लाइव, होर्मुज़ स्ट्रेट से ट्रंप के माइंस हटाने के दावे पर ईरान ने क्या कहा

ईरान के उप विदेश मंत्री ग़रीबाबादी ने कहा कि अगर अमेरिका ने वास्तव में माइंस हटा दी हैं, तो अभी तक कोई भी जहाज होर्मुज़ स्ट्रेट से क्यों नहीं गुज़र पा रहा है.

सारांश

लाइव कवरेज

अरशद मिसाल

  1. होर्मुज़ स्ट्रेट से ट्रंप के माइंस हटाने के दावे पर ईरान ने क्या कहा

    काज़ेम ग़रीबाबादी

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    इमेज कैप्शन, काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि अगर अमेरिका ने वास्तव में माइंस हटा दी हैं, तो अभी तक कोई भी जहाज हॉर्मुज़ स्ट्रेट से क्यों नहीं गुजऱ पा रहा है (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने अमेरिका के उस दावे को ख़ारिज किया है, जिसमें कहा गया था कि होर्मुज़ स्ट्रेट से बारूदी सुरंगें पूरी तरह हटा दी गई हैं.

    उन्होंने इसे केवल "प्रचार के लिए किया गया झूठा दावा" बताया.

    दरअसल मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर होर्मुज़ स्ट्रेट में बिछाई गई माइंस को हटाने का दावा किया था.

    बीबीसी न्यूज़ फारसी के मुताबिक ग़रीबाबादी ने कहा कि अगर अमेरिका ने वास्तव में माइंस हटा दी हैं, तो अभी तक कोई भी जहाज होर्मुज़ स्ट्रेट से क्यों नहीं गुज़र पा रहा है.

    उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी माइनस्वीपर जहाज़ इस इलाक़े में आते हैं, तो ईरान उन्हें निशाना बना सकता है.

  2. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संदेश पर यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने जताया आभार

    वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की

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    इमेज कैप्शन, ज़ेलेंस्की का यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन लगातार रूस के साथ युद्ध को समाप्त करने और शांति की दिशा में अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की ओर से यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भेजे गए संदेश के लिए आभार जताया है.

    ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें भारत की राष्ट्रपति की ओर से यूक्रेन के लोगों के लिए शुभकामनाएं पाकर खुशी हुई.

    उन्होंने शांति की कामना के लिए राष्ट्रपति मुर्मु को धन्यवाद दिया.

    ज़ेलेंस्की ने एक्स पर लिखा, "हम अपनी स्वतंत्रता की बहाली की 35वीं वर्षगांठ मना रहे हैं और रूस के युद्ध का सम्मानजनक अंत यूक्रेन के लाखों लोगों का सबसे बड़ा सपना है. पूरी दुनिया मिलकर इस दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता बनाने में मदद करे."

    उन्होंने कहा, "मैं भारत के साथ आपसी फ़ायदे वाली बातचीत और संबंधों को आगे बढ़ाने की यूक्रेन की प्रतिबद्धता को भी दोहराता हूं."

    ज़ेलेंस्की का यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन लगातार रूस के साथ युद्ध को समाप्त करने और शांति की दिशा में अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है.

  3. मशहूर अमेरिकी सिंगर डॉली पार्टन का 80 साल की उम्र में निधन

    डॉली पार्टन

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    इमेज कैप्शन, डॉली पार्टन ने हाल के महीनों में कई परफॉर्मेंस रद्द कर दिए थे

    दुनिया की मशहूर कंट्री म्यूजिक सिंगर डॉली पार्टन का 80 साल की उम्र में निधन हो गया.

    उनकी टीम ने बीबीसी के अमेरिकी साझेदार सीबीएस को दिए एक बयान में कहा,"कैंसर से बहादुरी से लड़ने के बाद डॉली ने आज अपने प्रियजनों की मौजूदगी में वेंडरबिल्ट-इंग्राम कैंसर सेंटर में इस दुनिया को अलविदा कह दिया."

    डॉली पार्टन के छह दशक लंबे करियर में दुनिया भर में उनके 10 करोड़ से ज़्यादा रिकॉर्ड बिके. उन्होंने तीन हज़ार से ज़्यादा गाने लिखे और गाए.

    वह केवल एक महान गायिका और गीतकार ही नहीं थीं, बल्कि फिल्मों में भी नज़र आईं और अपनी खास शैली के लिए जानी जाती थीं. उन्होंने ग्लास्टनबरी जैसे बड़े संगीत समारोहों में भी लोगों का दिल जीता.

    डॉली का जन्म टेनेसी के स्मोकी माउंटेन्स में एक गरीब परिवार में हुआ था.

    उन्होंने बच्चों की पढ़ाई और साक्षरता के लिए लंबे समय तक काम किया. उनके निधन पर पॉल मैक्कार्टिनी, ओपरा विनफ्रे और एल्टन जॉन सहित कई बड़ी हस्तियों ने दुख जताया और उन्हें अनोखी और बेहद खास कलाकार बताया.

    क्या बोले राष्ट्रपति ट्रंप

    डॉली पार्टन

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    इमेज कैप्शन, साल 1976 में परफ़ॉर्म करतीं डॉली पार्टन

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि मशहूर गायिका डॉली पार्टन के सम्मान में पूरे अमेरिका में राष्ट्रीय झंडे एक सप्ताह तक आधे झुके रहेंगे. यह आदेश मंगलवार शाम से लागू होगा.

    ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर डॉली पार्टन के निधन पर दुख जताया और श्रद्धांजलि दी.

    उन्होंने कहा कि यह लाखों लोगों के लिए बहुत बड़ी क्षति है. ट्रंप ने डॉली को एक ऐसी कलाकार बताया, जैसी कोई दूसरी कभी नहीं हुई और न ही भविष्य में होगी.

  4. अमेरिकी खुफ़िया एजेंसी सीआईए के चीफ़ अचानक पहुंचे रूस

    जॉन रैटक्लिफ

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    इमेज कैप्शन, खबरों के मुताबिक, जॉन रैटक्लिफ ने मंगलवार को एक मिलिट्री प्लेन से रूस की राजधानी मॉस्को की यात्रा की

    अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए के प्रमुख जॉन रैटक्लिफ मंगलवार को रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचे.

    बीबीसी के अमेरिकी साझेदार सीबीएस के अनुसार, रैटक्लिफ की यात्रा का कार्यक्रम पहले से घोषित नहीं था.

    अमेरिका और रूस ने अभी तक इस यात्रा की पुष्टि नहीं की है और यह भी नहीं बताया है कि वह किससे मिलने वाले हैं.

    अमेरिका और रूस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच आमने-सामने बातचीत काफी कम देखने को मिलता है.

    फ़्लाइट की जानकारी से पता चला कि एक बड़ा अमेरिकी सैन्य विमान मंगलवार को लात्विया के रास्ते अमेरिका से रूस पहुंचा. विमान मॉस्को हवाई अड्डे पर लैंड करने के बाद वापस लात्विया चला गया.

    बीबीसी ने इस मामले पर सीआईए, व्हाइट हाउस और पेंटागन से प्रतिक्रिया मांगी है.

    सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में विमान को मॉस्को के हवाई अड्डे के पास देखा गया. एक दूसरे वीडियो में मॉस्को में एक राजनयिक काफिला भी दिखाई दिया.

    रैटक्लिफ की यात्रा से पहले अमेरिका ने यूक्रेन को बताया था कि एक वरिष्ठ अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल मॉस्को जाएगा.

    एक वरिष्ठ यूक्रेनी अधिकारी के अनुसार, अमेरिका ने बातचीत पूरी होने तक यूक्रेन से रूस पर हमले रोकने का अनुरोध भी किया था.

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