लाइव, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विधानसभा में शराब पीकर आने का आरोप

शिरोमणि अकाली दल ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि यह बड़ी ही शर्म की बात है कि 'मज़दूर दिवस' के मौक़े पर सीएम भगवंत मान शराब पीकर विधानसभा पहुंचे.

सारांश

लाइव कवरेज

अरशद मिसाल, सुमंत सिंह

  1. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विधानसभा में शराब पीकर आने का आरोप

    भगवंत मान

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    इमेज कैप्शन, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (फ़ाइल फोटो)

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विपक्षी पार्टियों ने विधानसभा में शराब पीकर आने का आरोप लगाया है.

    राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने सीएम भगवंत मान का विधानसभा में बोलते हुए एक वीडियो शेयर करते हुए, उन पर शराब पीकर विधानसभा में बोलने का आरोप लगाया है.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, ''आज फिर से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान लोकतंत्र के मंदिर, पंजाब विधानसभा में शराब के नशे में चूर होकर पहुंचे हैं.''

    वहीं, शिरोमणि अकाली दल ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि यह बड़ी ही शर्म की बात है कि 'मज़दूर दिवस' के मौक़े पर सीएम भगवंत मान शराब पीकर विधानसभा पहुंचे.

    अकाली दल ने लिखा, ''यह बहुत शर्म की बात है कि आज 'मज़दूर दिवस' के अवसर पर सीएम भगवंत मान शराब के नशे में धुत होकर विधानसभा के पवित्र सदन में आ गए. आप ख़ुद देख सकते हैं कि मुख्यमंत्री विधानसभा में कैसा बर्ताव कर रहे हैं. शिरोमणि अकाली दल मांग करता है कि मुख्यमंत्री आज पूरे पंजाब के सामने अपना डोप टेस्ट करवाएं, ताकि पंजाब के लोग भी सच्चाई जान सकें.''

    वहीं, पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ''हम विधानसभा में आकर आखिर करें भी क्या, जब मुख्यमंत्री ही नशे की हालत में हों? सत्र आयोजित करने का क्या औचित्य है, जब राज्य का मुखिया ही पूरी तरह से नशे में धुत हों? हमारी मांग है कि सभी का टेस्ट कराया जाए."

    आम आदमी पार्टी का जवाब

    वहीं, पंजाब आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने पीटीआई से बात करते हुए कहा, ''मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा मजदूरों की कड़ी मेहनत और योगदान का सम्मान करने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया था.''

    उन्होंने आगे कहा, ''कांग्रेस बेबुनियाद और गैर-ज़रूरी बयानबाज़ी कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. यह मज़दूरों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है और सदन की गरिमा को कमज़ोर करता है.''

  2. पाकिस्तान में फिर बढ़े पेट्रोल और डीज़ल के दाम

    पाकिस्तान में पेट्रोल पंप में भीड़

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    इमेज कैप्शन, गुरुवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की क़ीमतें 126 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं

    पाकिस्तान ने देश में पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों में फिर से बढ़ोतरी की घोषणा की है.

    पेट्रोलियम विभाग के मुताबिक़, पेट्रोल की क़ीमत में प्रति लीटर 6.51 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जबकि हाई-स्पीड डीज़ल की क़ीमत 19.39 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई है.

    पाकिस्तान में अब पेट्रोल की नई क़ीमत 399.86 रुपये प्रति लीटर, जबकि हाई-स्पीड डीज़ल की नई क़ीमत 399.58 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी.

    ये नई क़ीमतें आज रात 12 बजे से लागू होंगी.

    गुरुवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की क़ीमतें क़रीब सात फ़ीसदी बढ़कर 126 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं. ये साल 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद से सबसे ऊंचे स्तर हैं.

  3. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  4. अमित शाह बोले, मुंबई में 1745 करोड़ रुपये की कोकीन ज़ब्त

    अमित शाह

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    इमेज कैप्शन, अमित शाह ने बताया कि एनसीबी ने मुंबई में 349 किलोग्राम हाई-ग्रेड कोकीन ज़ब्त की है (फ़ाइल फ़ोटो)

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क तक पहुंच बनाई है.

    उन्होंने यह भी कहा कि एनसीबी ने मुंबई में 349 किलोग्राम हाई-ग्रेड कोकीन ज़ब्त की है, जिसकी क़ीमत 1,745 करोड़ रुपये है.

    एक्स पर पोस्ट करते हुए शाह ने कहा, "हम नशीले पदार्थों के कार्टेल को बेदर्दी से कुचलने के लिए संकल्पित हैं."

    उन्होंने कहा, "नारकोटिक्स ब्यूरो ने मुंबई में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए 349 किलोग्राम हाई-ग्रेड कोकीन ज़ब्त की है, जिसकी क़ीमत 1745 करोड़ रुपये बताई जा रही है."

    "यह एक अहम उदाहरण है, जहां एजेंसी ने छोटे कंसाइनमेंट से शुरुआत करते हुए एक बड़े नेटवर्क तक पहुंच बनाई. इस बड़ी सफलता के लिए एनसीबी टीम को बधाई."

  5. रूस की चर्चा के बीच ईरान ने पाकिस्तान को ही बताया आधिकारिक मध्यस्थ

    इस्माइल बक़ाई

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    इमेज कैप्शन, बक़ाई ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाक़ात का भी ज़िक्र किया (फ़ाइल फ़ोटो)

    बीबीसी न्यूज़ पर्शियन के मुताबिक़, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता में पाकिस्तान आधिकारिक मध्यस्थ है.

    उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा, "कई देश इस संबंध में मदद करने को तैयार हैं, लेकिन वार्ता में आधिकारिक मध्यस्थ पाकिस्तान है."

    एक टेलीविज़न इंटरव्यू में बक़ाई ने कहा, "अगर बातचीत करने का फ़ैसला लिया जाता है, तो हम सब कुछ पारदर्शी तरीक़े से घोषित करेंगे."

    बक़ाई ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची की हाल ही में हुई रूस यात्रा और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी मुलाक़ात का भी ज़िक्र किया.

    उन्होंने कहा, "रणनीतिक साझेदारी के तहत ईरान और रूस के बीच राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सहयोग है और मौजूदा हालात में ईरान विभिन्न देशों के साथ बातचीत करने और अपनी स्थिति के बारे में बताने की कोशिश कर रहा है."

    ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि रूस और चीन के साथ राजनयिक सहयोग के कारण ईरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में "क्षेत्र के कुछ देशों की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाइयों" से निपटने में सफल रहा है.

    अब्बास अराग़ची के रूस दौरे के बाद ऐसी चर्चा है कि रूस, ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है.

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से मिली अग्रिम ज़मानत

    पवन खेड़ा

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    इमेज कैप्शन, पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेके महेश्वरी और जस्टिस एएस चंदुरकर की बेंच ने अग्रिम ज़मानत दी (फ़ाइल फ़ोटो)

    लीगल मामलों की वेबसाइट 'लाइव लॉ' और 'बार एंड बेंच' के मुताबिक़, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देते हुए अग्रिम ज़मानत दे दी है. यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी से जुड़ा है.

    पवन खेड़ा ने उन पर आरोप लगाया था कि उनके पास कई पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं. खेड़ा के इस दावे के बाद हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी ने शिकायत दर्ज कराई थी.

    पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेके महेश्वरी और जस्टिस एएस चंदुरकर की बेंच ने अग्रिम ज़मानत दी है. इससे पहले गुवाहाटी हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम ज़मानत की याचिका ख़ारिज कर दी थी.

    लाइव लॉ के मुताबिक़, शुक्रवार सुबह जारी फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणी "रिकॉर्ड पर रखी गई सभी सामग्री के सही आकलन पर आधारित नहीं है और यह ग़लत लग रही है."

    अदालत ने यह भी कहा कि आरोप-प्रत्यारोप पहली नज़र में "राजनीतिक रूप से प्रेरित और आपसी प्रतिद्वंद्विता से प्रभावित लगते हैं, न कि ऐसी स्थिति दर्शाते हैं जिसमें हिरासत में पूछताछ की ज़रूरत हो."

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "आरोपों की सच्चाई की जांच ट्रायल के दौरान की जा सकती है."

  7. चीन ने सिर्फ़ इस देश को छोड़कर अफ़्रीका के सभी देशों पर से हटाए टैरिफ़, केली एनजी

    शी जिनपिंग

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    इमेज कैप्शन, चीन का दावा है कि वह अफ़्रीका को एकतरफ़ा ज़ीरो-टैरिफ़ सुविधा देने वाली पहली बड़ी अर्थव्यवस्था है (फ़ाइल फ़ोटो)

    चीन शुक्रवार से सिर्फ़ एक देश छोड़कर बाक़ी के सभी अफ़्रीकी देशों पर से टैरिफ़ ख़त्म करेगा.

    यह एकमात्र देश एस्वाटिनी है, क्योंकि उसके ताइवान के साथ राजनयिक संबंध हैं.

    दिसंबर 2024 तक चीन 33 सबसे कम विकसित अफ़्रीकी देशों के लिए पहले ही ड्यूटी-फ़्री नीति लागू कर चुका था.

    अब यह नीति 53 देशों को कवर करती है और 30 अप्रैल 2028 तक लागू रहेगी. इसके बाद क्या होगा, यह साफ़ नहीं है.

    चीन का कहना है कि वह अफ़्रीका को एकतरफ़ा ज़ीरो-टैरिफ़ सुविधा देने वाली पहली बड़ी अर्थव्यवस्था है.

    लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि चीन इस मौक़े का इस्तेमाल अपने सॉफ़्ट पावर को मज़बूत करने के लिए कर रहा है.

    उनका यह भी कहना है कि टैरिफ़ अक्सर अफ़्रीकी निर्यातकों के लिए मुख्य बाधा नहीं होते. चीन के साथ अफ़्रीका का व्यापार घाटा काफ़ी बड़ा है.

  8. यूएई ने ईरान समेत खाड़ी के इन देशों में अपने नागरिकों की यात्रा पर लगाया प्रतिबंध

    शेख़ अब्दुल्लाह बिन ज़ायेद अल नाहयान

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    इमेज कैप्शन, यूएई ने ईरान, इराक़ और लेबनान में मौजूद अपने नागरिकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने देश वापस लौटें (फ़ाइल फ़ोटो)

    संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपने नागरिकों के लिए ईरान, इराक़ और लेबनान की यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

    यूएई के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, "मौजूदा हालात को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने यूएई के नागरिकों के ईरान, इराक़ और लेबनान की यात्रा पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है."

    साथ ही यूएई ने इन तीनों देशों में मौजूद अपने नागरिकों से अपील की है कि वे 'तुरंत देश वापस लौटें'.

    इससे पहले यूएई ने बीते दिनों एक बड़ा फ़ैसला लेते हुए तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक और ओपेक प्लस से बाहर होने की घोषणा की थी.

  9. ग़ज़ा जा रही नावों पर इसराइली कार्रवाई के विरोध में उतरे पाकिस्तान समेत ये 11 देश

    ग्लोबल सुमूद फ़्लोटिला

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    इमेज कैप्शन, इस काफिले में शामिल नावें रविवार को सिसिली से रवाना हुईं

    ग़ज़ा में मदद ले जा रहे ग्लोबल सुमूद फ़्लोटिला की 22 नावों को इसराइली सेना की ओर से रोके जाने पर पाकिस्तान समेत 11 देशों के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान जारी कर इसकी निंदा की है.

    पाकिस्तान, बांग्लादेश, ब्राज़ील, कोलंबिया, जॉर्डन, लीबिया, मलेशिया, मालदीव, दक्षिण अफ़्रीका, स्पेन और तुर्की के विदेश मंत्रियों ने अपने संयुक्त बयान में इसराइल की इस कार्रवाई को 'हमला' बताया है.

    बयान में कहा गया, "यह एक शांतिपूर्ण मानवीय पहल थी, जिसका मक़सद ग़ज़ा में मानवीय संकट की ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचना था."

    "नावों पर इसराइली हमले और अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में एक्टिविस्टों की ग़ैरक़ानूनी हिरासत अंतरराष्ट्रीय क़ानून का खुला उल्लंघन है."

    इसके अलावा इन देशों के विदेश मंत्रियों ने एक्टिविस्टों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है और इसराइली अधिकारियों से अपील की है कि उनकी तुरंत रिहाई के लिए ज़रूरी कदम उठाए जाएं.

    फ़लस्तीन समर्थक एक्टिविस्टों का कहना है कि ग़ज़ा के लिए मदद लेकर जा रहे एक फ़्लोटिला (बेड़े) की 22 नावों को ग्रीस के क्रीट द्वीप के पास अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में इसराइली बलों ने रोक लिया है.

    इसराइल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि क़रीब 175 एक्टिविस्ट को हिरासत में लिया गया है.

  10. डोनाल्ड ट्रंप ने अब इस देश के नेता के लिए कहा, 'वह बहुत ख़राब काम कर रहे हैं'

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप ने ईरान को लेकर मर्त्ज़ से हुई बातचीत का भी ज़िक्र किया

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जर्मनी के चांसलर फ़्रिड्रिख़ मर्त्ज़ की आलोचना करते हुए कहा है कि वह 'बहुत ख़राब काम कर रहे हैं.'

    पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, "जर्मनी में इमिग्रेशन और एनर्जी की समस्याएं हैं. वो कई तरह की समस्याएं झेल रहे हैं. वहां यूक्रेन को लेकर भी बड़ी समस्या है."

    ट्रंप ने ईरान के मामले में मर्त्ज़ से हुई बातचीत का भी ज़िक्र किया.

    उन्होंने कहा, "मैंने ईरान में जो कुछ भी किया, इसके लिए उन्होंने मेरी आलोचना की. लेकिन जब मैंने उनसे पूछा 'क्या आप चाहते हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार हो?' तो उन्होंने कहा 'नहीं'. मैंने कहा 'तो फिर मुझे लगता है कि मैं सही हूं'."

    बीते दिनों ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका जर्मनी में अपने सैनिकों की संख्या कम करने पर विचार कर रहा है.

  11. ईरान में 21 साल के युवक को फांसी पर लटकाया गया

    सासन आज़ादवर जोंग़ानी

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    बीबीसी न्यूज़ पर्शियन के मुताबिक़, ईरान के इस्फ़हान में रहने वाले 21 साल के युवक सासन आज़ादवर जोंग़ानी को फांसी पर लटका दिया गया.

    उन्हें इसी साल जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान गिरफ़्तार किया गया था. आज़ादवर को इस्फ़हान की दस्तगर्द जेल में फांसी दे दी गई.

    उनके परिवार के क़रीबी एक सूत्र ने मानवाधिकार वेबसाइट एचआरएएनए को बताया कि उनका अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर एक ‘सुरक्षित क्षेत्र’ में किया गया, जिसमें “उनके सिर्फ़ 10 रिश्तेदारों” को ही शामिल होने की अनुमति दी गई.

    ईरान की इस्लामिक गणराज्य की न्यायपालिका का कहना है कि जनवरी में सरकार को “उखाड़ फेंकने” के उद्देश्य से हुए प्रदर्शनों के दौरान सासन आज़ादवर जोंग़ानी ने “अधिकारियों को ले जा रही एक मिनीबस पर पत्थरों और डंडों से हमला किया, वाहनों के शीशे तोड़े और अधिकारियों पर पत्थर और ईंटें फेंकीं.”

    ईरानी न्यायपालिका के अनुसार, उन्होंने यह स्वीकार किया था कि रैलियों में शामिल होने से पहले उन्होंने अपने आसपास के लोगों से कहा था कि वह शासन को उखाड़ फेंकने के मक़सद से सड़कों पर उतरेंगे, और उन्होंने अपने दोस्तों को भी प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए “आमंत्रित” किया था.

    मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें आज़ादवर की हिरासत की स्थिति, वकील तक उनकी पहुंच, और किन परिस्थितियों में उनका इक़बालिया बयान लिया गया, इसकी जानकारी नहीं है.

  12. म्यांमार: पूर्व नेता आंग सान सू ची को हाउस अरेस्ट में शिफ़्ट किया गया, बेटे ने किस बात की जताई आशंका, रॉबर्ट ग्रीनॉल और जोनाथन हेड

    आंग सान सू की

    इमेज स्रोत, Myanmar state TV

    म्यांमार के सरकारी मीडिया के मुताबिक़, देश की पूर्व नेता आंग सान सू ची को हाउस अरेस्ट में शिफ्ट किया गया है. वह पहले हिरासत में थीं.

    80 साल की नोबेल पुरस्कार विजेता को 2021 में सैन्य तख्तापलट में सत्ता से हटाए जाने के बाद से हिरासत में रखा गया था. माना जा रहा है कि उन्हें राजधानी नेपीडॉ की एक सैन्य जेल में रखा गया था.

    सैन्य प्रमुख मिन आंग लाइंग के बयान में कहा गया है कि उन्होंने "उनकी बाक़ी सज़ा को तय आवास पर पूरी करने का आदेश दिया है".

    मिन आंग लाइंग ने म्यांमार में तख़्तापलट का नेतृत्व किया था.

    आंग सान सू ची 2015 में सत्ता में आई थीं, जब म्यांमार के तत्कालीन शासकों ने लोकतांत्रिक सुधार लागू किए थे.

    इससे पहले वह लंबे समय तक सैन्य शासन के दौरान लोकतंत्र समर्थक एक्टिविस्ट रहीं और उन्हें पहले 15 साल से ज़्यादा समय तक हाउस अरेस्ट में रखा गया था.

    सरकारी मीडिया ने उनकी एक तस्वीर प्रसारित की है, जिसमें वह दो वर्दीधारी कर्मियों के साथ बैठी दिखाई दे रही हैं.

    उनके बेटे किम एरिस ने इस घोषणा पर संदेह जताया है और कहा कि उनके पास यह साबित करने का कोई सबूत भी नहीं है कि उनकी मां ज़िंदा हैं. उन्होंने कहा कि इस तस्वीर का "कोई मतलब नहीं" है, क्योंकि यह 2022 में ली गई थी.

    उन्होंने बीबीसी से कहा, "मुझे उम्मीद है कि यह सच हो. लेकिन अब तक मुझे ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि उन्हें शिफ़्ट किया गया है."

  13. इसराइल ने ग़ज़ा के लिए मदद ले जा रहीं 22 नावों को रोका, 175 एक्टिविस्ट हिरासत में, डेविड ग्रिटेन

    इसराइल ने ग़ज़ा फ़्लोटिला रोका

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    इमेज कैप्शन, ग़ज़ा में इसराइल ने नौसैनिक नाकाबंदी कर रखी है

    फ़लस्तीन समर्थक एक्टिविस्टों का कहना है कि ग़ज़ा के लिए मदद लेकर जा रहे एक फ़्लोटिला (बेड़े) की 22 नावों को ग्रीस के क्रीट द्वीप के पास अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में इसराइली बलों ने रोक लिया है.

    ग्लोबल सुमूद फ़्लोटिला (जीएसएफ़) के आयोजकों ने इस कार्रवाई को "डकैती" बताया है. उनका कहना है कि ग़ज़ा से 965 किलोमीटर से ज़्यादा दूर मौजूद लोगों को ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से हिरासत में लिया गया.

    ग़ज़ा में इसराइल ने नौसैनिक नाकाबंदी कर रखी है.

    इसराइल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि क़रीब 175 एक्टिविस्ट को हिरासत में लिया गया है और फ़्लोटिला को "पीआर स्टंट" बताया. विदेश मंत्री गिडियन सार ने कहा कि इन्हें गुरुवार को बाद में "ग्रीस के एक बीच पर उतारा जाएगा".

    जीएसएफ़ के आंकड़ों के मुताबिक़, फ़्लोटिला की बाक़ी 36 नावों में से ज़्यादातर इस समय क्रीट के दक्षिणी तट के पास हैं.

    यह फ़्लोटिला दो हफ़्ते पहले रवाना हुआ था. इसमें कुल 58 जहाज़ स्पेन, फ़्रांस और इटली से शामिल हुए थे. इसका मक़सद ग़ज़ा पर इसराइल की नाकाबंदी को तोड़ना था.

  14. नमस्कार!

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

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