाल पूछने चाहिए. और जब मंत्री बाहर आकर बयान दें, तो उनसे पूछिए कि वे इस्तीफ़ा कब देंगे."

    प्रियंका गांधी ने आगे कहा, "क्या आपने यह सवाल पूछा? क्या आपने धर्मेंद्र प्रधान से पूछा कि वे कब इस्तीफ़ा देंगे? क्या आपने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पूछा कि पुलिस ने लाठीचार्ज क्यों किया? क्या आपने उनसे पूछा कि इतने छात्र अस्पतालों में क्यों हैं? क्या आपने यह पूछा कि बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्र अपने माता-पिता से भी बात क्यों नहीं कर पा रहे थे, क्योंकि इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं? क्या आपने पूछा कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) क्यों लगाया गया? क्या ये छात्र आतंकवादी हैं?"

    उन्होंने कहा, "जब आप सरकार से ये सवाल पूछना शुरू करेंगे, तब मैं आपके सवालों का जवाब दूंगी."

  3. केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बातचीत के लिए सीजेपी को आमंत्रित किया

    जितेंद्र सिंह

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    इमेज कैप्शन, जितेंद्र सिंह ने बताया कि बातचीत भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के कार्यालय या उनके आवास पर हो सकती है (फ़ाइल फ़ोटो)

    केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक बयान जारी कर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है.

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, "सरकार की ओर से हम बातचीत के लिए हर समय तैयार हैं और जितना समय चाहिए उतना समय देने के लिए तैयार हैं."

    केंद्रीय मंत्री ने कहा, "सरकार ने कल दोपहर से उनके प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के लिए चार बार औपचारिक प्रस्ताव भेजे हैं."

    "हम अपने सभी युवा साथियों को खुला निमंत्रण देते हैं कि सरकार आपकी सुविधा के अनुसार, किसी भी समय, सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है."

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि बातचीत केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के कार्यालय या उनके आवास पर हो सकती है.

    उन्होंने कहा, "हमारे लिए प्रतिष्ठा का कोई सवाल नहीं है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और मैं स्वयं बातचीत के लिए मौजूद रहेंगे. हमें उम्मीद है कि बातचीत के ज़रिए धीरे-धीरे समाधान की दिशा में आगे बढ़ेंगे."

    उन्होंने कहा, "यह छात्रों के हित में सरकार द्वारा उठाए जा रहे लगातार कदमों का हिस्सा है. मैं विनम्रतापूर्वक आप सभी से अपील करता हूं कि बातचीत के लिए आइए."

  4. पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ़ ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई पर क्या कहा?

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ़

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    इमेज कैप्शन, पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ़ (फ़ाइल फ़ोटो)

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ़ ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज की आलोचना की है.

    मोहम्मद कैफ़ ने एक्स पर लिखा, "एक पिता होने के नाते छात्रों को शिक्षा व्यवस्था की खामियों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने पर पुलिस के हाथों पिटते देखना बेहद तकलीफ़ देता है."

    कैफ़ ने कहा, "दिल्ली की सड़कों पर छात्रों पर लाठीचार्ज और उनके साथ मारपीट रुकनी चाहिए."

    "उम्मीद है कि इस मुद्दे का समाधान जल्द निकलेगा, ताकि किसी को भी अपनी बात रखने की ऐसी क़ीमत न चुकानी पड़े."

    नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर छात्र पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा चाहते हैं. इस मांग के समर्थन में सोनम वांगचुक पिछले 26 दिनों से अनशन पर बैठे हुए हैं.

    इसी मांग को लेकर संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, यानी 20 जुलाई को छात्रों ने संसद मार्च का आह्वान किया था. इसी दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हो गए.

  5. लोकसभा शुक्रवार सुबह 11 बजे तक स्थगित

    दिलीप सैकिया

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    इमेज कैप्शन, लोकसभा को शुक्रवार सुबह 11 बजे तक स्थगित किया गया है

    मानसून सत्र के चौथे दिन संसद के दोनों सदनों को स्थगित कर दिया गया है.

    लोकसभा को शुक्रवार सुबह 11 बजे तक स्थगित किया गया है. वहीं राज्यसभा को दोपहर तीन बजे तक स्थगित कर दिया गया है.

    बीजेपी सांसद राहुल सिन्हा कहते हैं, "कांग्रेस चर्चा से डरती है क्योंकि उन्हें पता है कि इससे उन्हें ही नुक़सान होगा. वो लोकतंत्र का गला घोंटने का काम कर रहे हैं."

    कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, "प्रधानमंत्री का बयान निराशाजनक है. क्या फास्ट-ट्रैक कोर्ट भी उसी रफ़्तार से काम करेंगे जिस रफ़्तार से पिछले 12 सालों में बुलेट ट्रेन चली है?"

  6. दिल्ली पुलिस ने अस्पताल में भर्ती महिला प्रदर्शनकारी के बारे में क्या बताया

    दिल्ली पुलिस

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    इमेज कैप्शन, दिल्ली पुलिस ने लिखा है, ''नागरिकों से ये अपील की जाती है कि अनवेरिफ़ाइड कंटेंट को शेयर न करें और न ही अफ़वाह फैलाएं''

    दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान घायल महिला के बारे में जानकारी दी है.

    दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''सोशल मीडिया पर ऐसी रिपोर्ट्स सर्कुलेट हो रही हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही एक महिला की मौत हो गई है. यह ख़बर झूठी और गुमराह करने वाली है.''

    इसमें लिखा है, ''हम यह सूचना दे रहे हैं कि वह महिला जीवित है और फ़िलहाल दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती है. उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने कहा है कि उनकी हालत स्थिर है. वह अब ख़तरे से बाहर हैं.''

    दिल्ली पुलिस ने लिखा है, ''नागरिकों से अपील की जाती है कि अनवेरिफ़ाइड कंटेंट शेयर न करें और न ही अफ़वाह फैलाएं.''

    ''रीपोस्ट और ऑनलाइन जानकारी शेयर करने से पहले उसे ऑफ़िशियल चैनलों पर वेरिफ़ाई करें.''

  7. अब तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

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  8. दिल्ली में एनएसए के तहत पुलिस कमिश्नर को मिले अधिकार पर दिल्ली पुलिस का स्पष्टीकरण

    जंतर-मंतर

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    दिल्ली पुलिस ने उन ख़बरों का खंडन किया है जिनमें कहा जा रहा था कि पुलिस कमिश्नर को राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत विशेष अधिकार दिए गए हैं.

    दिल्ली पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर यह भ्रामक दावा किया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस आयुक्त को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत में लेने की शक्तियां विशेष रूप से चल रहे सीजेपी आंदोलन को दबाने के लिए दी गई हैं.

    पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि इसमें कुछ भी नया नहीं है और इस तरह के अधिकार हर तीन महीने में मिलते हैं.

    इससे पहले ये कहा गया था दिल्ली के उपराज्यपाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए), 1980 के तहत दिल्ली पुलिस आयुक्त को प्रिव्हेंटिव डिटेंशन (निरोधात्मक हिरासत) के आदेश जारी करने का अधिकार दिया है.

    हालांकि ये अधिकार 19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026 तक, यानी तीन महीने की अवधि के लिए दिया गया है. लेकिन सार्वजनिक तौर पर ये अब सामने आया है.

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर इसे अहम माना जा रहा है. जंतर-मंतर पर सीजेपी ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया था.

    इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में कई लोग घायल हुए थे. जंतर-मंतर पर सीजेपी और उसके कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन अभी भी चल रहा है.

  9. सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके पड़े बीमार, तबीयत के बारे में क्या कहा

    अभीजीत दीपके

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    कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने बीमार होने की सूचना दी है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''पिछले कुछ दिनों से मुझे तेज़ बुखार और पूरे शरीर में दर्द है. मैं पेन किलर खाकर काम चलाता रहा हूँ.''

    ''अगर आज आप मुझे जंतर-मंतर पर नहीं देखें, तो इसके लिए क्षमा चाहता हूँ. मुझे कुछ घंटे आराम करके थोड़ा ठीक होने की ज़रूरत है.''

    ''शाम तक मैं फिर प्रदर्शन स्थल पर लौट आऊंगा.''

    अभिजीत दीपके पिछले एक महीने से ज़्यादा समय से जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के साथ धरना स्थल पर मौजूद रहे हैं.

    सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उन्होंने भी भूख हड़ताल की थी.

  10. पेपर लीक के दोषियों को सज़ा दिलाने के पीएम मोदी के बयान पर अमित शाह ने ये कहा

    अमित शाह

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    गृह मंत्री अमित शाह ने पेपर लीक के दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के पीएम मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''युवाओं का हित और उनका उज्ज्वल भविष्य मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता भी है और संकल्प भी. प्रधानमंत्री जी की ओर से फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट्स के गठन से पेपर लीक के मामलों में दोषियों के ख़िलाफ़ त्वरित सुनवाई और कठोर कार्रवाई का निर्णय इसी का प्रतिबिंब है.''

    ''पेपर लीक के कारण युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के ख़िलाफ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का यह अहम कदम मील का पत्थर साबित होगा.''

    प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को कहा कि प्रश्नपत्र लीक के दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए सरकार ने फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने का फ़ैसला किया है.

  11. जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन पर शिखर धवन ने क्या कहा

    शिखर धवन

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    नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ सीजेपी के आंदोलन पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज़ शिखर धवन ने भी प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''हमारे युवा हमारे देश का भविष्य हैं. उनके सपनों और आकांक्षाओं को समझना बहुत ज़रूरी है. लेकिन कठिन समय में धैर्य बनाए रखना और देश की संस्थाओं और सरकार पर भरोसा रखना भी उतना ही अहम है.

    ''मेरा मानना है कि हर चुनौती का समाधान धैर्य और संयम से निकलता है. भारत हमेशा आगे बढ़ा है और आगे भी बढ़ता रहेगा.''

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पेपर लीक के दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे.

  12. कमल हासन ने सीजेपी समर्थकों से की ये भावुक अपील, क्या कहा

    कमल हासन

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    मशहूर अभिनेता कमल हासन ने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी और उसके समर्थकों से भावुक अपील की है.

    कमल हासन ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''हमें तभी सुन लेना चाहिए था जब एक बच्चा रोया था. लेकिन हमने तब तक इंतज़ार किया, जब तक हमारे बहुत से बच्चों की जान नहीं चली गई.''

    ''ऐसी व्यवस्था, जिसमें पढ़ाई की जगह कोचिंग, जिज्ञासा की जगह चिंता और योग्यता की जगह अपराध ने ले ली हो, वह पूरी तरह सड़ चुकी है.''

    उन्होंने लिखा, ''जब किसी देश के बच्चों को जवाब देने के बजाय बैरिकेड और लाठियां मिलें, तो यह उस देश की विफलता है. सोनम वांगचुक, आने वाले समय में इस देश को आपकी नैतिक आवाज़ और मार्गदर्शन की ज़रूरत होगी. कृपया अपना अनशन समाप्त कर दीजिए.''

    ''भारत के बच्चों से बस इतना कहना है. आप हम सबमें सबसे बेहतर हैं. आपने अपना कर्तव्य निभाया है. अब देश की बारी है कि वह आपके प्रति अपना कर्तव्य निभाए. ईश्वर करे, आपके सपने हमेशा हमारी विफलताओं से बड़े रहें.''

  13. कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा- 'कुछ भी करो, लोग जंतर-मंतर आकर रहेंगे'

    जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में जुटे युवा

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    इमेज कैप्शन, जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में जुटे युवा

    दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन बंद किए जाने पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

    कॉकरोच जनता पार्टी ने इन स्टेशनों को बंद करने की सूचना पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''इसका क्या मतलब है. मोदी जी, सीधे धर्मेंद्र प्रधान को हटाइए और मामले को ख़त्म करिए.''

    कॉकरोच जनता पार्टी ने लिखा, ''मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का ये रोज-रोज का ड्रामा क्यों. कुछ भी करो, लोग जंतर-मंतर पर आकर रहेंगे.''

    नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को एक महीने से ज़्यादा हो चुका है. यहां इसके समर्थन में हजारों युवा पहुंच रहे हैं. पिछले तीन-चार दिनों में यहां पुलिस और युवाओं के बीच टकराव देखने को मिला है.

  14. पेपर लीक मामले में फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट से जुड़े पीएम के बयान पर कांग्रेस ने क्या कहा

    पवन खेड़ा

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    कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने पेपर लीक में शामिल लोगों के ख़िलाफ़ फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही है.

    कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''सिर्फ़ धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी बचाने के लिए पूरी बीजेपी उनके बचाव में उतर आई है. नड्डा जी के बाद अब नरेंद्र मोदी भी यह समझाने आ गए हैं कि छात्रों और विपक्ष को क्या स्वीकार करना चाहिए. 20 जुलाई की सुबह, करीब आठ घंटे की नींद के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद पहुंचे, उससे पहले संसद जाने वाली सड़कों पर इस देश के युवाओं के साथ बेरहमी की गई. उन पर लाठीचार्ज हुआ, उनके सिर फोड़े गए, आंसू गैस के गोले छोड़े गए, पैलेट गन चलाई गई, बिजली के झटके दिए गए. महिलाओं के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की गई.''

    उन्होंने लिखा, ''इन सबके बाद ही "महाराजा नरेंद्र दामोदरदास मोदी" जागे और पेपर लीक के आरोपियों के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाने तथा 'त्वरित सजा' दिलाने की घोषणा की. लेकिन इतना काफी नहीं है. इस देश के युवा प्रधानमंत्री मोदी की दिखावटी सहानुभूति नहीं, बल्कि न्याय, जवाबदेही और अपनी मांगों को पूरा किए जाने की मांग कर रहे हैं.''

    ''इसकी शुरुआत धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े से हो सकती है.''

  15. जंतर-मंतर पर आज कैसा है माहौल, तस्वीरों में देखें

    जंतर-मंतर

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    जंतर-मंतर

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    जंतर-मंतर

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    जंतर-मंतर

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  16. प्रदर्शनकारियों के समर्थन में जंतर-मंतर पर पहुंचीं हुमा क़ुरैशी

    हुमा क़ुरैशी

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    बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा क़ुरैशी भी कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंची हैं.

    कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर उनकी तस्वीर डालते हुए लिखा है, ''बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचीं.''

    ''यह जनता का आंदोलन है. न्याय और जवाबदेही की मांग के लिए हम सभी को एकजुट होकर इसका साथ देना चाहिए.''

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को कई बॉलीवुड सेलिब्रिटी अपना समर्थन दे रहे हैं.

    इससे पहले मशहूर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट डाला था.

    मशहूर अभिनेत्री शबाना आज़मी ने भी जंतर-मंतर पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया था.

  17. नड्डा जी, जब जम्मू-कश्मीर में पेपर लीक हुआ तो एलजी का शासन था: उमर अब्दुल्लाह

    उमर अब्दुल्ला

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    इमेज कैप्शन, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यहां पेपर लीक पर केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा के आरोपों पर जवाब दिया है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''जे पी नड्डा जी. आपने जम्मू-कश्मीर में एसएसबी भर्ती परीक्षा के पेपर लीक का ज़िक्र करके सही मुद्दा उठाया है, लेकिन उसकी तारीख़ ग़लत बता दी. यह मामला 2022 का था और उस समय जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस की सरकार नहीं थी.''

    ''वहां प्रशासन लेफ़्टिनेंट गवर्नर के नेतृत्व में चल रहा था. फिर भी, इस विफलता की याद दिलाने के लिए आपका धन्यवाद.''

    ''इस मामले में जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने कई अहम टिप्पणियां की थीं और कुछ महत्वपूर्ण आदेश भी दिए थे.''

    '''लेकिन आज तक यह पता नहीं चल पाया कि इस मामले की जांच के लिए बनाई गई हाई लेवल कमिटी और उसकी रिपोर्ट का क्या हुआ.''

    केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा था, ''अगर मैं जम्मू-कश्मीर के सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा में हुए पेपर लीक की बात करूं, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है. इसी तरह हिमाचल प्रदेश में हिमाचल प्रदेश स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, यहां भी कांग्रेस की सरकार है. झारखंड में जेएसी की हिंदी और विज्ञान की परीक्षा के पेपर लीक हुए, जहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है."

  18. दिल्ली मेट्रो के ये स्टेशन आज भी रहेंगे बंद, कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा

    दिल्ली मेट्रो

    इमेज स्रोत, DMRC

    दिल्ली मेट्रो ने बताया है कि गुरुवार ( 23 जुलाई 2026) को इसके कई मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे.

    दिल्ली मेट्रो ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा है, ''सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक निम्नलिखित मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे. हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर इंटरचेंज (लाइन बदलने) की सुविधा उपलब्ध रहेगी.''

    जो मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे वो इस तरह हैं- 1.लोक कल्याण मार्ग 2. राजीव चौक 3. पटेल चौक 4. रामकृष्ण आश्रम मार्ग 5. बाराखंभा रोड 6. सुप्रीम कोर्ट 7. सेवा तीर्थ 8.जनपथ 9.मंडी हाउस 10.सेंट्रल सेक्रेटेरिएट 11.आईटीओ 12.दिल्ली गेट 13. इंद्रप्रस्थ 14. ख़ान मार्केट 15.जोर बाग 16. शिवाजी स्टेडियम.

    हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर केवल इंटरचेंज (लाइन बदलने) की सुविधा उपलब्ध रहेगी. इन स्टेशनों पर यात्री एंट्री या एग्ज़िट नहीं कर पाएंगे.

    इससे पहले बुधवार शाम को दिल्ली मेट्रो ने कहा था कि उसके सभी स्टेशन पैसेंजर सर्विस के लिए खुले हैं.

  19. सीजेपी ने कहा- 'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग से कोई समझौता नहीं'

    कॉकरोच जनता पार्टी

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    इमेज कैप्शन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर कोई समझौता नहीं होगा

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता ने कहा है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के लेकर कोई समझौता नहीं होगा.

    कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "मैंने आज सोनम वांगचुक से कई बार बात की. उन्होंने सभी प्रदर्शन करने वालों से अपील भी की है कि वे शांति बनाए रखें और इस प्रदर्शन को सही तरीके से करें. इस देश में पहले हुए प्रदर्शनों में, सत्ताधारी दल की ओर से असामाजिक तत्त्वों की घुसपैठ कराई गई और फिर दोष आंदोलन पर मढ़ दिया गया. ऐसा नहीं होना चाहिए."

    केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर उन्होंने कहा, "जे.पी. नड्डा को शर्म आनी चाहिए. लोग यहां 30 दिनों से ज़्यादा समय से बैठे हैं और वे कह रहे हैं कि राजनीति नहीं होनी चाहिए. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को लेकर कोई समझौता नहीं होगा, उन्हें जाना होगा. तब तक ये प्रदर्शन चलता रहेगा."

    इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर रहा कि विपक्षी दल इस आंदोलन में राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं.

    उन्होंने कहा था, ''हम चर्चा के लिए तैयार हैं. गहन चर्चा हो. संसद ही उपयुक्त स्थान है जहां गहराई से चर्चा की जा सकती है. हम ठोस नीति लेकर आएं क्योंकि बच्चे देश का भविष्य हैं. ये सरकार के साथ-साथ विपक्ष की भी ज़िम्मेदारी है."

  20. अमेरिका और सऊदी अरब के बीच ऐतिहासिक परमाणु समझौता

    ट्रंप और प्रिंस सलमान

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    अमेरिका और सऊदी अरब ने एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.

    इस समझौते से खाड़ी का यह देश अपना नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित कर सकेगा.

    अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अनुसार, यह "शांतिपूर्ण परमाणु सहयोग समझौता" है.

    इसके तहत अमेरिकी कंपनियों को सऊदी अरब के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में बड़े पैमाने पर काम करने का अवसर मिलेगा.

    समझौते का पूरा ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है. लेकिन अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, भविष्य में इसके तहत सऊदी अरब को यूरेनियम संवर्द्धन की अनुमति मिल सकती है.

    संवर्द्धित यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु बिजलीघरों के लिए ईंधन के रूप में किया जाता है.

    हालांकि, इसी तकनीक का उपयोग परमाणु बम बनाने के लिए भी किया जा सकता है.

    विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऐसा होता है, तो यह अमेरिका की ओर से पहली बार होगा. इससे पहले से ही अस्थिर पश्चिम एशिया में परमाणु हथियारों के प्रसार का खतरा बढ़ सकता है.

    अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने बताया कि परमाणु सहयोग समझौते के साथ एक द्विपक्षीय सुरक्षा निगरानी समझौते (बाइलेटरल सेफगार्ड्स एग्रीमेंट) पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं.