ईरान के इन शहरों में अमेरिका से 'समझौते' के ख़िलाफ़ क्यों हुए प्रदर्शन

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अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर रविवार को समझौता होने की उम्मीद जताई जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसको लेकर बयान भी जारी किया.
हालांकि, ईरान की ओर से हस्ताक्षर का समय या तारीख़ स्पष्ट तौर पर नहीं बताई गई है.
इस बीच दोनों देशों के बीच समझौते के ख़िलाफ़ ईरान के शहरों में प्रदर्शन हुए हैं.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, ईरान में समझौते के कुछ विरोधियों ने इसके ख़िलाफ़ प्रदर्शन किए और विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची और संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ के ख़िलाफ़ नारे लगाए.
यह रैली तेहरान के इब्न सिना स्क्वायर में आयोजित की गई थी, जिसमें शामिल प्रदर्शनकारी ईरान के एक कट्टरपंथी और चरमपंथी संगठन "परसिस्टेंस फ़्रंट" के क़रीबी बताए जा रहे हैं.
शनिवार शाम को भी मशहद में विदेश मंत्रालय के इमारत के सामने दर्जनों लोग अब्बास अराग़ची के अमेरिका के साथ संभावित समझौते के बारे में दिए गए बयानों के विरोध में जमा हुए.
फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें मशहद में प्रदर्शनकारी अराग़ची के ख़िलाफ़ नारे लगाते दिख रहे हैं.
समझौते का विरोध करने वालों का मानना है कि यह समझौता ईरान के हित में नहीं है और इससे होर्मुज़ स्ट्रेट में ईरान का प्रभाव कमज़ोर होगा.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, अराग़ची ने एक टेलीविजन इंटरव्यू में कहा था कि समझौते में ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को हटाना शामिल होगा. उन्होंने होर्मुज़ स्ट्रेट को ईरान के प्रमुख डेटेरेंट (निरोधक क्षमता) में से एक बताया.










