लाइव, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने विजयदशमी के संबोधन में सत्ता परिवर्तन पर क्या कहा?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन नहीं होगा. उन्होंने व्यवस्था को ख़त्म करने की कोशिश कर रही ताक़तों पर भी निशाना साधा.

सारांश

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े

  1. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने विजयदशमी के संबोधन में सत्ता परिवर्तन पर क्या कहा?

    भागवत ने भारत की विविधता और वैश्विक मंच पर देश के बढ़ते कद की सराहना की.
    इमेज कैप्शन, भागवत ने भारत की विविधता और वैश्विक मंच पर देश के बढ़ते कद की सराहना की.

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन नहीं होगा. उन्होंने व्यवस्था को ख़त्म करने की कोशिश कर रही ताक़तों पर भी निशाना साधा.

    फ्रांस, अल्बानिया और बांग्लादेश में अशांति का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आंदोलनों का मक़सद समाधान तलाशना होना चाहिए.

    आरएसएस प्रमुख ने कहा, "यह तूफ़ान पश्चिम से उठा है, जो व्यवस्था के हर स्वरूप के ख़िलाफ़ है."

    भागवत ने भारत की विविधता और वैश्विक मंच पर देश के बढ़ते कद की सराहना की.

    उन्होंने कहा, "भारत, हिंदू और आरएसएस पर लोगों का भरोसा बढ़ रहा है."

    संघ के 101वें स्थापना वर्ष के मौक़े पर आरएसएस के सरसंघचालक ने कहा, "हम बँट गए और कमज़ोर हो गए, जिसके कारण हमें ग़ुलामी झेलनी पड़ी. कई महान लोगों के प्रयासों से हमने ग़ुलामी से मुक्ति पाई. हमें एक बार फिर अपने भावनात्मक संबंधों को समझना होगा."

    उन्होंने कहा, "हमारा देश प्राकृतिक विविधता, धर्मों, जातियों, खानपान और अन्य कई रूपों में विविधता से भरा है. इसलिए हमें ऐसी विचारधारा की ज़रूरत है, जो इन सभी को स्वीकार करे और उनका सम्मान करे. हमारी परंपरा, हमारी सनातन परंपरा, इस विचार को स्वीकार करती है."

    कार्यक्रम की शुरुआत आरएसएस प्रमुख के औपचारिक स्वागत, संगठन के संस्थापक हेडगेवार को पुष्पांजलि और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुई.

    यह कार्यक्रम आरएसएस के 101वें स्थापना वर्ष के अवसर पर आयोजित किया गया.

    इससे पहले सोमवार को भागवत ने नागपुर के धंतोली स्थित श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में पूजा-अर्चना की थी.

    महाष्टमी के अवसर पर उन्होंने कहा कि श्रद्धालु मां दुर्गा का आशीर्वाद मांगते हैं, क्योंकि संसार की हर गतिविधि उन्हीं की कृपा से संचालित होती है.

  2. रूसी विदेश मंत्री ने कहा, रूस नहीं छोड़ेगा ईरान का साथ

    रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और ईरान के विदेश मंत्री के बीच तेहरान में मुलाक़ात हुई है
    इमेज कैप्शन, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और ईरान के विदेश मंत्री के बीच तेहरान में मुलाक़ात हुई है

    रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि उनका देश कभी भी ईरान का साथ नहीं छोड़ेगा.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़ सोमवार को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने तेहरान में मुलाक़ात के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेस में हिस्सा लिया.

    अब्बास अराग़ची ने कहा कि दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि मध्य पूर्व के मुद्दों का कोई सैन्य समाधान नहीं है.

    उन्होंने अमेरिका- ईरान युद्ध और नौसैनिक नाकाबंदी को इस क्षेत्र में असुरक्षा की वजह बताया.

    ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने रूसी विदेश मंत्री से होर्मुज़ स्ट्रेट और फ़ारस की खाड़ी की स्थिति के बारे में बात की थी.

    अराग़ची ने कैस्पियन सागर में ईरानी और रूसी जहाज़ों और यहां बंदरगाह पर मौजूद सुविधाओं पर हुए हमलों के बारे में गहरी चिंता व्यक्त की.

    प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सर्गेई लावरोव ने कहा कि वह ईरानी विदेश मंत्री की ओर से उठाए गए मुद्दों से सहमत हैं और उनके साथ बातचीत को बहुत ही अच्छा मानते हैं.

    लावरोव ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान और रूस के बीच रणनीतिक सहयोग बढ़ रहा है.

    रूसी विदेश मंत्री ने कहा, "रूस दोनों देशों के संयुक्त रणनीतिक समझौते के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और रूस ईरान के साथ सहयोग कभी नहीं छोड़ेगा."

  3. ट्रंप ने फ़्रांस के हालात के लिए प्रवासियों को ठहराया ज़िम्मेदार

    ट्रंप ने अमेरिका के लोगों को यूरोप के हालात के लेकर चेतावनी दी
    इमेज कैप्शन, ट्रंप ने अमेरिका के लोगों को यूरोप के हालात को लेकर चेतावनी दी

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कंसास के विचिटा में चुनावी रैली के दौरान फ़्रांस में जारी अशांति का ज़िक्र किया. उन्होंने आगामी मिडटर्म चुनावों के महत्व को बताते हुए समर्थकों को चेतावनी दी कि अमेरिका को ऐसी स्थिति से बचना होगा.

    ट्रंप ने फ़्रांस में हिंसा और तबाही के लिए "प्रवासियों, जिहादियों और कम्युनिस्टों को ज़िम्मेदार" ठहराया.

    उन्होंने यूरोप के वामपंथी नेताओं पर ऐसी इमिग्रेशन नीतियां अपनाने का आरोप लगाया, जो "पश्चिमी देशों के मूल्यों को कमज़ोर" करती हैं.

    राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका की स्थिति की तुलना यूरोप से करते हुए कहा कि देश को उन ग़लतियों से बचना चाहिए, जो उनके मुताबिक़ यूरोप ने की हैं.

    ट्रंप ने कहा, "वैश्विक वामपंथी यूरोप थर्ड वर्ल्ड के लाखों प्रवासियों को ला रहा है, जिनका पश्चिमी देशों के साथ बिल्कुल भी मेल नहीं है. वे फ़्रांस की हर चीज़ से नफ़रत करते हैं. वे उस देश को बर्बाद कर रहे हैं. हम अपने देश के साथ ऐसा नहीं होने देंगे."

    ट्रंप ने रिपोर्टरों से बातचीत में कहा कि उन्होंने पहले ही फ़्रांस के राष्ट्रपति को देश की सीमाओं को बंद करने की चेतावनी दी थी.

    ट्रंप ने कहा, "फ़्रांस में जो हो रहा है वह न तो स्कूलों की वजह है और न ही किसी अन्य वजह से. यह इमिग्रेशन की वजह से हो रहा है."

  4. फ़्रांस में व्यापक हिंसा के बाद पेरिस के कुछ इलाक़ों समेत कई शहरों में कर्फ़्यू, जारोस्लाव ल्युकीव

    पेरिस के एक इलाक़े में कर्फ़्यू के बाद पसरा सन्नाटा
    इमेज कैप्शन, पेरिस के एक इलाक़े में कर्फ़्यू के बाद पसरा सन्नाटा

    फ़्रांस में बीते कुछ दिनों के दौरान हुए दंगों और लूटपाट के बाद अधिकारियों ने पेरिस के कुछ हिस्सों समेत कई शहरों में रात के समय कर्फ़्यू लगा दिया है.

    पेरिस पुलिस के मुताबिक़, प्लास द ला रिपब्लिक और ले आल शॉपिंग एरिया में स्थानीय समय के अनुसार रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ़्यू लागू रहेगा. बीते कुछ दिनों के दौरान इन इलाक़ों में प्रदर्शनकारी जुटे थे.

    शहर के केंद्र के कई अन्य हिस्सों में बिना अनुमति के सभाओं पर भी रोक लगा दी गई है.

    दक्षिणी फ़्रांस के मार्सेई, बोर्डो, नीस और लियोन के साथ-साथ उत्तरी शहर लील और अन्य कस्बों में भी आंशिक कर्फ़्यू लगाने की घोषणा की गई है. इन पाबंदियों के तहत कुछ जगहों पर युवाओं की आवाजाही और लोगों के जुटने पर रोक लगाई गई है.

    इससे पहले, गृह मंत्री लॉरां नुनेज ने माना कि कुछ शहरों में पुलिस ने हालात पर से नियंत्रण खो दिया था. कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने की तैयारियों को लेकर विपक्षी नेताओं ने उनकी कड़ी आलोचना की थी.

    पिछले महीने बेहतर स्कूल सुविधाओं की मांग को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन शुरू किया था. बाद में इन प्रदर्शनों में महंगाई समेत कई अन्य मुद्दे भी शामिल हो गए. बीते दिनों ट्रेड यूनियनों और विभिन्न प्रदर्शनकारी समूहों के शामिल होने से प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ गई.

    अधिकारियों के मुताबिक़, अब तक 2,500 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है. समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, प्रदर्शन को काबू करने के दौरान क़रीब एक हज़ार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.

    सोमवार को जारी संकट पर हुई बैठक के बाद देश के प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय मेयरों को जरूरत के मुताबिक़ कर्फ़्यू लगाने का अधिकार दिया जा रहा है.