लाइव, बीबीसी की रिपोर्ट के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने की ये मांग

भारत की काग़ज़ी राजनीतिक दलों पर बीबीसी की रिपोर्ट के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग और सरकार से मामले की जांच की मांग की है.

सारांश

  • स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर में पुलिस ने हिरासत में लिया
  • ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आने पर 'फुकेत-दिल्ली फ्लाइट' के पायलट की नौकरी ख़त्म
  • ट्रंप ने कहा- अमेरिका जल्द ही ईरान के कलांग पर्वत पर हमला कर सकता है
  • दक्षिणी लेबनान पर इसराइली हमले में तीन लोगों की मौत

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े

  1. बीबीसी की रिपोर्ट के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने की ये मांग

    दिग्विजय सिंह

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक़ साल 2022-23 में आम जनमत पार्टी को 216 करोड़ रुपये मिले और फिर साल 2023-24 में चंदा बढ़कर 620 करोड़ रुपये हो गया (सांकेतिक तस्वीर)

    भारत की काग़ज़ी राजनीतिक दलों पर बीबीसी की रिपोर्ट के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग और सरकार से मामले की जांच की मांग की है.

    दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “साल 23-24 में आम जनमत पार्टी के पास कांग्रेस से भी चंदा आया. क्या चुनाव आयोग इस पार्टी के बैंक अकाउंट की छान बीन कराएगा? क्या वित्त मंत्रालय इसकी ईडी और आईटी विभाग से जाँच कराएगा?”

    इस पोस्ट में बीबीसी की रिपोर्ट को शेयर करते हुए सवाल किया गया है, "ये पार्टी अब बिहार से गुजरात चली गई. लेकिन जिसके बैंक अकाउंट में 620 करोड़ रुपये हैं, वह अब कहाँ है? उसका अकाउंट अभी भी चालू है. चंदा अभी भी स्वीकार हो रहा है. मोदी है तो सब मुमकिन है."

    चंदा पाने वाली पार्टियां

    इससे पहले बीबीसी न्यूज़ हिन्दी ने अपनी एक खोजी रिपोर्ट में भारत भारत के उन काग़ज़ी राजनीतिक दलों के बारे में बताया था कि जिन्हें सैकड़ों करोड़ का चंदा मिलता है, लेकिन वे चुनाव बहुत कम लड़ती हैं.

    बीबीसी ने बताया है कि साल 2022-23 में आम जनमत पार्टी को 216 करोड़ रुपये मिले और फिर साल 2023-24 में चंदा बढ़कर 620 करोड़ रुपये हो गया. जबकि साल 2024 के लोकसभा चुनाव में उसने केवल एक उम्मीदवार उतारा था.

  2. शांति समझौते की एक और कोशिश में अमेरिकी दूत करेंगे रूस और यूक्रेन का दौरा, जारोस्लाव ल्युकीव

    कुशनर और विटकॉफ

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    इमेज कैप्शन, कुशनर और विटकॉफ कई बार रूस का दौरा कर चुके हैं, लेकिन प्रस्तावित बातचीत वे पहली बार यूक्रेन जा रहे हैं

    रूस-यूक्रेन युद्ध ख़त्म कराने की एक और कोशिश में अमेरिकी वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर रूस और यूक्रेन का दौरान करने वाले हैं.

    इस दौरे का मक़सद रूस और यूक्रेन को युद्धविराम समझौते तक लाना है.

    दौरों के बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "वे युद्ध ख़त्म करने का प्रस्ताव लेकर जा रहे हैं."

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेंलेंस्की ने पुष्टि की है कि वह रविवार को दोनों अमेरिकी दूतों से मुलाक़ात करेंगे. इससे पहले शनिवार को दोनों अमेरिकी दूत मॉस्को जाकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत करेंगे.

    विटकॉफ और कुशनर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से शांति समझौता कराने के प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं. हालांकि, दोनों युद्धरत पक्षों के बीच अभी भी बड़ा मतभेद बना हुआ है.

    ट्रंप के दामाद कुशनर और विटकॉफ कई बार रूस का दौरा कर चुके हैं, लेकिन प्रस्तावित बातचीत यूक्रेन में उनकी पहली यात्रा होगी.

    जेलेंस्की ने कहा कि वह अमेरिकी दूतों की यात्रा के दौरान रूसी हवाई क्षेत्र की सुरक्षा की गारंटी देंगे और रूस से भी यूक्रेन के लिए ऐसा ही करने की अपील की.

  3. ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध को कहा ‘मामूली बात’, दी नए हमले की चेतावनी

    ट्रंप ने कहा है कि बहुत से लोग ईरान के साथ संघर्ष को युद्ध नहीं मानते

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप ने कहा है कि बहुत से लोग ईरान के साथ अमेरिका के संघर्ष को युद्ध नहीं मानते

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि अमेरिका बहुत जल्द ईरान में स्थित कलांग पर्वत पर हमला कर सकता है.

    नतांज़ परमाणु संयंत्र के पास स्थित माउंट कलांग एक क़िलेबंद ठिकाना है, जिसमें दो कई गहरे सुरंग मौजूद हैं.

    ट्रंप ने साथ ही कहा कि ईरान के साथ अमेरिका का संघर्ष कोई बड़ी बात नहीं है.

    उन्होंने कहा, "बहुत से लोग इसे युद्ध नहीं कहते. मैं इसे सैन्य संघर्ष कहता हूं, क्योंकि यह हमारे लिए बहुत मामूली है. यह कोई बड़ी बात नहीं है."

    ट्रंप ने कहा, "हमने वेनेज़ुएला में कार्रवाई की और हमने उसे अंजाम दिया. वेनेज़ुएला में हमारा कोई हताहत नहीं हुआ. ईरान के साथ संघर्ष में हमने 18 लोग खोए. वियतनाम में हमने एक लाख लोग खोए थे."

    इससे पहले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा था कि ईरान में महीनों से जारी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को युद्ध नहीं कहा जाना चाहिए. उन्होंने इसे "सैन्य संघर्ष" बताया और कहा कि अमेरिका के लिए यह "बहुत मामूली" है.

  4. ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आने पर ‘थाईलैंड-दिल्ली फ्लाइट’ के पायलट को एयर इंडिया ने हटाया

    एयर इंडिया के एक विमान के 4 अगस्त को उड़ान के दौरान अचानक क़रीब 300 फीट नीचे आने के बाद पायलट की जांच चल रही थी (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, एयर इंडिया के एक विमान के 4 अगस्त को उड़ान के दौरान अचानक क़रीब 300 फीट नीचे आने के बाद पायलट की जांच चल रही थी (सांकेतिक फ़ोटो)

    एयर इंडिया ने फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड की सेवाएं समाप्त कर दी हैं. पायलट का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आया था.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ एयरलाइन ने यह घोषणा जांच एजेंसी एयरक्राफ़्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की फुकेत फ्लाइट घटना पर आई शुरुआती रिपोर्ट के कुछ घंटे बाद की.

    रिपोर्ट में पायलट के ड्रग इस्तेमाल को गंभीर चिंता का विषय बताया गया था और नियामक डीजीसीए से उचित कार्रवाई करने को कहा गया था.

    एयर इंडिया ने एक बयान में कहा, "फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड का साइकोएक्टिव (नशीले) पदार्थ का टेस्ट पॉजिटिव आया. सुरक्षा और फिटनेस ज़रूरतों के उल्लंघन को लेकर एयर इंडिया की ज़ीरो-टॉलरेंस नीति के तहत पायलट की नौकरी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है."

    ठीक एक महीने पहले चार अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रहे एयर इंडिया के एयरबस ए320 की ऊंचाई अचानक लगभग 91 मीटर (300 फ़ीट) कम हो गई.

    इससे 13 यात्री और चार क्रू सदस्य घायल हो गए. 137 यात्रियों और आठ क्रू सदस्यों वाला यह विमान दिल्ली में सुरक्षित उतर गया.

    इसी घटना की जांच के सिलसिले में पाया गया कि पाटलट ने नशीले पदार्थ का सेवन किया था.

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