वेनेज़ुएला: भूकंप में अब तक कम से कम 235 लोगों की मौत, चार हज़ार से ज़्यादा घायल
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इमेज कैप्शन, वेनेज़ुएला में विनाशकारी भूकंप में अब तक 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोगों का सबकुछ भूकंप में तबाह हो गया.
वेनेज़ुएला में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं. इस आपदा में अब तक कम से कम 235 लोगों की मौत हो चुकी है.
स्थानीय समय के अनुसार बुधवार शाम आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों में अब तक कम से कम 4,300 लोग घायल हुए हैं.
राजधानी काराकास और ला ग्वेइरा में ढही इमारतों के मलबे के नीचे से लोगों की मदद की पुकार सुनाई दे रही है.
वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज़ ने कहा कि भूकंप में 250 इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं या पूरी तरह ढह गई हैं. इनमें सबसे अधिक नुक़सान ला ग्वेइरा में हुआ है.
यहां एक 10 मंज़िला होटल पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया.
घटनास्थल पर मौजूद टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं और हालात से जुड़ी ताजा जानकारी सामने आ रही है.
उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के लोग केवल तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं. वो सिर्फ मुस्लिम मतदाताओं को लुभाने के लिए सनातन संस्कृति पर हमला कर रहे हैं."
"हमारी सरकार भ्रष्टाचार और कदाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है. आप बाबरी मस्जिद पर सवाल पूछिए.'
इसके बाद एक पत्रकार ने उनसे राम मंदिर चंदा चोरी से जुड़ी एफ़आईआर के बारे में पूछा तो वो मदरसों की बात करने लगे.
शशि थरूर ने पासपोर्ट और नागरिकता के संबंध से जुड़े पूछे ये सवाल
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस सांसद शशि थरूर (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पासपोर्ट विवाद पर अपनी बात रखी है. उन्होंने सरकार से सवाल किया है कि अगर पासपोर्ट नागरिकता साबित नहीं करता तो फिर कौन सा दस्तावेज़ नागरिकता साबित करता है?
दरअसल हाल ही में विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि भारतीय पासपोर्ट मुख्य रूप से यात्रा दस्तावेज़ है, नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "सरकार का कहना है कि यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 20 पर आधारित पुरानी क़ानूनी व्यवस्था है. इस धारा के तहत कुछ विशेष परिस्थितियों में जनहित में ग़ैर-नागरिकों को भी पासपोर्ट जारी किया जा सकता है. लेकिन आम नागरिक के लिए यह क़ानूनी अंतर व्यावहारिक रूप से कोई मायने नहीं रखता."
उन्होंने लिखा, "दशकों से पासपोर्ट को पहचान का सबसे विश्वसनीय दस्तावेज़ माना जाता रहा है. इसे प्राप्त करने के लिए लोगों को पुलिस सत्यापन और कई दस्तावेज़ों की जांच जैसी लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. ऐसा इसलिए क्योंकि पासपोर्ट जारी करने से पहले सरकार नागरिकता के पर्याप्त प्रमाण मांगती है."
"ऐसे में उसी दस्तावेज़ को नागरिकता का अंतिम प्रमाण न मानना एक विरोधाभासी स्थिति पैदा करता है. अगर पासपोर्ट भी नागरिकता साबित नहीं करता, तो फिर कौन-सा दस्तावेज़ करता है?"
"सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि आधार कार्ड केवल पहचान और निवास का प्रमाण है, नागरिकता का नहीं. इससे करोड़ों भारतीय ऐसी स्थिति में पहुंच जाते हैं, जहां उनके पास सरकार द्वारा जारी आधुनिक दस्तावेज़ तो हैं, लेकिन कानूनी रूप से उनमें से कोई भी उनकी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता."
उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि वो कानून में संशोधन करे और यह स्पष्ट रूप से तय करे कि पासपोर्ट और आधार कार्ड को अगर सरकार ने रद्द न किया हो तो वो भारतीय नागरिकता के वैध और अंतिम प्रमाण माने जाएं.
उन्होंने कहा, "इसके लिए एक रिटायर्ड जज के नेतृत्व में एक कमिटी बनेगी. गुजरात, उत्तराखंड और असम में अपनाई गई प्रक्रिया के अनुसार ही यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी. मैं सोमवार को विधानसभा में इस बारे में और जानकारी दूंगा."
उन्होंने पश्चिम बंगाल की पिछली सरकार पर भी निशाना साधा.
उन्होंने कहा, "पिछली सरकार का एजेंडा भ्रष्टाचार, परिवारवाद और पश्चिम बंगाल को पीछे ले जाने वाला था. रवींद्रनाथ टैगोर और बंकिम चंद्र जैसी हस्तियों की विरासत को बढ़ावा देना कभी भी उनके एजेंडे का हिस्सा नहीं था. अब सत्ता में एक राष्ट्रवादी सरकार है और ये सभी काम आगे बढ़ाए जाएंगे."
सीएम शुभेंदु ने 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ एक राष्ट्रीय स्तर के संग्रहालय बनाने की घोषणा करने की बात कही.
पूर्व श्रीलंकाई कप्तान दिलशान ने वैभव सूर्यवंशी की तारीफ़ में क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, टीजी20 लीग के दौरान बातचीत में दिलशान ने वैभव की तारीफ की (फ़ाइल फ़ोटो)
श्रीलंका के पूर्व कप्तान तिलकरत्ने दिलशान ने युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी की तारीफ़ करते हुए उन्हें बहुत ख़ास टैलेंट बताया है.
उन्होंने कहा, “इस 15 वर्षीय खिलाड़ी की सफलता युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा है कि कड़ी मेहनत और समर्पण से बड़े स्तर तक पहुंचा जा सकता है.”
टीजी20 लीग के दौरान बातचीत में दिलशान ने वैभव के खेल की सराहना की और उनके शुरुआती अनुशासन के साथ मेहनत पर ख़ास ज़ोर दिया.
दिलशान ने कहा, "मुझे लगता है कि वह तैयार हैं क्योंकि उन्होंने बहुत कम उम्र से ही कड़ी मेहनत की है. मैंने सुना है कि जब वह नौ साल के थे, तब वह हर दिन सैकड़ों गेंदों की प्रैक्टिस करते थे. इतनी छोटी उम्र में ऐसा समर्पण बहुत ख़ास है. 15 साल की उम्र में वह जो कर रहे हैं, वह ख़ास हैं."
उन्होंने आगे कहा कि हर खिलाड़ी ऐसा नहीं कर सकता, लेकिन वैभव ने दिखा दिया है कि सही मेहनत और आत्मविश्वास के साथ युवा खिलाड़ी आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट तक पहुंच सकते हैं.
होर्मुज़ स्ट्रेट में एक जहाज़ पर हमला, यूएन ने नाविकों को निकालने वाला अभियान रोका
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होर्मुज़ स्ट्रेट के पास एक मालवाहक जहाज़ पर हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र ने वहां फंसे 11 हज़ार से अधिक नाविकों की निकासी का अभियान अस्थायी रूप से रोक दिया है.
आईएमओ के प्रमुख आर्सेनियो डोमिंगुएज़ ने कहा कि कई जहाज़ों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, लेकिन संगठन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आगे की निकासी से पहले सभी ज़रूरी सुरक्षा इंतजाम बने रहें.
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के मुताबिक, गुरुवार को ओमान के दहीत बंदरगाह से दक्षिण-पूर्व में करीब 7.5 समुद्री मील दूर एक मालवाहक जहाज़ पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया. हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.
समुद्री सुरक्षा कंपनी वैनगार्ड के अनुसार, सिंगापुर के झंडे वाला मालवाहक जहाज़ एवर लवली हमले के बावजूद सुरक्षित रूप से होर्मुज़ स्ट्रेट पार करने में सफल रहा और उसे किसी सहायता की आवश्यकता नहीं पड़ी.
अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण फरवरी से खाड़ी क्षेत्र में सैकड़ों जहाज़ और हजारों नाविक फंसे हुए हैं. होर्मुज़ स्ट्रेट दोबारा खुलने के बाद संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार को निकासी अभियान शुरू करने की घोषणा की थी.
भीषण गर्मी के बीच पेरिस में सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने और बिक्री पर अस्थायी रोक
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भीषण गर्मी के बीच फ्रांस की राजधानी पेरिस में अस्पतालों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने और उसकी बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है.
प्रशासन के आदेश के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर 12 बजे से शनिवार सुबह 7 बजे तक और फिर शनिवार दोपहर 12 बजे से रविवार सुबह 7 बजे तक सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने की अनुमति नहीं होगी.
इसी दौरान टेकअवे (साथ ले जाने वाली) शराब की बिक्री पर भी शुक्रवार शाम 6 बजे से शनिवार सुबह 7 बजे तक और शनिवार शाम 6 बजे से रविवार सुबह 7 बजे तक रोक रहेगी.
हालांकि, लाइसेंस प्राप्त बार और रेस्तरां इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे.
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए सबसे ऊंचे स्तर की स्वास्थ्य चेतावनी जारी की गई है, ताकि अस्पतालों में अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की जा सके और संवेदनशील लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
इस बीच, कई दिनों से स्पेन, ब्रिटेन और फ्रांस को झुलसा रही हीटवेव अब पूर्वी यूरोप की ओर बढ़ रही है. जर्मनी और चेक रिपब्लिक के मौसम विभागों ने भीषण गर्मी की चेतावनी जारी की है.
जर्मनी में शुक्रवार को तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है, जबकि चेक गणराज्य के अधिकांश हिस्सों में भी अत्यधिक गर्मी की चेतावनी लागू कर दी गई है.
जनसुनवाई में शिकायत के बाद फोर्टिस अस्पताल की जांच
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इमेज कैप्शन, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ज़िला प्रशासन को शालीमार बाग़ स्थित फोर्टिस अस्पताल का तुरंत निरीक्षण करने का निर्देश दिया
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की जनसुनवाई में मिली एक शिकायत के बाद फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग की जांच शुरू कर दी गई है.
मुख्यमंत्री कार्यकालय ने एक्स पर पोस्ट कर बताया, "सीएम जन सुनवाई के दौरान मिली एक शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ज़िला प्रशासन को शालीमार बाग़ स्थित फोर्टिस अस्पताल का तुरंत निरीक्षण करने का निर्देश दिया."
"अधिकारियों की एक टीम ने अस्पताल का मौक़े पर जाकर निरीक्षण किया. इसमें कुछ कमियां पाई गई हैं. इसकी विस्तृत रिपोर्ट की बारीकी से जांच की जाएगी. जांच के दौरान कोई भी अनियमितता पाए जाने पर सख़्त कार्रवाई की जाएगी."
सीएमओ ने आगे लिखा, "दिल्ली के हर अस्पताल की यह ज़िम्मेदारी है कि वह मरीज़ों की सेवा ज़िम्मेदारी और ईमानदारी से करे, और मरीज़ के समय पर और सम्मानजनक देखभाल के अधिकार से कोई समझौता नहीं किया जा सकता."
एएनआई के मुताबिक जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री को शिकायत मिली थी कि चाकू लगने के बाद एक शख़्स को इलाज नहीं दिया गया और उपचार शुरू करने से पहले उससे पैसे जमा कराने को कहा गया.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक, फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग ने बयान जारी कर कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगा.
निहंग सिखों के एक जत्थे को उत्तराखंड पुलिस ने रोका, कुल्हाल बॉर्डर पर झड़प, आसिफ़ अली, बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, सामने आए वीडियो और तस्वीरों में बैरिकेडिंग वाली सड़क पर पुलिसकर्मियों और निहंग सिखों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प होती दिखाई दे रही है
उत्तराखंड के चमोली के कर्णप्रयाग में16 जून को हुई झड़प के बाद पैदा हुए तनाव के बीच गुरुवार रात देहरादून की ओर बढ़ रहे निहंग सिखों के एक जत्थे और उत्तराखंड पुलिस के बीच हिमाचल प्रदेश-उत्तराखंड सीमा पर झड़प हो गई.
पुलिस ने जत्थे को “कुल्हाल” बॉर्डर पर रोकने की कोशिश की, लेकिन धक्का-मुक्की के बीच कुछ निहंग बैरिकेड पार कर उत्तराखंड की सीमा में दाखिल हो गए. हालांकि, बाद में पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और वापस हिमाचल प्रदेश की ओर भेज दिया.
सामने आए वीडियो और तस्वीरों में बैरिकेडिंग वाली सड़क पर पुलिसकर्मियों और निहंग सिखों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प होती दिखाई दे रही है.
यह जत्था मोहाली स्थित एक गुरुद्वारे से रवाना हुआ था. इससे पहले निहंग प्रतिनिधियों और उत्तराखंड के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बातचीत हुई थी, जिसके बाद कुछ प्रतिनिधियों ने वार्ता पर संतोष जताया था. हालांकि, निहंग सिखों का एक वर्ग उत्तराखंड जाने के अपने फ़ैसले पर कायम रहा.
मीडिया से बातचीत में निहंग प्रतिनिधि अकाली जसदीप सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी तरह का टकराव नहीं, बल्कि समाधान है.
उन्होंने कहा, "हम किसी तरह की लड़ाई नहीं चाहते, प्यार बढ़ाना चाहते हैं. ग़लती हमारी नहीं थी, फिर भी हम माफ़ी मांगते हैं. हम चाहते हैं कि समझौता हो और हमारे चार लोगों को रिहा कर पंजाब भेजा जाए."
"हमें हेमकुंड साहिब की यात्रा करने दी जाए. लगभग चार दिनों में उनकी ज़मानत भी हो जाएगी और यात्रा से लौटते समय हम उन्हें अपने साथ पंजाब ले जाएंगे. जब तक हमारे चारों साथी साथ नहीं होंगे, तब तक हम वापस नहीं जाएंगे."
निहंग सिखों के 25 जून को कर्णप्रयाग कूच के आह्वान के बाद उत्तराखंड पुलिस ने हिमाचल प्रदेश से लगने वाली सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी.
कुल्हाल बॉर्डर को अस्थायी छावनी में तब्दील कर भारी पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बल तैनात किए गए थे. सुबह से ही कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद थी.
जब निहंगों का जत्था बैरिकेडिंग तक पहुंचा तो पुलिस ने उन्हें समझाने और आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई दौर की बातचीत की. हालांकि, बातचीत बेनतीजा रहने के बाद लगभग 10 बजे कुछ निहंग बैरिकेड पार कर उत्तराखंड सीमा में प्रवेश कर गए.
पुलिस ने क्या बताया
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल ने बताया, "पुलिस ने कुल्हाल बैरियर और गुरुद्वारा पांवटा साहिब में निहंगों से कई दौर की बातचीत की थी. ज़्यादातर लोगों ने पुलिस की अपील मान ली, लेकिन 15 से 20 लोगों का एक समूह दूसरे बैरियर से आगे बढ़ने की कोशिश करने लगा."
"पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कायम रखी गई."
क्या है मामला?
यह पूरा विवाद 16 जून को कर्णप्रयाग में हेमकुंड साहिब से लौट रहे निहंग सिख यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच हुई झड़प के बाद शुरू हुआ था.
इस मामले में चार निहंग सिख गिरफ़्तार किए गए थे. इन्हीं गिरफ़्तारियों के विरोध में निहंग सिखों ने कर्णप्रयाग कूच का आह्वान किया था.
फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026: इक्वाडोर ने जर्मनी को 2-1 से हराकर नॉकआउट में बनाई जगह
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इमेज कैप्शन, नॉकआउट स्टेज में इक्वाडोर का सामना इंग्लैंड से हो सकता है
फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप में इक्वाडोर ने शानदार वापसी करते हुए जर्मनी को 2-1 से हरा दिया. इसी के साथ इक्वाडोर ने फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में जगह बना ली है.
अब उसका सामना अगले दौर में इंग्लैंड से हो सकता है.
हालांकि हारने के बाद भी जर्मनी ग्रुप ई में पहले स्थान पर कायम है. वहीं आइवरी कोस्ट दूसरे और इक्वाडोर तीसरे स्थान पर है.
इक्वाडोर ने अपने पहले दो मैचों में एक भी गोल नहीं किया था. टीम ने कुरासाओ के ख़िलाफ़ ड्रॉ खेला था. वहीं आइवरी कोस्ट से हार का सामना करना पड़ा था. हालांकि, ग्रुप ई में पहले ही शीर्ष स्थान सुनिश्चित कर चुकी जर्मनी के ख़िलाफ़ टीम ने शानदार प्रदर्शन किया.
मैच के दूसरे ही मिनट में जर्मनी ने बढ़त बना ली. इसके बाद इक्वाडोर ने आक्रामक खेल दिखाया और सात मिनट बाद बराबरी कर ली. 9वें मिनट में इक्वाडोर के निल्सन अंगुलो ने टीम के लिए गोल किया.
दूसरे हाफ में भी इक्वाडोर का दबाव जारी रहा. निर्धारित समय समाप्त होने से 13 मिनट पहले गोंजालो प्लाटा ने कॉर्नर पर नॉयर से पहले गेंद तक पहुंचकर गोल दाग दिया.
इक्वाडोर की इस जीत के बाद स्कॉटलैंड को बड़ा झटका लगा है. क्योंकि अब सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों में जगह बनाकर अगले दौर में पहुंचने की उसकी संभावना कम हो गई है.
वेनेज़ुएला भूकंप: अब तक कम से कम 188 लोगों की मौत, 1,500 से ज़्यादा घायल
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इमेज कैप्शन, वेनेज़ुएला में बुधवार को स्थानीय समयानुसार शाम 6:04 बजे दो भीषण भूकंप आया था
वेनेज़ुएला की राजधानी काराकस के पास आए दो भीषण भूकंप के बाद बचावकार्य जारी है. बचावकर्मी अभी भी मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं.
इस आपदा में अब तक कम से कम 188 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,500 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है.
काराकस और पास के तटीय शहर ला ग्वाइरा में ढही हुई इमारतों के मलबे के नीचे से लोगों की मदद के लिए पुकार सुनाई दे रही है.
वहीं, कई लोग बेघर हो गए हैं, जबकि क्षतिग्रस्त और असुरक्षित इमारतों में रहने से डरे लोग सड़कों पर रात गुज़ारने को मजबूर हैं.
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, पहले 7.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके कुछ ही सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का इससे भी अधिक शक्तिशाली भूकंप आया. दोनों भूकंप धरती की सतह के काफी करीब आए, जिससे भारी तबाही हुई.
भूकंप बुधवार को स्थानीय समयानुसार शाम 6:04 बजे आया था.
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