लाइव, स्पिनर अमित मिश्रा दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ेंगे, मिली ये ज़िम्मेदारी

आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) की एक फ्रेंचाइज़ी टीम दिल्ली कैपिटल्स ने घोषणा की है कि गेंदबाज़ अमित मिश्रा उनकी टीम के स्पिन बॉलिंग कोच होंगे.

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  • दुनिया भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर क्या बोले मोहन भागवत?
  • दशहरे पर दिल्ली में जलेगा कॉकरोच का पुतला
  • भारत में हो रहे आंदलनों पर बोले मोहन भागवत
  • फ़्रांस हिंसा पर बोले ट्रंप
  • फ़्रांस हिंसा: आगजनी के बीच ड्रिंक इंजॉय करता दिखा कपल
  • टाइगर श्रॉफ़ पर फ़ायरिंग मामले में चश्मदीद ने आंखों देखा हाल बताया
  • अखबार डिलीवरी का ऐसा तरीका कि वायरल हो गया ये शख़्स
  • यहां की महिलाओं ने हाथों में तलवार लेकर किया डांस

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, शिवांगी जायसवाल

  1. स्पिनर अमित मिश्रा दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ेंगे, मिली ये ज़िम्मेदारी

    पूर्व भारतीय स्पिनर अमित मिश्रा
    इमेज कैप्शन, पूर्व भारतीय स्पिनर अमित मिश्रा (फ़ाइल फ़ोटो)

    आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) की एक फ्रेंचाइज़ी टीम दिल्ली कैपिटल्स ने घोषणा की है कि गेंदबाज़ अमित मिश्रा उनकी टीम के स्पिन बॉलिंग कोच होंगे.

    इस घोषणा के साथ पूर्व भारतीय स्पिनर अमित मिश्रा एक बार फिर दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ गए हैं.

    अमित मिश्रा ने दिल्ली कैपिटल्स के लिए आईपीएल के कई सीज़न खेले हैं. उन्होंने आईपीएल में कुल चार टीमों के साथ 162 मैच खेले और 174 विकेट लिए.

    वह 103 मैचों में 110 विकेट लेकर दिल्ली कैपिटल्स के लिए सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं.

    43 साल के इस गेंदबाज़ ने 2025 में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था.

    दूसरी ओर, दिल्ली कैपिटल्स ने अभी तक आईपीएल का एक भी टाइटल नहीं जीता है, पिछले सीज़न में वह छठे नंबर पर रही.

    अमित मिश्रा का एक वीडियो दिल्ली कैपिटल्स ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर शेयर किया है, जिसमें अमित मिश्रा कह रहे हैं, "हम दिल्ली वालों को वह ख़ुशख़बरी देने की कोशिश करेंगे जिसका इंतज़ार वे लंबे समय से कर रहे हैं."

  2. टेस्ला और स्पेसएक्स के विलय पर एलन मस्क ने ये कहा

    एलन मस्क
    इमेज कैप्शन, एलन मस्क (फ़ाइल फ़ोटो)

    एलन मस्क ने कहा है कि वह अपनी दो सबसे बड़ी कंपनियों, टेस्ला और स्पेसएक्स, को आपस में मिलाने पर विचार कर रहे हैं.

    मस्क ने मंगलवार को वित्तीय विश्लेषकों के साथ हुई एक कॉल में कहा, "मुझे लगता है कि यह अच्छा विचार है? हां."

    यह कॉल स्पेसएक्स के तिमाही नतीजों पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी.

    हालांकि मस्क ने कहा कि इस प्रस्तावित विलय को अभी अंतिम नहीं माना जाना चाहिए. इसके लिए शेयरधारकों की मंज़ूरी भी ज़रूरी होगी.

    उन्होंने बताया कि दोनों कंपनियों में इस संभावित विलय की समीक्षा के लिए विशेष समितियां बनाई गई हैं.

    टेस्ला की अनुमानित क़ीमत क़रीब 1.5 ट्रिलियन डॉलर और स्पेसएक्स की क़ीमत क़रीब 2 ट्रिलियन डॉलर आंकी जाती है.

    ऐसे में इन दोनों कंपनियों का विलय इतिहास के सबसे बड़े विलयों में से एक हो सकता है.

    इस ख़बर के बाद आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में स्पेसएक्स के शेयर 8 फ़ीसदी तक चढ़ गए.

    रॉकेट, प्रक्षेपण यान और स्टारलिंक इंटरनेट सैटेलाइट बनाने वाली स्पेसएक्स अब दूसरी टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में भी अपने कारोबार का विस्तार कर रही है.

    इन कंपनियों में एंट्रॉपी और गूगल भी शामिल हैं.

    यह डिवीज़न अब स्पेसएक्स का सबसे ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने वाला कारोबार बन गया है.

    कंपनी के ताज़ा तिमाही नतीजों के मुताबिक, इस डिवीज़न ने 7.5 अरब डॉलर की आमदनी हासिल की है. वहीं स्टारलिंक से 2.5 अरब डॉलर की आमदनी हुई है.

  3. दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने पर ग्रैप-1 लागू, किस-किस पर असर

    21 अक्तूबर को एक्यूआई 244 होने पर ग्रैप-1 लागू हुआ है.
    इमेज कैप्शन, 21 अक्तूबर को एक्यूआई 244 होने पर ग्रैप-1 लागू हुआ है

    दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ने के बाद बुधवार को ग्रैप-1 लागू कर दिया गया है.

    वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के जारी आदेश के मुताबिक़, 20 अक्तूबर को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 179 था, जो 'मॉडरेट' श्रेणी में आता है. लेकिन सिर्फ़ एक दिन बाद यह बढ़कर 244 पहुंच गया, जिससे हवा की गुणवत्ता 'पुअर' श्रेणी में दर्ज की गई है.

    ग्रैप का पहला चरण एक्यूआई 201 से 300 यानी खराब स्तर की होने पर लागू किया जाता है.

    बता दें कि ग्रैप का पूरा नाम 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान' है. यह दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए आपातकालीन उपायों की एक चरणबद्ध योजना है, जिसे प्रदूषण के स्तर (एक्यूआई) के अनुसार लागू किया जाता है. इसे सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग लागू करता है.

    आयोग ने यह भी कहा है कि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता 'पुअर' श्रेणी में बनी रह सकती है.

    ग़ौरतलब है कि 20 अक्तूबर को दशहरा मनाया गया, इस दौरान कई इलाकों में रावण के पुतले फूंके गए और आतिशबाज़ी हुई.

    इनपर पर रोक रहेगी ​‌

    ग्रैप-1 प्रदूषण के शुरुआती स्तर पर लागू की जाने वाली रोकथाम करने वाली व्यवस्था है, ताकि हवा की गुणवत्ता और खराब होने से रोकी जा सके. इसका मक़सद प्रदूषण को और बढ़ने से रोकना और धूल, वाहनों व औद्योगिक स्रोतों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना है. ​‌

    • कूड़ा, पत्तियां और अन्य कचरा खुले में जलाने पर रोक.
    • ढाबों, रेहड़ियों और व्यावसायिक रसोईघरों में कोयला और लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध.
    • डीज़ल जेनरेटर के उपयोग पर पाबंदी, केवल आपात स्थितियों में छूट.
    • ज़्यादा धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर जुर्माना या ज़ब्ती की कार्रवाई.
    • दिल्ली में 10 साल से पुराने डीज़ल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध जारी.
  4. रूसी सरकारी मीडिया ने एक अमेरिकी नागरिक की रिहाई का दावा किया, क्या है पूरा मामला

    स्टीफ़न हबर्ड की तस्वीर (फ़ाइल फ़ोटो)
    इमेज कैप्शन, स्टीफ़न हबर्ड की तस्वीर (फ़ाइल फ़ोटो)

    रूसी स्टेट मीडिया ने रूसी राष्ट्रपति के हवाले से कहा है कि रूस एक अमेरिकी नागरिक को रिहा करने पर सहमत हो गया है.

    यह वो अमेरिकी नागरिक है जिन्हें यूक्रेन की ओर से लड़ने के आरोप में जेल भेजा गया था.

    सरकारी मीडिया के मुताबिक़, पुतिन ने यह जानकारी सेंट पीटर्सबर्ग में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ़ के साथ बातचीत के दौरान दी.

    उन्होंने कहा कि स्टीफ़न हबर्ड को पुल्कोवो एयरपोर्ट ले जाया गया है.

    मिशिगन के रहने वाले हबर्ड की उम्र 72 साल थी, जब उन्हें 2024 में लगभग सात साल की सज़ा सुनाई गई थी. उन्हें खुली जेल में भेजने का आदेश दिया गया था.

    अभियोजकों ने उन पर आरोप लगाया था कि वे पूर्वी शहर इज़ीयुम में एक रक्षा इकाई के साथ काम कर रहे थे. दो साल पहले रूसी बलों ने उन्हें वहीं से पकड़ लिया था.

    अमेरिकी विदेश विभाग पहले ही हबर्ड को "ग़लत तरीक़े से हिरासत में रखा गया" व्यक्ति घोषित कर चुका है.

    मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पुतिन के साथ बातचीत में हबर्ड का मामला उठाया था.

    ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "देखिए क्या होता है. हम हबर्ड के मामले पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं."

    बीबीसी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए व्हाइट हाउस से संपर्क किया है.

  5. राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत की रूसी राष्ट्रपति से मुलाक़ात, क्या है एजेंडा

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और रूसी राष्ट्रपति पुतिन
    इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और रूसी राष्ट्रपति पुतिन (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ बुधवार को सेंट पीटर्सबर्ग में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिल रहे हैं.

    दोनों रूस-यूक्रेन के बीच कई सालों से चल रहे युद्ध को ख़त्म करने के प्रस्तावों पर चर्चा करेंगे.

    यह बातचीत उस मुलाक़ात के एक दिन बाद हो रही है, जिसमें विटकॉफ़ ने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से मुलाक़ात की थी. एक अमेरिकी अधिकारी ने इस बैठक को "सकारात्मक और रचनात्मक" बताया.

    यूक्रेन पहले अमेरिका पर ख़ुफ़िया जानकारी साझा न करने का आरोप लगा चुका है. अमेरिका ने इस आरोप को "हैरान करने वाला" बताया.

    मंगलवार को ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूसी मिसाइल हमलों से जुड़ी ख़ुफ़िया जानकारी को लेकर अमेरिका के साथ सहयोग अब फिर से शुरू हो गया है.

    ज़ेलेंस्की और उनके यूरोपीय सहयोगियों का कहना है कि अब वे ओस्लो में तय किए गए प्रस्तावों पर रूस के जवाब का इंतज़ार कर रहे हैं.

    फ़िनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब मंगलवार को ओस्लो में हुई बातचीत में शामिल थे, उन्होंने कहा कि शांति स्थापित करने के प्रस्तावों पर "वास्तविक प्रगति" हुई है. हालांकि उन्होंने इसके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी. उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में धैर्य रखने की ज़रूरत होगी.

    ध्यान देने वाली बात यह है कि विटकॉफ़ बातचीत के बाद हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस में शामिल नहीं हुए.

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर वीडियो लिंक के ज़रिए बैठक में शामिल हुए.

    बाद में एक अमेरिकी अधिकारी ने बातचीत को "बहुत उपयोगी और रचनात्मक" बताया. उन्होंने कहा कि "अगले क़दमों" को लेकर अमेरिका, यूक्रेन और यूरोपीय देशों के बीच काफ़ी व्यावहारिक सहमति बनी है.

  6. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आपतक ख़बरें पहुंचा रहे थे. मैं बीबीसी संवाददाता शिवांगी जायसवाल दोपहर दो बजे से रात दस बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगी.

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  7. भारत में विपक्ष और स्टूडेंट्स के प्रदर्शनों पर क्या बोले मार्को रुबियो

    मार्को रुबियो
    इमेज कैप्शन, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका भारत के आंतरिक राजनीतिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करेगा

    अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत में विपक्ष और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

    दरअसल, भारत दौरे पर आए रुबियो से बुधवार को विपक्ष और स्टूडेंट्स के विरोध प्रदर्शनों को लेकर सवाल किया गया.

    इस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा, "यह भारत का अंदरूनी राजनीतिक मामला है. मैं उनकी राजनीति में दख़ल नहीं देने जा रहा हूं. यहां लोकतंत्र है, चुनाव होते हैं, इसलिए मैं उनके अंदरूनी राजनीतिक मामलों पर अपनी राय नहीं दूंगा. अमेरिका में हर दिन विरोध प्रदर्शन होते हैं."

    अमेरिकी विदेश मंत्री ने अंत में दोहराया कि अमेरिका भारत के आंतरिक राजनीतिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि इन मामलों पर फ़ैसला लेना और उनसे निपटना भारतीय जनता का काम है.

    वहीं, भारत में हाल के महीनों में हुए प्रदर्शनों पर पुलिस की सख़्त कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र के 16 एक्सपर्ट्स ने मंगलवार को चिंता जताई है.

    संयुक्त राष्ट्र के एक्सपर्ट्स ने भारतीय अधिकारियों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करने, उसकी रक्षा करने और मानवाधिकार उल्लंघनों के मामलों में न्याय करने की अपील की है.

  8. स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के 3,897 ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर लीक

    स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया
    इमेज कैप्शन, बैंक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को जांच की ज़िम्मेदारी सौंपी है (फ़ाइल फ़ोटो)

    स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (एसबीआई) के 3,897 ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर सामने आने की बात सामने आई है.

    शुरुआती जांच में डार्क वेब पर मौजूद क़रीब 3.75 लाख रिकॉर्ड की जांच की गई, जिसमें ग्राहकों के 3,897 रिकॉर्ड में उनकी निजी जानकारी मिली.

    बैंक के मुताबिक़, लीक होने वाले डेटा में ग्राहकों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, नाम, लिंग, ईमेल आईडी, घर के पते, बैंक शाखा और सीआईएफ नंबर शामिल हैं. इसके अलावा, लीड आईडी, कर्ज और लीड से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी और कुछ अन्य फ़ाइलें भी इसमें शामिल बताई गई हैं.

    बैंक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को जांच की ज़िम्मेदारी सौंपी है. यह एजेंसी डेटा लीक के नेचर और उसके दायरे का व्यापक आकलन करेगी, ताकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं का पता लगाया जा सके.

    एसबीआई ने बीएसई और एनएसई को लिखे पत्र में कहा, "हम बताना चाहते हैं कि इस घटना का बैंक के मुख्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन या कारोबार जारी रखने की क्षमता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है. बैंक के मुख्य काम बिना किसी रुकावट के सामान्य रूप से चल रहे हैं. इस मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और ज़रूरत के अनुसार सुधार और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं."

    एसबीआई ने कहा कि हम भरोसा दिलाते हैं कि बैंक इस स्थिति पर लगातार नज़र रख रहा है और लागू नियमों के अनुसार सभी ज़रूरी कदम उठा रहा है.

  9. जम्मू कश्मीर का शख़्स रूस में लापता, परिवार का दावा- अधिकारियों ने हिरासत में लिया, जहांगीर अली, बीबीसी संवाददाता

    एजाज़ अहमद
    इमेज कैप्शन, परिवार का दावा है कि नौकरी के सिलसिले में रूस गए शख़्स को वहां के अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    जम्मू-कश्मीर के उरी के सैदपोरा गांव के रहने वाले 39 वर्षीय एजाज़ अहमद गिलानी के रूस में लापता होने का मामला सामने आया है.

    परिवार का दावा है कि नौकरी के सिलसिले में रूस गए गिलानी को वहां के अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है.

    परिजनों के मुताबिक़, उन्हें सेना में शामिल होने या जेल जाने के लिए कहा गया. परिवार ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर गिलानी का पता लगाने और उन्हें भारत वापस लाने की अपील की है.

    एजाज़ अहमद गिलानी दो बेटियों और एक बेटे के पिता हैं.

    उनकी पत्नी शमीमा बेगम ने बीबीसी को बताया कि 19 सितंबर को उनके पति को एक अज्ञात एजेंट का फ़ोन आया था. फ़ोन करने वाले ने उन्हें रूस में नौकरी दिलाने की बात कही थी.

    शमीमा के मुताबिक़, "गिलानी 20 सितंबर को दिल्ली के लिए रवाना हुए, जहां से उन्होंने बहरीन होते हुए रूस की यात्रा की. 22 सितंबर को गिलानी ने फ़ोन कर जानकारी दी थी कि उन्होंने रूस में एक कंपनी में कूरियर बॉय के तौर पर काम शुरू कर दिया है."

    परिवार के अनुसार, 13 अक्तूबर तक उनकी गिलानी से व्हाट्सऐप के ज़रिए नियमित बातचीत होती रही, लेकिन इसके बाद अचानक संपर्क टूट गया.

    शमीमा बेगम ने बताया कि अगले दिन, 14 अक्तूबर को गिलानी ने एक दूसरे नंबर से फ़ोन किया. उन्होंने बताया कि रूसी अधिकारियों ने किसी अज्ञात मामले में उन्हें हिरासत में ले लिया है.

    गिलानी के बहनोई सैयद मोहम्मद इश्फ़ाक़ के मुताबिक़, परिवार की 14 अक्तूबर को हिरासत के दौरान गिलानी से कुछ देर बात हुई थी. उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान गिलानी काफ़ी डरे हुए लग रहे थे.

    शमीमा के अनुसार, 16 अक्टूबर को एक व्यक्ति ने परिवार को संदेश भेजकर बताया कि गिलानी हिरासत में हैं. परिवार ने जब उनसे गिलानी से बात कराने की गुज़ारिश की, तो उस व्यक्ति ने इसके बदले ढाई लाख रूसी रूबल की मांग की. हालांकि, उसने हिरासत में लिए जाने की वजह स्पष्ट नहीं की.

    शमीमा ने बताया कि इसके बाद से परिवार का गिलानी से कोई संपर्क नहीं हो पाया है.

    वहीं, बारामूला ज़िला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है.

  10. पैरा एशियन गेम्स 2026: भारत ने तीसरे दिन जीते 3 गोल्ड मेडल, टैली में इस नंबर पर पहुंचा

    सचिन खिलारी
    इमेज कैप्शन, सचिन खिलारी ने पुरुषों के शॉटपुट एफ़46 इवेंट में स्वर्ण पदक जीता (फ़ाइल फ़ोटो)

    जापान के नागोया में जारी पैरा एशियन गेम्स में भारत ने बुधवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 गोल्ड मेडल अपने नाम किए.

    आयुष वर्मा, प्रवीण कुमार और सचिन खिलारी ने अपने-अपने इवेंट में गोल्ड जीतकर देश का मान बढ़ाया.

    दिन का पहला गोल्ड आयुष वर्मा ने पुरुषों के शॉटपुट एफ़53 इवेंट में जीता. इसके बाद प्रवीण कुमार ने पुरुषों के हाई जंप टी64 इवेंट में चैंपियन बनकर भारत को दूसरा गोल्ड दिलाया. वहीं, सचिन खिलारी ने पुरुषों के शॉटपुट एफ़46 इवेंट में स्वर्ण पदक जीता.

    तीसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 12 मेडल जीते. इनमें 3 गोल्ड, 6 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं.

    इस प्रदर्शन के साथ भारत के कुल मेडल की संख्या 47 हो गई है.

    भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 12 गोल्ड, 17 सिल्वर और 18 ब्रॉन्ज़ मेडल जीते हैं. मेडल टैली में भारत पांचवें स्थान पर पहुंच गया है.

  11. पाकिस्तान में शख़्स गिरफ़्तार, अमेरिकी डाक सेवा को करोड़ों डॉलर का नुक़सान पहुंचाने का आरोप, अनबरसन एथिराजन और फैन वांग

    फ़हीम अकरम
    इमेज कैप्शन, अभियुक्त की पहचान 33 वर्षीय फ़हीम अकरम के रूप में हुई है

    पाकिस्तान की साइबर क्राइम एजेंसी ने एक शख़्स को गिरफ़्तार किया है, जिस पर नकली डाक टिकटों की बिक्री का कारोबार चलाने का आरोप है.

    आरोप है कि इस धोखाधड़ी के कारण अमेरिकी डाक सेवा (यूएस पोस्टल सर्विस) को 12.6 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ.

    अभियुक्त की पहचान 33 वर्षीय फ़हीम अकरम के रूप में हुई है. उन पर फ़र्ज़ी वेबसाइट के ज़रिए अमेरिकी ग्राहकों को नकली डाक टिकट और शिपिंग लेबल बेचने का आरोप है.

    अमेरिकी अभियोजकों के मुताबिक़, फ़हीम अकरम वर्ष 2023 से LabelsBank.com नाम की वेबसाइट चलाते थे. इस वेबसाइट के ज़रिए वह नकली अमेरिकी डाक टिकट और शिपिंग लेबल बेचते थे. अधिकारियों ने अब इस वेबसाइट को बंद कर दिया है.

    फ़्लोरिडा की एक फ़ेडरल ग्रैंड जूरी ने पिछले महीने अकरम के ख़िलाफ़ आरोप तय किए थे. अकरम पर इन सालों के दौरान हज़ारों अमेरिकी ग्राहकों को 50 लाख से अधिक नकली शिपिंग लेबल बेचने का आरोप है.

    इस महीने की शुरुआत में, अमेरिकी डाक विभाग ने उन्हें पकड़ने में मदद करने वाली जानकारी देने वाले व्यक्ति को 1 लाख डॉलर तक का इनाम देने का एलान किया था.

  12. इराक़ ने ईरान के साथ लगने वाली सीमा चौकी अगले आदेश तक बंद की

    ईरान
    इमेज कैप्शन, इराक़ी सरकार की ओर से अभी तक इस फ़ैसले के पीछे की आधिकारिक वजह नहीं बताई गई (फ़ाइल फ़ोटो)

    इराक़ के प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी ने ईरान के साथ देश की शालमचेह सीमा चौकी को अगले आदेश तक बंद करने का निर्देश दिया है.

    न्यूज़ नेटवर्क अल जज़ीरा ने इराकी सरकार के एक अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी है.

    अधिकारी के मुताबिक़, आने वाले दिनों में इराक़ और ईरान के बीच संचालित कई अन्य सीमा चौकियों को भी चरणबद्ध तरीक़े से बंद किया जा सकता है. हालांकि, इराक़ी सरकार की ओर से अभी तक इस फ़ैसले के पीछे की आधिकारिक वजह नहीं बताई गई.

    इससे पहले, मंगलवार को समाचार वेबसाइट शफ़क़ न्यूज़ ने इराक़ी सरकारी अधिकारियों के हवाले से शालमचेह सीमा चौकी को बंद किए जाने के पीछे तकनीकी कारणों का उल्लेख किया था.

    वहीं, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने मंगलवार को बताया था कि इराक़ी सरकार ने प्याज, टमाटर और आलू से लदे उन सभी ट्रकों को प्रवेश की आधिकारिक अनुमति दे दी है, जो कई दिनों से ईरान-इराक सीमा पर रोके जाने के कारण जमा हो गए थे.

  13. दलेर मेहंदी से जुड़े विवाद पर अभिनेता अनुपम खेर ने ये कहा

    अभिनेता अनुपम खेर
    इमेज कैप्शन, अभिनेता अनुपम खेर ने दलेर मेहंदी के पक्ष में एक वीडियो जारी किया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    उत्तराखंड के टिहरी (नरेंद्र नगर) में आयोजित मेले के दौरान पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के साथ हुए विवाद में अब बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर और रैपर बादशाह उनके समर्थन में आए हैं.

    दरअसल, लाइव परफ़ॉर्मेंस के दौरान उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाते हुए उन्हें मंच पर ही टोक दिया था और शो रुकवा दिया था.

    अनुपम खेर ने दलेर मेहंदी के पक्ष में एक वीडियो जारी किया है और इंडस्ट्री के बाक़ी लोगों से भी स्टैंड लेने के लिए कहा है.

    अनुपम खेर ने कहा, "मैंने हाल ही में एक वीडियो देखा, जिसमें दलेर मेहंदी जी मंच पर गा रहे थे और फिर कोई मंत्री जी मंच पर चढ़कर उनसे बदतमीज़ी से बात कर रहे थे, बहुत कुछ कह रहे थे. मैं वहां नहीं था इसलिए मुझे ज़्यादा जानकारी नहीं है. लेकिन मैं दलेर जी को पिछले 25-30 साल से जानता हूं, वो शराब नहीं पीते हैं. जिन लोगों से मैं मिला हूं, उनमें वो सबसे अच्छे इंसानों में से एक हैं."

    "दो तीन सालों से दलेर मेहंदी की तबीयत ठीक नहीं है. हो सकता है कि इस संगठन के साथ उनकी कमिटमेंट रही हो, वो मना न कर पाए हों. ये भी हो सकता है कि उन्होंने केवल लिपसिंग की हो. लेकिन मुझे बुरा फ़ील हुआ, किसी को भी इस तरह से बात नहीं करनी चाहिए, विशेष तौर पर एक सार्वजनिक मंच पर तो बिल्कुल नहीं. हमारी इंडस्ट्री के लोगों को इस बारे में बोलना चाहिए और स्टैंड लेना चाहिए."

    उन्होंने कहा, "दलेर जी मुझे आपकी अच्छाई और आपके प्रोफ़ेशनलिज़्म पर पूरा भरोसा है. भगवान आप पर आशीर्वाद बनाए रखें. मैं उम्मीद करता हूं कि आप जल्दी ठीक हो जाएंगे. मुझे खेद है कि आपको इससे गुज़रना पड़ा."

    वहीं, दलेर मेहंदी के भाई मीका सिंह ने स्पष्ट किया कि दलेर मेहंदी ने शराब नहीं पी थी, बल्कि हाल ही में उनकी एक गंभीर सर्जरी (ऑपरेशन) हुई थी जिसके कारण उनकी तबीयत ठीक नहीं थी.

  14. भारत के साथ ट्रेड डील को लेकर क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप

    डोनाल्ड ट्रंप
    इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल ट्रंप ने कहा है कि यह समझौतों से बिल्कुल अलग तरह का होगा (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत और अमेरिका ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के काफ़ी क़रीब हैं.

    ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफ़िस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही.

    भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, “भारत समझौता करना चाहता है. हम भी समझौता करेंगे. हम इसके काफ़ी क़रीब हैं.”

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के बीच होने वाला समझौता पहले किए गए समझौतों से बिल्कुल अलग तरह का होगा.

    ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत के दौरे पर थे.

    इस महीने की शुरुआत में भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीयर के साथ बैठक की थी. इस दौरान दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा हुई.

    गौरतलब है कि भारत और अमेरिका ने फ़रवरी में द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी. हालांकि, इसके बाद अमेरिका की टैरिफ़ नीतियों में बदलाव देखने को मिले हैं.

  15. ब्रिटिश दक्षिणपंथी सांसद ने भारत और पाकिस्तान के लोगों के ख़िलाफ़ फिर दिया बयान

    ब्रिटिश सांसद रूपर्ट लोव
    इमेज कैप्शन, ब्रिटिश सांसद रूपर्ट लोव इससे पहले भारत और पाकिस्तान से लोगों को ब्रिटेन लाकर रोज़गार देने की नीति पर सवाल उठाए थे (फ़ाइल फ़ोटो)

    ब्रिटिश सांसद रूपर्ट लोव ने बांग्लादेशी, पाकिस्तानी और भारतीय नागरिकों को ब्रिटेन में सरकारी लाभ दिए जाने का विरोध किया.

    रूपर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटोफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “हमारे देश में किसी भी बांग्लादेशी, पाकिस्तानी या भारतीय नागरिक को सरकारी लाभ का दावा नहीं करना चाहिए. एक पैसा भी नहीं.”

    इससे पहले मई में भी लोवे ने भारत और पाकिस्तान से लोगों को ब्रिटेन लाकर रोज़गार देने की नीति पर सवाल उठाए थे.

    उन्होंने कहा था कि वह ऐसे लाखों पाकिस्तानियों और भारतीयों को ब्रिटेन लाने के पक्ष में नहीं हैं, जो उन नौकरियों में काम करें जिन्हें बेरोज़गार ब्रिटिश नागरिक कर सकते हैं.

    उन्होंने अपने बयान में कहा था, “अगर इससे मैं नस्लवादी कहलाता हूं, तो ऐसा ही सही.”

    गौरतलब है कि रूपर्ट लोव वर्तमान में ग्रेट यारमाउथ से सांसद हैं और दक्षिणपंथी राजनीतिक दल 'रीस्टोर ब्रिटेन' के नेता हैं.

  16. 2028 में जेडी वेंस को राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन देंगे ट्रंप? सवाल पर मिला ये जवाब

    ट्रंप और जेडी वेंस
    इमेज कैप्शन, अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने उम्मीद जताई थी कि अगर 2028 में चुनाव लड़ने का फ़ैसला लेते हैं, तो ट्रंप उनका समर्थन करेंगे (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए अभी उनके उत्तराधिकारी की चर्चा करना जल्दबाज़ी होगी.

    दरअसल, ओवल ऑफ़िस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डोनाल्ड से पूछा गया था कि क्या वह उप राष्ट्रपति जेडी वेंस के राष्ट्रपति पद की दौड़ में उतरने पर उनका समर्थन करेंगे.

    दिलचस्प बात ये है कि जब ट्रंप से यह सवाल पूछा गया, तब वेंस उनके ठीक पीछे खड़े थे.

    ट्रंप ने वेंस की तारीफ़ करते हुए उन्हें 'बेहद प्रतिभाशाली' और 'बहुत अच्छा व्यक्ति' बताया. हालांकि, उन्होंने कहा कि फ़िलहाल भविष्य की राजनीति पर चर्चा करने का सही समय नहीं है.

    ट्रंप ने कहा, "अभी बहुत जल्दी है. हमें पहले मिडटर्म चुनाव से गुज़रना होगा. इसके बाद देखेंगे कि परिस्थितियां कैसी रहती हैं."

    गौरतलब है कि जेडी वेंस ने पत्रकार मार्क हैल्परिन को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने अभी तक राष्ट्रपति चुनाव लड़ने को लेकर कोई फ़ैसला नहीं किया है.

    हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि अगर वह चुनाव लड़ने का फ़ैसला लेते हैं, तो ट्रंप उनका समर्थन करेंगे.

  17. आसिम मुनीर के सामने अमेरिका का ज़िक्र करते हुए ईरान के राष्ट्रपति ने क्या कहा

    आसिम मुनीर और मसूद पेज़ेश्कियान
    इमेज कैप्शन, अमेरिका से युद्धविराम के बाद आसिम मुनीर चौथी दफ़ा ईरान की आधिकारिक यात्रा पर हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और पाकिस्तान के सेना प्रमुख फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर के बीच मंगलवार को मुलाक़ात हुई.

    दोनों के बीच हुई इस मुलाक़ात को लेकर ईरान सरकार ने बयान जारी किया है और कहा है कि अमेरिका को दबाव बनाने की नीति बंद करनी होगी.

    ईरान सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "राष्ट्रपति डॉ. पेज़ेश्कियान ने पाकिस्तान के फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर से कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट में रुकावटों समेत क्षेत्र में तनाव के पीछे अमेरिका की युद्ध भड़काने वाली नीतियां हैं."

    बयान में बताया गया, "पेज़ेश्कियान ने कहा कि किसी भी बातचीत से पहले अमेरिका को दबाव बनाने, धमकियां देने और प्रतिबंध लगाने की नीति छोड़नी होगी."

    अमेरिका से युद्धविराम के बाद आसिम मुनीर चौथी दफ़ा ईरान की आधिकारिक यात्रा पर हैं.

    इससे पहले दो सितंबर को ईरान दौरे के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेज़ाई, संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़, विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची और गृह मंत्री सिकंदर मोमेनी से मुलाक़ात की थी.

    इस बीच ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने बताया है कि पाकिस्तान विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने कहा है कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के प्रयास जारी रखेगा.

  18. भारत में प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने उठाए सवाल

    दिल्ली प्रदर्शन
    इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कोई भी रोक क़ानून के तहत होनी चाहिए (फ़ाइल फ़ोटो: दिल्ली प्रदर्शन)

    भारत में हाल के महीनों में हुए प्रदर्शनों पर पुलिस की सख़्त कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र के 16 एक्सपर्ट्स नेने चिंता जताई है.

    संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय के अनुसार, भारतीय अधिकारियों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करने, उसकी रक्षा करने और मानवाधिकार उल्लंघनों के मामलों में न्याय करने की अपील की है.

    संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने आरोप लगाया कि भारतीय अधिकारियों को शांतिपूर्ण सभा पर अनुचित प्रतिबंध लगाने, अत्यधिक बल प्रयोग करने, मनमाने ढंग से हिरासत में लेने और स्टूडेंट्स को निशाना बनाने जैसे मामलों को लेकर पहले भी आगाह किया जा चुका है.

    संयुक्त राष्ट्र की ओर से मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, "ख़बरों के मुताबिक़, मार्च में सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों ने नई दिल्ली में स्टूडेंट राइट्स और मज़दूरों के अधिकारों के लिए काम करने वाले 10 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था. उन्हें 24 घंटे से ज़्यादा समय तक किसी से संपर्क नहीं करने दिया गया. आरोप है कि इस दौरान उनके साथ बुरा व्यवहार किया गया, उन्हें धमकाया गया, दबाव डाला गया और जबरन बयान दिलवाए गए. बाद में अदालत ने उन्हें रिहा किया."

    संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने कहा, “ये कदम भारत के अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत ज़रूरी बुनियादी दायित्वों का उल्लंघन करते हैं. इनमें शांतिपूर्ण तरीक़े से इकट्ठा होने की आज़ादी, अपनी बात कहने की आज़ादी, व्यक्तिगत स्वतंत्रता, सुरक्षा और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए आवाज़ उठाने का अधिकार शामिल हैं.”

    संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कोई भी रोक क़ानून के तहत होनी चाहिए, उसका कोई सही उद्देश्य होना चाहिए और साथ ही उचित सीमा में भी होनी चाहिए.

    “सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. स्टूडेंट्स व दूसरे लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार की रक्षा की जाए, ताकि वे एक जगह इकट्ठा होकर अपनी शिकायतें और नाराज़गी जाहिर कर सकें.”

    संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने मांग की है कि क़ानूनी एजेंसियों और उनसे जुड़ी दूसरी ताक़तों के कामकाज की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पूरी जांच बिना किसी देरी के शुरू की जाए.

    संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़, इसका मक़सद यह सुनिश्चित करना होना चाहिए कि ज़िम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो, पीड़ितों को न्याय मिले और उन्हें हुए नुकसान की भरपाई की जाए.