हूती विद्रोहियों के हमले के बीच सऊदी अरब ने मक्का और जेद्दाह में जारी किए थे अलर्ट
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इमेज कैप्शन, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने पिछले एक हफ़्ते में सऊदी अरब पर कई बड़े हमलों की घोषणा की है.
सऊदी अरब ने मंगलवार को मक्का और देश के दूसरे सबसे बड़े शहर जेद्दाह समेत कई इलाकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किए.
ईरान समर्थित हूती लड़ाकों के एक हफ़्तों से जारी हमलों के बाद सऊदी अरब मध्य-पूर्व के युद्ध में और उलझता जा रहा है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि हालांकि ये अलर्ट कुछ ही देर बाद हटा लिए गए. सऊदी अधिकारियों ने तुरंत यह नहीं बताया कि कोई मिसाइल या अन्य प्रोजेक्टाइल देश में आकर गिरा या नहीं.
हमलों की ज़िम्मेदारी का दावा भी तत्काल किसी ने नहीं किया.
हालांकि ये अलर्ट पिछले हफ़्ते संघर्ष बढ़ने के बाद सबसे बड़े इलाके में जारी किए गए थे.
मक्का में पहली बार इस युद्ध के दौरान ऐसा अलर्ट जारी हुआ. मक्का वह शहर है जहां मुसलमानों के लिए पवित्र धार्मिक स्थल काबा मौजूद है.
यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने पिछले एक हफ़्ते में सऊदी अरब पर कई बड़े हमलों की घोषणा की है.
इनमें सोमवार को एक एयरबेस पर किया गया हमला भी शामिल है. हूती विद्रोहियों ने कहा कि यह हमला यमन पर हुए हवाई हमलों के जवाब में किया गया.
सऊदी अरब ने शुक्रवार को हुए एक अलग हमले के लिए इराक़ स्थित ईरान समर्थित एक संगठन को ज़िम्मेदार ठहराया है.
इस हमले में सऊदी अरब की सबसे अहम तेल परिवहन लाइनों में से एक ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा था, जो अरब के रेगिस्तानी इलाके से होकर गुज़रती है.
मणिपुर के तामेंगलांग ज़िले में दो महिलाओं की हत्या, तीन दिनों में छह लोग मारे गए, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, 30 साल की किम्बोई सिंगसन की संदिग्ध उग्रवादियों ने हत्या की है
मणिपुर के तामेंगलोंग ज़िले के एक गांव में संदिग्ध उग्रवादियों ने दो महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी.
यह घटना मंगलवार दोपहर क़रीब 3 बजे हुई. मणिपुर पुलिस के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "तामेंगलोंग के सीमावर्ती लेइसंगफाई गांव में आज कुछ अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने गोलीबारी की जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई है.पुलिस ने इलाके में हमलावरों के ख़िलाफ़ अभियान शुरू किया है."
इस हमले में मारी गई महिलाओं की शिनाख़्त 60 साल की चोंगा सितल्हो और 30 साल की किम्बोई सिंगसन के रूप में की गई है.
कुकी जनजाति के प्रमुख संगठनों का आरोप है कि संदिग्ध उग्रवादियों ने चोंगा सितल्हो को उस समय गोली मारी जब वो अपने खेत में लकड़ियां इकट्ठा कर रही थीं जबकि किम्बोई को उग्रवादियों ने खेत से घर लौटने के दौरान गोली मारी.
मणिपुर में बीते तीन दिनों में अलग-अलग ज़िलों में हुई हिंसा में कुल छह लोगों की हत्या कर दी गई है.
बीते फ़रवरी महीने से कुकी जनजाति और तांगखुल नागाओं के बीच हिंसक टकराव चल रहा है. महज़ छह महीने में दोनों ही समुदाय के 30 से अधिक लोगों की हत्या हुई है.
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इमेज कैप्शन, संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में 60 साल की चोंगा सितल्हो मारी गईं
हिंसा की ताज़ा घटनाओं में महिलाओं को निशाना बनाया गया है. तामेंगलांग में इन दो महिलाओं की हत्या को लेकर कुकी जनजाति के कई प्रमुख संगठनों ने नाराज़गी व्यक्त की है.
कुकी इनपी मणिपुर ने निर्दोष ग्रामीण महिलाओं पर बिना किसी उकसावे के किए गए हमले और उनकी हत्या की कड़ी निंदा की है.
कुकी इनपी ने एक लिखित बयान जारी कर कहा, "पिछले तीन दिनों में कुकी समुदाय के छह बेगुनाह ग्रामीणों की बेरहमी से हत्या कर दी गई है.आज लेइसंगफाई गाँव की रहने वाली इन दो महिलाओं को उनके ही खेतों में गोली मारकर मार डाला गया. केंद्र और राज्य सरकारें कहाँ हैं? कुकी-ज़ो नागरिकों पर बार-बार हो रहे हमलों के बावजूद अधिकारी कब तक चुप रहेंगे?"
इस हमले को लेकर कुकी इनपी ने नगा चरमपंथी संगठन एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ़ (कामसन) गुट पर आरोप लगाए हैं.
हालांकि, अभी तक न तो किसी संगठन ने इस हमले की कोई ज़िम्मेदारी ली है और न ही नगा चरमपंथी संगठनों ने इन आरोपों का कोई जवाब दिया है.
टी 20 मैच: अफ़ग़ानिस्तान ने रखा भारत के सामने 160 रनों का लक्ष्य
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अफ़ग़ानिस्तान ने भारत को 160 रनों का लक्ष्य दिया है. भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला किया था. पहले बल्लेबाज़ी करते हुए अफ़ग़ानिस्तान ने 20 ओवर में आठ विकेट पर 159 रन बनाए.
मंगलवार को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे मैच में अफ़ग़ानिस्तान की बल्लेबाज़ी कुछ ख़ास नहीं रही. अफ़ग़ानिस्तान का एक भी बल्लेबाज़ हाफ़ सेंचुरी तक नहीं पहुंच पाया.
अफग़ानिस्तान के लिए सबसे ज्यादा रन कप्तान इब्राहिम जादरान ने बनाए जो 33 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 37 रन बनाकर आउट हुए.
भारत के लिए नीतीश कुमार रेड्डी ने तीन विकेट लिए, जबकि अर्शदीप सिंह को दो विकेट मिले. जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और रवि बिश्नोई को एक-एक सफलता मिली.
ग्राहम स्टेंस की हत्या के दोषी दारा सिंह को राहत नहीं, सज़ा कम करने की अपील ख़ारिज, संदीप साहू, भुवनेश्वर से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, 2003 में सीबीआई अदालत ने दारा सिंह को ग्राहम स्टेंस की हत्या के लिए फांसी की सज़ा दी थी और अन्य 12 अभियुक्तों को उम्रकैद (ये तस्वीर 2003 की है)
ओडिशा सरकार के राज्य सज़ा पुनर्विचार बोर्ड (स्टेट सेंटेंस रिव्यू बोर्ड) ने ऑस्ट्रेलियाई ईसाई मिशनरी ग्राहम स्टेंस और उनके दो नाबालिग़ बेटों की हत्या के मामले में उम्रक़ैद की सज़ा काट रहे दारा सिंह की सज़ा कम करने की अपील ख़ारिज कर दी है.
दारा सिंह की अपील पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई बृहस्पतिवार को होगी. 31 अगस्त को हुई बैठक में बोर्ड ने यह कहते हुए दारा की अपील ख़ारिज की कि इस समय उन्हें रिहा किए जाने पर सांप्रदायिक उत्तेजना पैदा होने का ख़तरा है.
इस संदर्भ में बोर्ड ने क्योंझर जेल अधिकारियों की ओर से 28 अगस्त को भेजी गई उस रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि 15 अगस्त को "दारा सेना" के 200-250 सदस्यों ने क्योंझर जेल के सामने दारा की रिहाई की मांग लेकर प्रदर्शन किया था. उस दौरान कुछ उत्तेजक और सांप्रदायिक नारे लगाए गए थे.
हालांकि बोर्ड ने यह साफ़ किया है कि क्योंझर जेल के अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में कोई निश्चित सुझाव नहीं दिया है. लेकिन दारा सेना के प्रदर्शन को संज्ञान में लेते हुए बोर्ड ने कहा "इस समय हम दारा को सज़ा पूरी करने से पहले उन्हें रिहा करने के पक्ष में नहीं है."
बोर्ड ने यही वजह दिखाते हुए दारा की समय से पहले रिहाई की अपील 2016, 2019, 2020, 2022 और 2023 में भी ख़ारिज कर दी थी.
क्या है ग्राहम स्टेंस हत्याकांड?
22 जनवरी, 1999 को दारा और उनके सहयोगियों ने क्योंझर ज़िले के मनोहरपुर में एक जीप को आग लगा थी, जिसमें ग्राहम स्टेंस और उनके दो बेटे, फिलिप और टिमोथी सो रहे थे. घटनास्थल पर ही तीनों की मौत हो गई थी.
2003 में सीबीआई अदालत ने दारा को इस बर्बर हत्या के लिए मृत्युदंड की सज़ा दी थी और अन्य 12 अभियुक्तों को उम्रकैद की सज़ा दी थी.
2005 में ओडिशा हाई कोर्ट ने दारा की मौत की सज़ा को आजीवन कारावास में तब्दील कर दिया और 11 अन्य अभियुक्तों को पर्याप्त सबूत के अभाव में रिहा कर दिया.
इस मामले में दारा के साथ उम्रक़ैद की सज़ा भुगत रहे उनके सह अभियुक्त महेंद्र हेम्ब्रम को समय से पहले 2025 में रिहा कर दिया गया था .
ओवैसी ने समान नागरिक संहिता को लेकर चिराग पासवान और जयंत चौधरी को दी ये सलाह
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इमेज कैप्शन, एआईएमआईएम चीफ़ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि यूसीसी को गैर-हिंदुओं पर थोपने की कोशिश की जा रही है (फ़ाइल फ़ोटो)
एआईएमआईएम चीफ़ असदुद्दीन ओवैसी ने समान नागरिक संहिता को लेकर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने मंगलवार को भोपाल में पत्रकारों से कहा, "अगर टीडीपी, जेडीयू, कुमारस्वामी, चिराग पासवान और जयंत चौधरी पूरी तरह बीजेपी की विचारधारा के साथ खड़े हो गए हैं, तो यह अलग बात है. लेकिन अगर बीजेपी के साथ उनके अभी भी कुछ मतभेद हैं, तो उन्हें इसका विरोध करना चाहिए."
उन्होंने कहा , ''बाबासाहेब आंबेडकर के बनाए गए संविधान में अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 के तहत हमें अपने-अपने धर्म का पालन करने का अधिकार दिया गया है. उत्तराखंड से शुरू हुई समान नागरिक संहिता (यूसीसी) अब गुजरात और असम तक पहुंच गई है. यह गैर-हिंदुओं पर हिंदू उत्तराधिकार कानून, हिंदू विवाह कानून और हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण से जुड़े कानून थोपने की कोशिश है.''
उन्होंने कहा, "यह बिल्कुल गलत है. एक धर्म के कानून को दूसरे धर्म के लोगों पर लागू करना समानता और धार्मिक स्वतंत्रता के ख़िलाफ़ है. इसलिए हम इसका विरोध कर रहे हैं.''
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि 2029 से पहले बीजेपी और उसके सहयोगियों के शासित सभी 22 राज्यों में यूसीसी लागू कर दिया जाएगा.
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भारत-अफ़ग़ानिस्तान टी-20: दूसरे मैच में भी वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं, टॉस जीतकर गेंदबाज़ी करेगा भारत
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इमेज कैप्शन, वैभव सूर्यवंशी को दूसरे टी-20 में भी मौका नहीं मिला है
भारतीय क्रिकेट टीम अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ 3 मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुक़ाबला खेल रही है.
भारतीय क्रिकेट टीम ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फ़ैसला किया है.
इस मैच में भी वैभव सूर्यवंशी को जगह नहीं मिली है.
इस सिरीज में टीम इंडिया ने पहला मुकाबला 7 विकेट से जीता और 1-0 की बढ़त बना ली है.
अब दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम सिरीज अपने नाम करने के लिए उतर रही है.
राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दो हफ़्ते का वक़्त, अदालत ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दो हफ़्ते की मोहलत मिली है
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अभिनेता राजपाल यादव को एक प्राइवेट कंपनी का बकाया चुकाने के लिए ठोस प्रस्ताव देने को कहा है. अदालत ने उन्होंने इसके लिए आख़िरी बार दो हफ़्ते का समय दिया.
अदालत ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश भी दिया.
हालांकि, अदालत ने कहा कि उसे यादव पर भरोसा नहीं है. अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट में उनके पिछले आचरण का हवाला दिया, जहां उन्हें तीन महीने की जेल की सज़ा सुनाई गई थी.
चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत की अगुआई वाली जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा, "उनके पिछले आचरण को देखते हुए, धरती पर कोई भी उन पर भरोसा कैसे कर सकता है?"
समाचार एजेंसी पीटीआई और क़ानूनी ख़बरों और विश्लेषण की वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक़ अदालत राजपाल यादव की उस अर्जी पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने 8 सितंबर के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए और समय मांगा था.
उस आदेश में उन्हें इस शर्त पर आत्मसमर्पण से छूट दी गई थी कि वे 24 घंटे के भीतर रकम जमा करेंगे.
शिकायतकर्ता के मुताबिक़, 2013 में राजपाल यादव ने 2010 में एक फ़िल्म के लिए मिले 5 करोड़ के लोन के निपटारे के तौर पर 1.05 करोड़ रुपये के सात चेक दिए थे. कंपनी का आरोप है कि ये सभी चेक बाउंस हो गए.
शिकायतकर्ता के मुताबिक़, 2012 में दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते में राजपाल यादव, उनकी पत्नी और उनकी कंपनी ने ब्याज समेत करीब ₹11 करोड़ चुकाने पर सहमति जताई थी.
अदालत राजपाल यादव की उस अर्जी पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने 8 सितंबर के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए और समय मांगा था.
उस आदेश में उन्हें इस शर्त पर आत्मसमर्पण से छूट दी गई थी कि वे 24 घंटे के भीतर रकम जमा करेंगे.
जंतर-मंतर पर मारपीट से जुड़े मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को तीन हफ़्ते की अंतरिम ज़मानत
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इमेज कैप्शन, स्वतंत्र भारद्वाज को जंतर-मंतर मामले में अदालत ने तीन हफ़्तों की अंतरिम ज़मानत दी है (फ़ाइल फ़ोटो)
जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान एक छात्रा-कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले के अभियुक्त स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने तीन हफ़्ते की अंतरिम ज़मानत दी है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज की ज़मानत याचिका पर अपना आदेश 15 सितंबर के लिए सुरक्षित रख लिया था. 14 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज के वकील की ओर से दलीलें रखी गईं थीं.
इन दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज के लिए तीन हफ़्तों की अंतरिम ज़मानत का फ़ैसला दिया.
स्वतंत्र भारद्वाज के वकील उमेश शर्मा ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि उन्होंने अपने मुवक्किल के लिए रेगुलर बेल मांगी थी. वो इस फ़ैसले का अध्ययन करेंगे और फिर नियमित ज़मानत के लिए कोशिश करेंगे.
स्वतंत्र भारद्वाज के एक वायरल वीडियो में उन्हें कहते देखा गया था कि उन्होंने एक स्टूडेंट कार्यकर्ता के पिता का सिर फोड़ दिया था लेकिन वो गिरफ़्तार नहीं हुए क्योंकि उनके ऊंचे राजनीतिक संपर्क थे.
इस वायरल वीडियो के बाद कॉकरोच जनता पार्टी और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के चीफ़ चंद्रशेखर ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ़्तारी की मांग की थी.
कार्टून: रिलैक्स...
इमेज कैप्शन, यूपीआई को लेकर सरकार के नोटिफिकेशन पर आज का कार्टून
बांग्लादेश में शेख़ हसीना की पार्टी के सात वरिष्ठ नेताओं को मौत की सज़ा
इमेज कैप्शन, बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने प्रतिबंधित अवामी लीग के सात वरिष्ठ नेताओं को मौत की सज़ा सुनाई गई है
बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने मंगलवार को प्रतिबंधित अवामी लीग के सात वरिष्ठ नेताओं को 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों के लिए मौत की सज़ा सुनाई.
इन नेताओं पर आंदोलन के दौरान हिंसा भड़काने, उसका निर्देश देने या उसे बढ़ावा देने में भूमिका निभाने का आरोप था. इस आंदोलन को ‘जुलाई विद्रोह’ के नाम से भी जाना जाता है.
तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल (आईसीटी-2) की अध्यक्षता जस्टिस मोहम्मद नजरुल इस्लाम चौधरी ने की.
सातों अभियुक्तों पर उनकी गैरमौजूदगी में मुकदमा चला और अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया.
मौत की सज़ा पाने वालों में अवामी लीग के महासचिव और पूर्व सड़क परिवहन मंत्री ओबैदुल कादेर, संयुक्त महासचिव एएफएम बहाउद्दीन नसीम और सूचना और प्रसारण मामलों के पूर्व राज्य मंत्री मोहम्मद अली अराफ़ात शामिल हैं.
अन्य चार अभियुक्तों में जुबो लीग के अध्यक्ष शेख फजले शाम्स पराश, उसके महासचिव मैनुल हुसैन खान निखिल, बांग्लादेश छात्र लीग के अध्यक्ष सद्दाम हुसैन और उसके महासचिव शेख वली आसिफ एनान शामिल हैं.
अदालत ने सातों अभियुक्तों की ओर से सरकारी वकीलों को नियुक्त किया था.
यह फ़ैसला 2024 के छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में आया है. करीब 10 महीने पहले पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को भी उनकी गैरमौजूदगी में मौत की सज़ा सुनाई गई थी.
सऊदी अरब ने कहा- 'हूती विद्रोहियों के हमले का निर्णायक जवाब दिया जाएगा'
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इमेज कैप्शन, सऊदी समर्थित यमन की सेना हूतियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रही है (फ़ाइल फ़ोटो)
सऊदी अरब ने कहा कि वह हूती विद्रोहियों के हमलों का "निर्णायक" जवाब देगा.
सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों की ओर से बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से किए गए हालिया हमलों में 13 लोग घायल हो गए.
बीबीसी की फ़ारसी सेवा के मुताबिक़ ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा करने के बाद लाल सागर में सऊदी जहाजों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है.
पिछले सप्ताह, उन्होंने लाल सागर के पूर्वी तट और बाब अल-मंदेब पर नियंत्रण हासिल कर लिया.
होर्मुज़ स्ट्रेट में आवाजाही लगभग बंद होने की वजह से बाब अल-मंदेब स्ट्रेट अब और अहम हो गया है.
इस बीच,यह घोषणा की गई कि फ़्रांस के अनुरोध पर न्यूयॉर्क में बाब अल-मंदेब पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक इमरजेंसी बैठक आयोजित की जाएगी.
बिहार के डिप्टी सीएम ने समान नागरिक संहिता बिल पर कहा- 'बिना किसी वजह के विरोध नहीं करेंगे'
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इमेज कैप्शन, बिहार में बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए की गठबंधन सरकार है
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) समान नागरिक संहिता (यूसीसी) बिल का अध्ययन करेगी और अगर इसके प्रावधानों में कोई आपत्ति वाली बात नहीं हुई तो पार्टी बिना किसी वजह इसका विरोध नहीं करेगी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ जनता दल यूनाटेड के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौधरी ने पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बात कही.
उनसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान को लेकर पैदा हुए राजनीतिक घटनाक्रम पर सवाल पूछा गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2029 तक एनडीए शासित 22 राज्यों में यूसीसी लागू कर दिया जाएगा.
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष चौधरी ने जनता दल (यूनाइटेड) को मुख्य विपक्षी दल आरजेडी के कड़े रुख़ से अलग करते हुए कहा कि पार्टी का रुख़ आरजेडी जैसा नहीं है.
आरजेडी ने बिहार में यूसीसी लागू होने से रोकने का संकल्प लिया है और उसका कहना है कि यह "मुसलमानों के हितों के ख़िलाफ़ है."
केंद्रीय गृह मंत्री ने दावा किया है कि 2029 से पहले बीजेपी और उसके सहयोगियों के शासित सभी 21 राज्यों में यूसीसी लागू कर दिया जाएगा.
रेप की वजह से प्रेग्नेंसी जारी रखने को मजबूर करना महिला की गरिमा के ख़िलाफ़: दिल्ली हाई कोर्ट
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इमेज कैप्शन, दिल्ली हाई कोर्ट ने रेप की वजह से प्रेग्नेंसी को जारी रखने के मामले में अहम टिप्पणी की है
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि रेप सर्वाइवर को अपराध के कारण ठहरे गर्भ को जारी रखने के लिए मजबूर करना और उसकी इच्छा के ख़िलाफ़ उस पर मातृत्व की ज़िम्मेदारी डालना, सम्मान के साथ जीने के उसके अधिकार का गंभीर उल्लंघन होगा.
समाचार एजेंसी पीटीआई और क़ानूनी ख़बरों और विश्लेषण की वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक़ अदालत ने यह टिप्पणी 15 साल की एक रेप सर्वाइवर की ओर से दायर याचिका को मंज़ूर करते हुए की.
रेप सर्वाइवर ने 30 हफ़्ते से अधिक की गर्भावस्था को समाप्त करने की अनुमति मांगी थी.
मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) एक्ट की धारा 3 के तहत, कुछ ख़ास कैटेगरी की महिलाओं के लिए क़ानूनी शर्तों के अधीन 20 हफ़्ते से अधिक और 24 हफ़्ते तक की गर्भावस्था को समाप्त करने की अनुमति है.
अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आज रात दस बजे तक ख़बरें पहुंचाएंगी.
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बीबीसी की रिपोर्ट का असर: बच्चों के सुरक्षा मामलों की जानकारी सीधे भारतीय साइबर क्राइम पोर्टल को देगा मेटा
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इमेज कैप्शन, मेटा अब तक ऐसी सामग्री की जानकारी अमेरिका की नेशनल सेंटर फ़ॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन (एनसीएमसी) को देता था (फ़ाइल फ़ोटो)
फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हॉट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म की पैरेंट कंपनी मेटा ने बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की जानकारी सीधे भारतीय साइबर क्राइम पोर्टल को देने पर सहमति जताई है.
मेटा ने बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्य को बताया कि कंपनी बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की जानकारी सीधे भारत के साइबर क्राइम पोर्टल से साझा करेगी.
इस पोर्टल का संचालन गृह मंत्रालय के तहत आने वाला इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर करता है.
मेटा के प्रवक्ता ने बीबीसी को इसकी जानकारी देते हुए बताया, '' हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और हम सरकार के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि ऐसे अपराध करने वालों को उनके कृत्यों के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाए.''
प्रवक्ता ने कहा, '' इस तरह के अपराधों से सामूहिक रूप से निपटने के अपनी कोशिशों को और मज़बूत करने के लिए, मेटा अब बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की सीधे इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के साइबरक्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करेगा."
मेटा अब तक ऐसी सामग्री की जानकारी अमेरिका की नेशनल सेंटर फ़ॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन (एनसीएमईसी) को देता था. इसके बाद एनसीएमईसी संबंधित देशों और वहां की एजेंसियों को इसकी जानकारी देता है, फिर स्थानीय एजेंसियां कार्रवाई करती हैं.
दरअसल, बीबीसी आई ने अपनी पड़ताल में पाया कि इंस्टाग्राम भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापनों को प्रसारित कर रहा है. ऐसा करके कंपनी कमाई भी कर रही है. ये विज्ञापन यूज़र्स को मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम तक ले जाते हैं, जहाँ ये लोग बच्चों के यौन शोषण वाले वीडियो ख़रीद सकते हैं.
वीडियो कैप्शन, इंस्टाग्राम में छिपी एक भयानक दुनिया का पर्दाफ़ाश
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने भी बीबीसी आई की रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए मेटा प्लेटफ़ॉर्म्स को नोटिस जारी किया था. इसके बाद कंपनी के इंडिया हेड को समन भी भेजा गया था.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि जो प्लेटफ़ॉर्म बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क़दम उठाने में विफल रहेंगे, उनके ख़िलाफ़ सरकार कार्रवाई करेगी.
एजेंसी ने बताया कि सरकार अन्य ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स के साथ भी लगातार संपर्क में है, ताकि वे बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक और हानिकारक कंटेंट की सक्रिय रूप से पहचान कर उसे हटाने के लिए आवश्यक क़दम उठाएं.
ब्रिक्स डिनर में शाकाहारी खाना देने पर क्या बोले योग गुरु रामदेव
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इमेज कैप्शन, योग गुरु रामदेव ने कहा है कि इस मुद्दे को धर्म से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए (फ़ाइल फ़ोटो)
ब्रिक्स समिट में शाकाहारी खाने को लेकर उठे विवाद पर योग गुरु रामदेव ने प्रतिक्रिया दी है.
रामदेव ने कहा है कि दुनिया अब वीगन जीवनशैली की ओर बढ़ रही है और इस मुद्दे को धर्म के नज़रिए से नहीं देखा जाना चाहिए.
रामदेव ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से मंगलवार को कहा, "दुनिया पहले मांसाहारी भोजन से शाकाहारी भोजन की ओर बढ़ी, और अब दुनिया वीगन जीवनशैली की ओर बढ़ रही है. मुझे लगता है कि जो लोग इस पर सवाल उठाया रहे हैं, वो बौद्धिक दिवालियापन के शिकार हो गए हैं."
उन्होंने कहा, "हालांकि, क्या खाना है, यह हर व्यक्ति की अपनी इच्छा होती है. लेकिन विज्ञान और सेहत के नज़रिए से शाकाहारी भोजन फ़ायदेमंद है और वीगन भोजन उससे भी बेहतर है. इसलिए इस मुद्दे को धर्म से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए."
दरअसल, 'भारत मंडपम' में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान गाला डिनर आयोजित हुआ था.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, गाला डिनर में पनीर लबाबदार, गुच्छी मार्मिक, कैरट बीन पोरियल, ठक्कली बेले सारू, मिलेट पुलाव और बीट रूट रायता जैसे व्यंजन परोसे गए थे.
इसके बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर दावा किया है कि "80% भारतीय मांसाहारी हैं."
एमी अवॉर्ड्स 2026 का एलान, किस-किसको मिला पुरस्कार
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इमेज कैप्शन, 78वें प्राइमटाइम एमी अवॉर्ड्स से जुड़ा समारोह लॉस एंजेलिस के पीकॉक थिएटर में आयोजित हुआ (फ़ाइल फ़ोटो)
टेलीविज़न जगत के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार 78वें प्राइमटाइम एमी अवॉर्ड्स 2026 की घोषणा हो गई है.
लॉस एंजेलिस के पीकॉक थिएटर में आयोजित समारोह में इस साल कॉमेडी और ड्रामा श्रेणियों में कड़ा मुक़ाबला देखने को मिला.
इस साल अभिनेता मैथ्यू राइस ने एमी के इतिहास में एक ही रात में दो अलग-अलग श्रेणियों में बेस्ट लीड एक्टर का पुरस्कार जीतकर नया इतिहास रच दिया है.
उन्होंने 'विडोज़ बे' के लिए बेस्ट कॉमेडी एक्टर और 'द बीस्ट इन मी' के लिए बेस्ट एक्टर (लिमिटेड सीरीज़) का ख़िताब अपने नाम किया
अभिनेत्री जीन स्मार्ट ने सिरीज़ 'हैक्स' के लिए बेस्ट एक्ट्रेस (कॉमेडी सीरीज़) का पुरस्कार जीता.
विजेताओं की सूची
बेस्ट ड्रामा सिरीज़: द पिट
बेस्ट एक्टर (कॉमेडी): मैथ्यू राइस (विडोज़ बे)
बेस्ट एक्ट्रेस (कॉमेडी): जीन स्मार्ट (हैक्स)
बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस (कॉमेडी): केट ओ'फ्लिन
बेस्ट एक्टर (ड्रामा): नोआ वाइल (द पिट)
बेस्ट एक्ट्रेस (ड्रामा): रिया सीहॉर्न (प्लुरिबस)
बेस्ट एक्टर (लिमिटेड सिरीज़/मूवी): मैथ्यू राइस (द बीस्ट इन मी)
राजस्थान निकाय चुनाव: मायावती ने लगाया सरकारी मशीनरी की गड़बड़ी का आरोप
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इमेज कैप्शन, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती (फ़ाइल फ़ोटो)
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की प्रमुख मायावती ने आरोप लगाया है कि सरकारी मशीनरी की गड़बड़ी की वजह से राजस्थान में निकाय चुनाव में उनके कई उम्मीदवार हार गए.
दरअसल, 14 सितंबर को राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजे जारी हुए हैं, जिन पर मायावती ने सवाल उठाए हैं.
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "राजस्थान में हुए निकाय चुनाव में बीएसपी ने भी इस बार 19 सीटों पर अपने पार्षद जिताकर भेजे हैं. कई उम्मीदवार सरकारी मशीनरी की गड़बड़ी की वजह से दोबारा गिनती में ज़बरदस्ती थोड़े-थोड़े वोटों के अंतर से हरा दिए गए हैं. वरना पार्टी का यहाँ और भी अच्छा रिज़ल्ट आ सकता था."
उन्होंने कहा, "इससे पहले पंजाब सहित देश के कुछ और राज्यों में भी जो स्थानीय निकाय के चुनाव हुए हैं, तो वहाँ भी पार्टी का पहले से अच्छा नतीजा आया है और वे भी बधाई के पात्र हैं."
मायावती ने लिखा, "उम्मीद है कि अब वहाँ आगे होने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भी वे सभी लोग पार्टी का बेहतर रिज़ल्ट ज़रूर लाएँगे."
गौरतलब है कि राजस्थान निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस पर बड़ी बढ़त हासिल करते हुए जीत दर्ज की है. राज्य के कुल 10,244 वार्डों में से बीजेपी ने 4,179 वार्ड यानी लगभग 41% सीटों पर जीत दर्ज की है.
जबकि कांग्रेस 3,613 वार्ड यानी 35% सीटों पर जीती है. इस चुनाव में 2,273 वार्डों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है.