लाइव, कॉकरोच जनता पार्टी अब यूनिवर्सिटी कैंपस में मांगेगी शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा, सोनम वांगचुक भी होंगे शामिल

सीजेपी 11 जून को पुणे यूनिवर्सिटी में शाम चार बजे ये प्रदर्शन करेगी. सीजेपी पहले ही इस्तीफ़े की मांग को लेकर केंद्र सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दे चुकी है.

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लाइव कवरेज

सुमंत सिंह, अरशद मिसाल

  1. कॉकरोच जनता पार्टी अब यूनिवर्सिटी कैंपस में मांगेगी शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा, सोनम वांगचुक भी होंगे शामिल

    सीजेपी के दूसरे प्रदर्शन में भी उनके समूह के अहम चेहरे शामिल होंगे

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    इमेज कैप्शन, सीजेपी के दूसरे प्रदर्शन में भी उनके समूह के अहम चेहरे शामिल होंगे (फाइल फोटो)

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर होने वाले अगले प्रदर्शन की घोषणा कर दी है.

    यह प्रदर्शन 11 जून को पुणे यूनिवर्सिटी में शाम चार बजे से होगा. सीजेपी पहले ही इस्तीफ़े की मांग को लेकर केंद्र सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दे चुकी है.

    सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक्स पर वीडियो पोस्ट के ज़रिए इसकी जानकारी दी है. साथ ही कहा है कि पुणे यूनिवर्सिटी कैंपस में होने वाले इस प्रदर्शन में पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल होंगे.

    ग़ौरतलब है कि सीजेपी के अगले प्रदर्शन के लिए उन्होंने अपने गृहराज्य को चुना है.

    30 साल के अभिजीत दीपके मूल रूप से महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर से ताल्लुक रखते हैं. वह बीते क़रीब दो साल से अमेरिका में रह रहे थे और बीते शनिवार को पहले प्रदर्शन के लिए भारत आए थे.

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर इस सोशल मीडिया समूह की कॉल पर कई सौ लोग शामिल हुए थे. हालांकि यह संख्या उसके दो करोड़ से ज़्यादा इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की तादाद से काफ़ी कम थी.

  2. पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश, सवार सभी लोगों की हुई मौत

    एमआई-17

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    इमेज कैप्शन, एमआई-17 की फ़ाइल फ़ोटो

    पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की राजधानी मुज़फ़्फ़राबाद में सेना का एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है. इसमें सवार सभी लोगों की मौत हो गई है. पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग आईएसपीआर ने हादसे की पुष्टि की है.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, पाकिस्तानी सेना ने कहा कि बचाव दल मौके़ पर पहुंच गए थे. प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने इस हादसे पर दुख जताया है.

    बयान में कहा गया है कि एमआई-17 हेलीकॉप्टर उड़ान भरते समय दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसकी वजह तकनीकी ख़राबी थी. हादसे की जांच के लिए एक बोर्ड भी गठित किया गया है.

    हालांकि आधिकारिक बयान से यह स्पष्ट नहीं है कि हादसे में मरने वालों की संख्या कितनी है.

    अधिकारी बोले- मौत की संख्या बढ़ सकती है

    मुज़फ़्फ़राबाद के ज़िला प्रशासन के एक अधिकारी ने बीबीसी उर्दू के रुहान अहमद को जानकारी दी है कि हादसे में हेलीकॉप्टर के दोनों पायलटों की मौत हो गई.

    साथ ही उन्होंने कहा है कि मृतकों की संख्या और ज़्यादा हो सकती है.

    इससे पहले ज़िला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी उर्दू के शहज़ाद मलिक को बताया कि हेलीकॉप्टर नीलम स्टेडियम से उड़ान भरने की कोशिश कर रहा था.

    इसी दौरान वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया. अधिकारी के मुताबिक़, इसके बाद शहर में ज़ोरदार धमाके की आवाज़ सुनी गई.

    मुज़फ़्फ़राबाद के एक निवासी हमज़ा ने पत्रकार नसीर चौधरी से बात की. उन्होंने बताया कि तेज़ धमाके के बाद आसमान में धुएं के ग़ुबार उठते दिखाई दिए.

    उन्होंने यह भी कहा कि राहत एजेंसियों के वाहनों को उन्होंने प्रभावित इलाके़ की ओर जाते देखा.

  3. कार्टून: पर्चे का डर

    आज का कार्टून
    इमेज कैप्शन, राज्यसभा चुनावों के लिए कांग्रेस की उम्मीदवार का पर्चा रद्द होने पर आज का कार्टून
  4. पाकिस्तान का दावा, हवाई हमले में अफ़ग़ानिस्तान में मारे गए 26 चरमपंथी

    पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान बॉर्डर

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान का दावा है कि ये हमले हाल में पाकिस्तान में हुई चरमपंथी घटनाओं के जवाब में किए गए हैं

    पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान के साथ लगने वाली अपनी सीमा पर घातक हवाई हमले किए हैं.

    पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारड़ ने बुधवार को कहा कि "सटीक और नियंत्रित हमलों" में चार ठिकानों को नष्ट कर दिया गया, जिनमें 26 चरमपंथी मारे गए.

    वहीं, अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार ने पहले कहा था कि पाकिस्तान के हमलों में तीन प्रांतों में 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 11 बच्चे शामिल हैं.

    पाकिस्तान लंबे समय से अफ़ग़ानिस्तान पर ऐसे चरमपंथियों को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है, जो पाकिस्तानी क्षेत्र में हमले करते हैं. हालांकि, तालिबान सरकार इस आरोप को ख़ारिज करती रही है.

    यह ताज़ा तनाव फ़रवरी के बाद पहली बड़ी सैन्य कार्रवाई है. फ़रवरी में सीमा पर हुई झड़पों में सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी.

    दोनों देशों ने पिछले साल अक्तूबर में कई सप्ताह तक चली घातक झड़पों के बाद युद्धविराम पर सहमति जताई थी.

    पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारड़ ने कहा, "ये हमले हाल में पाकिस्तान में हुई चरमपंथी घटनाओं के जवाब में किए गए हैं."

    "हमलों का निशाना सीमा क्षेत्र में मौजूद चरमपंथियों के ठिकाने और सुरक्षित आश्रय स्थल थे, जिनमें एक प्रशिक्षण केंद्र और गोला-बारूद का भंडार भी शामिल था."

    तारड़ ने कहा, "पाकिस्तान हमेशा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने का प्रयास करता रहा है, लेकिन साथ ही हमारे नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है."

    तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने पहले कहा था कि पाकिस्तान के हमलों ने कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में स्थित लक्ष्यों को निशाना बनाया.

  5. टीएमसी और राज्यसभा से इस्तीफ़ा देने के बाद असम क्यों जाना चाहती हैं सुष्मिता देव

    सुष्मिता देव

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    इमेज कैप्शन, सुष्मिता देव (फ़ाइल फ़ोटो)

    सुष्मिता देव ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और राज्यसभा से इस्तीफ़ा दे दिया है. राज्यसभा के सभापति ने उनका इस्तीफ़ा स्वीकार भी कर लिया है. बुधवार को पार्लियामेंट्री बुलेटिन जारी कर इसकी जानकारी दी गई.

    वहीं सुष्मिता देव ने अपने इस फ़ैसले के बारे में मीडिया से बात की है.

    उन्होंने इस्तीफ़े के बाद एएनआई से बातचीत में कहा, "इसके पीछे मेरे व्यक्तिगत कारण हैं. मेरे राजनीतिक कारण हैं. और एक स्वतंत्र देश में एक नेता अपने राजनीतिक जीवन में कोई भी फ़ैसला ले सकता है."

    सुष्मिता अपने इस फ़ैसले के बाद आगे क्या करेंगी, उन्होंने इस पर भी बात की है.

    सुष्मिता ने आगे कहा, "मेरी राजनीति असम में है. मैं बंगाल की जनता के प्रति आभार व्यक्त करती हूं. लेकिन मुझे तो असम में ही काम करना है. इन बातों को ध्यान में रखकर मैंने यह फ़ैसला लिया है."

    साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया, "मैं अभी न तो कांग्रेस में हूं और न ही बीजेपी में."

    हालांकि उन्होंने इस पर कोई साफ़ जवाब नहीं दिया कि वे आगे किस दल में शामिल होंगी.

  6. पीएम मोदी के लंबे कार्यकाल को कांग्रेस ने स्वघोषित रिकॉर्ड बताया, नेहरू से ऐसे की तुलना

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की नेहरू के कार्यकाल से कांग्रेस ने तुलना की है (फ़ाइल फ़ोटो)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक सेवा देने का रिकॉर्ड बनाया है.

    कांग्रेस ने बुधवार को इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना की है. कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, "उन्होंने (पीएम मोदी) भले ही आज एक 'स्व घोषित और संदिग्ध' उपलब्धि हासिल कर ली हो, लेकिन वो भारत के गले का एक बोझ बन गए हैं. उन पर आरोप है कि वे देश में लोकतंत्र की हत्या होते हुए देख रहे हैं."

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में संवैधानिक संस्थाओं को ख़त्म किया जा रहा है, इलेक्शन कमीशन की आज़ादी छीन गई है, और अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण को कमज़ोर कर दिया गया है.

    जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त, 1947 को भारत के प्रधानमंत्री बने. उन्होंने एक ऐसी असाधारण कैबिनेट का नेतृत्व किया, जैसी मिसालें दुनिया में बहुत कम देखने को मिलती हैं."

    "अगले पांच वर्षों में आधुनिक भारत आकार लेने लगा. 560 से अधिक रियासतों का विलय, ज़मींदारी प्रथा का समापन, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण लागू हुआ. विज्ञान और तकनीकी क्षमता के लिए बुनियादी ढांचा बना जिसमें परमाणु ऊर्जा भी शामिल थी. अब पीएम मोदी द्वारा इसे मिटाने की कोशिश की जा रही है.”

    जयराम रमेश ने नीट-सीबीएसई मामले में सामने आईं अनियमितताओं का हवाला देते हुए कहा, नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में शैक्षणिक संस्थाओं से वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मिटाया गया है.

    जयराम रमेश ने दोनों प्रधानमंत्रियों के तीनों कार्यकालों की तुलना की है.

    उन्होंने कहा, "पंडित नेहरू ने 1952, 1957 और 1962 में भारी और निर्णायक बहुमत से जीत हासिल की. वहीं, पीएम मोदी 2024 में काफ़ी अंतर से साधारण बहुमत भी हासिल नहीं कर पाए. उन्हें भाजपा संसदीय दल को दरकिनार कर जल्दबाज़ी में एनडीए की बैठक बुलानी पड़ी, ताकि खुद को प्रधानमंत्री के रूप में स्वीकार कराया जा सके. 2024 निश्चित रूप से उनके लिए जनादेश नहीं था."

  7. पश्चिम बंगाल में शुभेंदु सरकार के मंत्रियों के विभागों का हुआ बंटवारा, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिन्दी के लिए

    शुभेंदु अधिकारी

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    इमेज कैप्शन, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (फ़ाइल फ़ोटो)

    पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी सरकार में एक जून को शपथ लेने वाले 35 मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया गया है. बीती नौ मई को शुभेंदु के साथ पांच मंत्रियों ने शपथ ली थी. उनके विभागों का बंटवारा उसी समय कर दिया गया था.

    दूसरे चरण में एक जून को 35 मंत्रियों ने शपथ ली थी. भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य के साथ कई दौर की बातचीत के बाद बुधवार को इन मंत्रियों के विभागों पर मुहर लगा दी. राज्य सचिवालय की ओर से जारी एक बयान में मंत्रियों के विभागों की जानकारी दी गई है.

    इसमें बताया गया है कि गृह मंत्रालय के अलावा विधि और न्याय, भूमि और भू-राजस्व, बिजली, सूचना और संस्कृति, राहत और पुनर्वास, प्रशासनिक सुधार और पर्वतीय मामलों के मंत्रालय मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पास ही रहेंगे.

    बंटवारे के तहत स्वपन दासगुप्ता को वित्त मंत्रालय की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है.

    पेशे से डॉक्टर शारद्वत मुखर्जी को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है.

    वरिष्ठ राजनीतिज्ञ और कोलकाता के मानिकतला के विधायक तपस रॉय उद्योग और वाणिज्य मंत्री बने हैं. जगन्नाथ चटर्जी को उच्च शिक्षा मंत्री और उत्तर बंगाल के भाजपा नेता दीपक बर्मन को स्कूली शिक्षा मंत्री बनाया गया है.

    नौ मई को ब्रिगेड परेड मैदान में शुभेंदु अधिकारी के साथ शपथ लेने वाले दिलीप घोष को पंचायत, कृषि विपणन और पशु संसाधन, अशोक कीर्तनिया को खाद्य और आपूर्ति, खुदीराम टुडू को आदिवासी विकास और अग्निमित्रा पॉल को शहरी विकास मंत्रालय का ज़िम्मा सौंपा गया है.

    उत्तर बंगाल के वरिष्ठ नेता शंकर घोष को संसदीय मामलों और पर्यटन मंत्रालय की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है. उनके अलावा इंद्रनील खान को खेल और युवा कल्याण मंत्री और निशिथ प्रामाणिक को उत्तर बंगाल विकास मंत्री बनाया गया है. भाजपा के वरिष्ठ नेता अर्जुन सिंह को श्रम और परिवहन मंत्रालय की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है.

  8. दक्षिण अफ़्रीका के जोहान्सबर्ग में हुई गोलीबारी में 12 लोगों की मौत, पुलिस ने क्या कहा?, यारोस्लाव लुकिव

    दक्षिण अफ़्रीका पुलिस

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    इमेज कैप्शन, इस गोलीबारी में नौ अन्य लोग घायल हुए हैं (सांकेतिक तस्वीर)

    दक्षिण अफ़्रीका के जोहान्सबर्ग में एक सामूहिक गोलीबारी की घटना सामने आई है. पुलिस के मुताबिक़, इस घटना में कम से कम 12 वयस्कों की मौत हो गई है, जिनमें तीन महिलाएं शामिल हैं.

    इस गोलीबारी में नौ अन्य लोग घायल हुए हैं, इन सभी को गोली लगी है. इनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है.

    यह घटना मंगलवार देर रात क्लीवलैंड की एक झुग्गी बस्ती में हुई. हमलावरों की तलाश के लिए छानबीन जारी है.

    पुलिस ने बयान में कहा, "एक पेट्रोल पंप के पास एक सफ़ेद टोयोटा क्वांटम से 10 से ज़्यादा संदिग्ध उतरे."

    बयान में आगे कहा गया, "ये संदिग्ध, इस झुग्गी बस्ती के दोनों रास्तों से अंदर घुसे और उसे चारों ओर से घेरकर गोलीबारी शुरू कर दी. संदिग्धों ने वहां के स्थानीय लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी की. और फिर वे उसी गाड़ी से फ़रार हो गए."

    दक्षिण अफ़्रीका, दुनिया के सबसे ज़्यादा हत्या दर वाले देशों में से एक है. यहां हर दिन औसतन 60 लोगों की हत्या होती है.

    इन झुग्गी बस्तियों में गोलीबारी की घटनाएं आम हैं. कई बार ये घटनाएं गैंग हिंसा या निजी विवाद से जुड़ी होती हैं.

    स्थानीय पुलिस ने बताया कि उन्हें मंगलवार की रात क़रीब 11:10 पर गोलीबारी की सूचना मिली. इसके बाद पुलिस मौक़े पर पहुंची. पुलिस ने कहा कि हमले का कारण अभी साफ़ नहीं है.

  9. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  10. नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के तौर पर 12 साल पूरे होने पर मेलोनी की ये बधाई

    नरेंद्र मोदी और जियोर्जिया मेलोनी

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    इमेज कैप्शन, जियोर्जिया मेलोनी ने पीएम मोदी के साथ की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की है

    इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके कार्यकाल के लिए बधाई दी है.

    नरेंद्र मोदी अब भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे लंबे कार्यकाल वाले नेता बन गए हैं. उन्होंने इस मामले में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को पीछे छोड़ दिया है.

    जियोर्जिया मेलोनी ने पीएम मोदी के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए एक्स पर लिखा, "भारत के इतिहास में आज सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर नरेंद्र मोदी को बधाई."

    उन्होंने लिखा, "बीते दिनों रोम में उनसे फिर मुलाक़ात करना और साथ मिलकर एक विशेष रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत करना सुखद रहा. यह साझेदारी भविष्य में हमारे देशों और लोगों के लिए नए अवसर पैदा करने के बारे में है."

    इससे पहले पीएम मोदी को मलेशिया, श्रीलंका, मालदीव, केन्या, पापुआ न्यू गिनी और त्रिनिदाद एंड टोबैगो जैसे देशों के नेता भी बधाई दे चुके हैं.

  11. ईरान की ओर से हमले के दावे के बाद बहरीन, कुवैत और जॉर्डन के आए बयान

    अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर हमला

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    इमेज कैप्शन, बहरीन के मनामा में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर हमले के बाद की तस्वीर (यह तस्वीर 28 फ़रवरी, 2026 की है)

    बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, ईरान की ओर से मध्य-पूर्व के देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने के दावे के बाद कुछ ईरानी मीडिया आउटलेट्स ने 'कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों' की खबरें चलाई हैं.

    इस बीच अब इन देशों के बयान भी सामने आए हैं.

    कुवैत की सेना के जनरल स्टाफ़ ने कहा है कि उनके देश के एयर डिफ़ेंस सिस्टम ने 'हवाई हमलों' को रोका है. एक्स पर एक पोस्ट में कुवैती सेना ने लोगों से 'सुरक्षा से जुड़े दिशानिर्देशों का पालन करने' का अनुरोध किया है.

    बहरीन के गृह मंत्रालय ने लोगों से 'शांत रहने और सबसे नज़दीकी सुरक्षित जगहों पर जाने' का अनुरोध किया है.

    वहीं, जॉर्डन की सेना ने बयान जारी कर 'ईरान की ओर से दागी गईं पांच मिसाइलों को गिराने' का दावा किया है.

    इससे पहले ईरानी मीडिया ने ख़बर दी थी कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने जॉर्डन और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले किए हैं.

    ख़ातम अल-अनबिया मुख्यालय ने अपने बयान में कहा कि आईआरजीसी और ईरानी सेना ने संयुक्त रूप से ये हमले किए.

    इस बीच अमेरिकी मीडिया आउटलेट 'एक्सियोस' ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि बहरीन, कुवैत और जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर कम से कम चार बैलिस्टिक मिसाइलें और कई ड्रोन दागे गए.

  12. टीएमसी सांसद सुष्मिता देव ने राज्यसभा और पार्टी की सदस्यता से दिया इस्तीफ़ा

    सुष्मिता देव

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    इमेज कैप्शन, कई मीडिया रिपोर्ट्स में अटकलें लगाई जा रही हैं कि सुष्मिता देव बीजेपी में शामिल हो सकती हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    तृणमूल कांग्रेस की सांसद सुष्मिता देव ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफ़ा बुधवार को राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को सौंपा.

    सुष्मिता देव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता के साथ-साथ तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता से भी इस्तीफ़ा दिया है.

    इस बीच समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक वीडियो साझा किया है, जिसमें सुष्मिता देव असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ बैठक करते नज़र आ रही हैं.

    इसके बाद से कई मीडिया रिपोर्ट्स में अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह बीजेपी में शामिल हो सकती हैं.

    इससे पहले सोमवार को टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने इस्तीफ़ा दिया था. उन्होंने पार्टी की सदस्यता से भी इस्तीफ़ा दिया था.

  13. नेपाल: बालेन शाह ने सुदन गुरुंग को फिर से गृह मंत्री क्यों बनाया?

    सुदन गुरुंग

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    इमेज कैप्शन, सुदन गुरुंग ने 22 अप्रैल को गृह मंत्री के पद से इस्तीफ़ा दिया था

    नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के सांसद सुदन गुरुंग को एक बार फिर देश का गृह मंत्री बनाया गया है.

    उनके अलावा महावीर पुन को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इनोवेशन मंत्री के रूप में मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है.

    इससे पहले, प्रधानमंत्री बालेन शाह दोनों मंत्रालयों की ज़िम्मेदारी संभाल रहे थे. दोनों मंत्रियों ने मंगलवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली और अपने पदभार ग्रहण किए.

    सुदन गुरुंग की संपत्ति के स्रोत को लेकर सवाल उठे थे. इसके बाद उन्होंने 22 अप्रैल को नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

    उस वक़्त उन्होंने कहा था कि वह उन पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए और पद पर रहते हुए किसी भी प्रकार के हितों के टकराव को रोकने के लिए इस्तीफ़ा दे रहे हैं.

    हालांकि, नेपाल सरकार ने मंगलवार को इन आरोपों की जांच करने वाली कमिटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किए बग़ैर ही उसे स्वीकार कर लिया.

    काठमांडू पोस्ट के मुताबिक़, हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अच्युत प्रसाद भंडारी की अगुवाई वाली कमिटी ने पिछले हफ़्ते शुक्रवार को अपनी जांच रिपोर्ट प्रधानमंत्री बालेन शाह को सौंपी थी.

    रिपोर्ट में कहा गया, "यह निष्कर्ष निकालने का कोई आधार नहीं था कि संपत्तियों का स्रोत संदिग्ध था."

    इसके अलावा नेपाल के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी गुरुंग के ख़िलाफ़ जांच की सिफ़ारिश की है. आयोग का कहना है कि पिछले साल सितंबर में हुआ 'जेन ज़ी' प्रदर्शन गुरुंग के नेतृत्व संभालने के बाद हिंसक हो गया था.

  14. मोदी के लंबे कार्यकाल पर मलेशिया से लेकर मालदीव तक के राष्ट्रपति की ये टिप्पणी

    नरेंद्र मोदी

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    इमेज कैप्शन, पीएम मोदी को दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे लंबे कार्यकाल वाले नेता बन गए हैं. उन्होंने इस मामले में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को पीछे छोड़ दिया है.

    उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं.

    श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने एक्स पर लिखा, "मैं भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई देता हूं. श्रीलंका हमारी घनिष्ठ साझेदारी को महत्व देता है और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ने को लेकर आशान्वित है."

    मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू ने कहा, "भारत के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के पद पर रहने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई. मालदीव, आपसी सम्मान, संप्रभु समानता और साझा हितों के लिए भारत के साथ सहयोग को और मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ने को इच्छुक है."

    पीएम मोदी को मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी बधाई दी है.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई. यह उपलब्धि भारत के विकास, समृद्धि और वैश्विक स्तर पर उसकी प्रतिष्ठा को आगे बढ़ाने में उनके वर्षों की समर्पित जनसेवा और नेतृत्व का प्रमाण है."

    भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने पीएम मोदी को बधाई देते हुए कहा, "यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दशकों की समर्पित जनसेवा और नेतृत्व का एक सशक्त प्रमाण है. उन्हें आगे के लिए मेरी शुभकामनाएं."

  15. अफ़ग़ानिस्तान का दावा, 'पाकिस्तानी सेना के हमले में 11 बच्चों समेत 13 लोग मारे गए'

    पाकिस्तान का 'जेएफ़-17 थंडर' फ़ाइटर जेट

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    इमेज कैप्शन, तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने 'पाकिस्तानी सेना के हमलों' को 'मानवीय अपराध' और 'आक्रामकता की कार्रवाई' बताया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने "अफ़ग़ान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन" किया है और मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात डूरंड लाइन के पास कई प्रांतों में हवाई हमले किए.

    ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने कुछ तस्वीरें पोस्ट करते हुए एक्स पर लिखा, "कल रात, पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर अफ़ग़ान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में नागरिकों के घरों पर बमबारी की."

    उन्होंने दावा किया, "इन हमलों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग मारे गए हैं, जबकि अन्य 14 महिलाएं और बच्चे घायल हुए हैं."

    तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने इन हमलों को 'मानवीय अपराध' और 'आक्रामकता की कार्रवाई' बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है.

    इन हमलों को लेकर अब तक पाकिस्तान की ओर से कोई बयान नहीं आया है.

    अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान सरकार और पाकिस्तान के बीच बीते कुछ महीनों में तनाव बढ़ा है.

    बीबीसी पश्तो के मुताबिक़, पाकिस्तान ने इसी साल मार्च में एक सेंटर पर हमला किया था. अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने इस हमले में कम से कम 269 लोगों की मौत की पुष्टि की थी और कहा था कि मरने वालों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है.

    पाकिस्तान अपने पड़ोसी अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार पर आरोप लगाता रहा है कि वह पाकिस्तान के अंदर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है.

    वहीं, तालिबान सरकार ने बार-बार इन आरोपों का खंडन किया है और इस बात पर ज़ोर दिया है कि वह किसी को भी अफ़ग़ानिस्तान की धरती का इस्तेमाल किसी अन्य देश को नुक़सान पहुंचाने के लिए नहीं करने देगी.

  16. ईरान ने मध्य-पूर्व स्थित इन अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया

    मनामा स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय पर हमला

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी-इसराइली हमलों के जवाब में ईरान ने मनामा स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाया था (तस्वीर 28 फ़रवरी,2026 की है)

    ईरान में युद्ध प्रबंधन की ज़िम्मेदारी संभाल रहे ख़ातम अल-अनबिया मुख्यालय ने दक्षिणी ईरान के कुछ हिस्सों में अमेरिकी हमलों के एक घंटे बाद एक बयान जारी किया है.

    बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, ख़ातम अल-अनबिया मुख्यालय ने अमेरिकी सेना के हमलों के जवाब में मध्य-पूर्व में स्थित कुछ अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है.

    बयान में कहा गया, "अमेरिकी सेना की आक्रामकता के जवाब में क्षेत्र में स्थित कुछ अमेरिकी ठिकानों को ईरान की सेना और इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के बहादुर जवानों ने एक ताक़तवार हमले के ज़रिए निशाना बनाया."

    इसके अलावा आईआरजीसी ने भी एक बयान जारी किया है, जिसमें बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले का दावा किया गया.

    ईरान की तसनीम न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, आईआरजीसी ने कहा, "रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने सुबह 2:30 बजे बहरीन में अमेरिका के पांचवें नौसैनिक बेड़े पर ड्रोन हमला किया."

    फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि आईआरजीसी ने जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला किया है.

    आईआरजीसी ने कहा कि उसने 'जॉर्डन के अल-अज़राक में अमेरिकी हवाई अड्डे पर स्थित एफ़-35 लड़ाकू जेट हैंगर और सेना कमान सहित चार महत्वपूर्ण ठिकानों को अपनी लंबी दूरी की मिसाइलों से निशाना बनाया' है.

    आईआरजीसी ने अपने एक अन्य बयान में उत्तरी फ़ारस की खाड़ी में एक अमेरिकी ड्रोन को गिराने का दावा किया.

    ईरानी मीडिया ने आईआरजीसी के हवाले से बताया कि ड्रोन को 'बुशहर प्रांत के जाम काउंटी के ऊपर आसमान में निशाना बनाया गया' और 'नष्ट कर दिया गया'.

    उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुधवार सुबह कहा कि ईरान की ओर से उसके हेलिकॉप्टर को गिराए जाने के बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई की है, जो कि अब समाप्त हो गई है.

    मध्य-पूर्व के देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमले के दावे को लेकर अब तक अमेरिका की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

  17. अमेरिकी सेना ने कहा, 'अपाचे हेलिकॉप्टर पर हमले के बाद जवाबी कार्रवाई पूरी की'

    अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी सेना ने ईरान के 'एयर डिफ़ेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और सर्विलांस रडार के ठिकानों' को निशाना बनाने का दावा किया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बुधवार को अपने ताज़ा बयान में कहा है कि उसने अमेरिका के अपाचे हेलिकॉप्टर पर हमले के जवाब में कार्रवाई पूरी कर ली है.

    सेंटकॉम ने कहा, "अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलिकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में सेना ने आत्मरक्षा के तहत 9 जून को ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई पूरी कर ली. यह कार्रवाई कमांडर-इन-चीफ़ के निर्देश पर की गई."

    बयान में कहा गया कि अमेरिकी एयर फ़ोर्स और नेवी के लड़ाकू विमानों ने होर्मुज़ स्ट्रेट के नज़दीक 'ईरान के एयर डिफ़ेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और सर्विलांस रडार के ठिकानों को निशाना बनाया'.

    सोमवार को अमेरिकी सेना का एक अपाचे हेलिकॉप्टर ओमान के तट के पास गिराया गया था. इस हेलिकॉप्टर में सवार दो क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया था.

  18. मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर विपक्षी नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

    मीनाक्षी नटराजन

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया था (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द होने के बाद विपक्षी नेताओं ने कई तरह के सवाल उठाए हैं.

    कांग्रेस ने इसे 'सीट चोरी' कहा है, तो वहीं सत्ताधारी दल बीजेपी ने इसे 'सत्य की जीत' बताया है.

    इस बीच अन्य विपक्षी दलों की ओर से भी इस मामले पर तीख़ी प्रतिक्रियाएं आई हैं.

    शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता आदित्य ठाकरे ने एक्स पर लिखा, "हम कभी लोकतंत्र थे. दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, जहाँ संस्थाओं की निष्पक्षता और संप्रभुता राजनीतिक प्रभाव से मुक्त थी. अब... दुनिया का सबसे बड़ा पूर्व लोकतंत्र."

    वहीं, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, "एक तुच्छ बहाना बनाकर कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को ख़ारिज करना यह दिखाता है कि मोदी और शाह दोनों सदनों पर नियंत्रण पाने और संविधान में शोधन करने के लिए कितने बेताब हैं. वरना 2029 में उनका समय समाप्त हो जाएगा."

    मंगलवार को मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द कर दिया गया. कांग्रेस ने उन्हें मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाया था.

    नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश, भूपेश बघेल, सचिन पायलट और केसी वेणुगोपाल समेत कई पार्टी नेता नई दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ़्तर पहुंचे और धरने पर बैठ गए.

  19. नमस्कार!

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