लाइव, दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता ने कथित तौर पर की आत्महत्या

राकेश मेहता ने शीला दीक्षित के मुख्यमंत्री रहते हुए चीफ़ सेक्रेटरी (साल 2007 से 2010) के तौर पर सेवाएं दी थीं. वे 1975 बैच के आईएएस अधिकारी थे.

सारांश

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े

  1. दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता ने कथित तौर पर की आत्महत्या

    नोएडा सेक्टर 82 में राकेश मेहता की सोसायटी की तस्वीर

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    इमेज कैप्शन, राकेश मेहता शीला दीक्षित के कार्यकाल में दिल्ली के मुख्य सचिव के पद पर थे (सांकेतिक तस्वीर)

    दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता ने नोएडा स्थित अपने आवास पर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

    राकेश मेहता ने शीला दीक्षित के मुख्यमंत्री रहते हुए चीफ़ सेक्रेटरी (साल 2007 से 2010) के तौर पर सेवाएं दी थीं. वे 1975 बैच के आईएएस अधिकारी थे.

    पीटीआई के मुताबिक़, नोएडा पुलिस को एक कथित सुसाइड नोट मिला है, मेहता ने अपनी "मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं" को इस कदम की वजह बताया है.

    अधिकारियों ने बताया कि 6 सितंबर को नोएडा के सेक्टर 82 स्थित उनके आवास में उनका शव पाया गया.

    (आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)

  2. अमेरिका ने 5 ईरानी तेल टैंकरों को बनाया निशाना, ईरान का जॉर्डन पर जवाबी हमला, क्लेयर कीनन

    ईरान वॉर

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    इमेज कैप्शन, खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष फिर से तेज़ हो गया है

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा है कि पिछले दो दिनों में एक अमेरिकी युद्धपोत को दो बार निशाना बनाए जाने के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के पांच तेल टैंकरों पर हमला किया.

    सेंटकॉम के मुताबिक़, इनमें से चार ईरानी तेल टैंकरों का संबंध ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) से था और जो ओमान की खाड़ी में थे. एक अन्य टैंकर को खार्ग द्वीप के पास निशाना बनाया गया.

    खार्ग ईरान के तट से दूर स्थित एक प्रमुख तेल निर्यात केंद्र है.

    इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइलें दागीं. हालांकि, जॉर्डन ने बाद में कहा कि उसके एयर डिफ़ेंस सिस्टम ने ईरान की दागी 20 मिसाइलों में से 18 को मार गिराया.

    दोनों देशों के बीच पिछले एक हफ़्ते में एक-दूसरे पर हमले तेज़ हुए हैं. यह संघर्ष 28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के छह महीने बाद भी बना हुआ है.

    दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव से एशियाई बाज़ारों में शुरुआती कारोबार के दौरान तेल की कीमतें बढ़ गईं.

    बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.5% बढ़कर 99.41 डॉलर प्रति बैरल हो गई. वहीं, अमेरिका में कारोबार किए जाने वाले तेल की कीमत 1.6% बढ़कर 94.55 डॉलर प्रति बैरल हो गई.

    इस बीच ईरान ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों पर मौजूद अमेरिकी जहाज़ों के ख़िलाफ़ और हमले करने की चेतावनी दी है.

    आईआरजीसी की नौसेना कमान ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के पास मौजूद उन सभी तेल टैंकरों के क्रू को चेतावनी दी, जिनका संबंध अमेरिका से है.

    उसने कहा कि वे "तुरंत अपने जहाज़ छोड़ दें, चाहे वे बंदरगाह पर खड़े हों या लंगर डाले हों, क्योंकि उन्हें निशाना बनाया जाएगा."

    जॉर्डन के सशस्त्र बलों के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि ईरान की ओर से जॉर्डन की तरफ़ दागी गई दो मिसाइलें आबादी वाले इलाक़े से दूर गिरीं.

  3. विजय माल्या ने ख़ुद को भगोड़ा बताए जाने पर किया ये दावा, बताया भारत क्यों नहीं आ सकते

    विजय माल्या

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    पूर्व राज्यसभा सांसद और कारोबारी विजय माल्या ने ख़ुद को भगोड़ा कहे जाने पर बयान दिया है.

    विजय माल्या ने सोशल मीडिया एक्स पर दावा किया, “जो कहते हैं कि मैं भारत आने से इनकार करने वाला भगोड़ा हूं, वे कृपया यह जान लें कि मैं सन 1992 से ब्रिटेन का स्थायी निवासी हूं. मुझे फिलहाल कानूनी रूप से इस देश से बाहर जाने की अनुमति नहीं है. यह सब भारत सरकार की ओर से की गई दिखावटी कार्रवाइयों से शुरू हुआ, जो मेरे मामले में बेहद अन्यायपूर्ण रही हैं.”

    उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, “उन सभी लोगों के लिए जो मेरी बात पर यकीन नहीं करते, कृपया ख़ुद इसकी पुष्टि करें और देखें कि ईडी ने मेरे अटैच्ड फंड में से 350 करोड़ रुपये से अधिक राशि किंगफिशर के कर्मचारियों को भुगतान करने के लिए जारी की थी.”

    उन्होंने कहा, “मैं उन्हें पैसे नहीं दे सका क्योंकि ईडी ने मेरी संपत्तियों और फंड्स को अपने कब्जे में ले लिया था.

    उन्होंने लिखा, “किसी पत्रकार की स्क्रिप्ट की शुरुआत में ही मुझे धोखेबाज़ क्यों कहा जाता है? यह पूछना क्यों शुरू नहीं किया जाता कि मुझे मेरा पैसा कब वापस मिलेगा?”

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