लाइव , रामलीला मैदान में रैली: व्यापारिक संगठन ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर अब क्या कहा

रामलीला मैदान में प्रस्तावित विपक्ष की रैली को लेकर दिल्ली के चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एक बार फिर पत्र लिखा है.

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  • वो दुकानदार जो सालों से दिल्ली में होनें वाले प्रोटेस्ट के हैं गवाह
  • बैरिकेड का रंग पीला क्यों होता है
  • जर्मनी में ‘ईगल्स नेस्ट’ नाम की इमारत में 23 अक्तूबर को आग लग गई
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रौनक भैड़ा

  1. रामलीला मैदान में रैली: व्यापारिक संगठन ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर अब क्या कहा

    राहुल गांधी
    इमेज कैप्शन, सीटीआई ने आशंका जताई है कि रैली के कारण दिल्ली के प्रमुख बाज़ारों में व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं (फ़ाइल फ़ोटो: राहुल गांधी)

    रामलीला मैदान में प्रस्तावित विपक्ष की रैली को लेकर दिल्ली के चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एक बार फिर पत्र लिखा है.

    सीटीआई ने आशंका जताई है कि रैली के कारण दिल्ली के प्रमुख बाज़ारों में व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं.

    सीटीआई ने कहा, "रामलीला मैदान के आसपास पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित क़रीब 3 लाख दुकानों में से लगभग 2.5 लाख दुकानें बंद रहने की आशंका है. इससे क़रीब 80 फ़ीसदी कारोबार प्रभावित हो सकता है."

    सीटीआई के अनुसार, रैली के कारण रामलीला मैदान के आसपास लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में ट्रांसपोर्ट व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. संगठन ने आशंका जताई है कि लोडिंग-अनलोडिंग बंद होने से माल की आवाजाही बाधित होगी. इससे गांधीनगर, सदर बाज़ार, चावड़ी बाज़ार, खारी बावली, नया बाज़ार, चांदनी चौक और अन्य प्रमुख बाज़ारों में सामान की सप्लाई प्रभावित हो सकती है.

    संगठन का कहना है कि यदि बाज़ारों तक ग्राहकों की पहुंच और माल की आवाजाही बाधित होती है तो इसका सीधा असर दिल्ली के व्यापार, रोज़गार और छोटे कारोबारियों की आजीविका पर पड़ेगा.

    सीटीआई ने कहा, "हम फिर कह रहे हैं, हम रैली के विरोधी नहीं हैं. रैली करिए, लेकिन 20 बाज़ारों के दिवाली व्यापार की क़ीमत पर नहीं. राहुल गांधी जी, आप कह रहे हैं बाज़ार में जाओ, लेकिन जब बाज़ारें-दुकानें ही बंद रहेंगी, ट्रांसपोर्ट ही ठप रहेगा, रास्ते ही बंद रहेंगे, तो रैली में आने वाले लोग कहां जाएंगे ख़रीदारी करने? पहले रास्ता तो खुला रखिए."

    दूसरी ओर, राहुल गांधी ने रैली में शामिल होने वाले लोगों से व्यापारियों से कुछ न कुछ ख़रीदने की अपील की है ताकि उनकी मदद हो सके.

    उन्होंने कहा, "कल लाखों लोग रामलीला मार्च के लिए दिल्ली आ रहे हैं.त्योहारों का मौसम है. दिवाली, छठ, भाईदूज का समय है. मैं चाहता हूं जो लाखों लोग बाहर से दिल्ली आ रहे हैं, वो यहां के व्यापारियों की मदद करें."

  2. जर्मनी में जेन ज़ी का प्रदर्शन हिंसक हुआ, कई शहरों में झड़पें और लूटपाट, जेम्स चैटर

    पुलिस ने बैटमैन की पोशाक पहने एक प्रदर्शनकारी को हिरासत में लिया (तस्वीर: 31 अक्तूबर, फ़ैंकफर्ट)
    इमेज कैप्शन, पुलिस ने बैटमैन की पोशाक पहने एक प्रदर्शनकारी को हिरासत में लिया (तस्वीर: 31 अक्तूबर, फ़ैंकफर्ट)

    जर्मनी के फ़्रैंकफ़र्ट शहर में शनिवार देर रात दंगाइयों ने दुकानों में लूटपाट की. यहां पुलिस के साथ झड़पें भी हुईं. जर्मनी के दूसरे शहरों में भी झड़पें हुईं. इससे पहले महंगाई के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे. ये प्रदर्शन काफ़ी हद तक शांतिपूर्ण रहे थे.

    जर्मनी की वित्तीय राजधानी फ़्रैंकफ़र्ट के अलावा बर्लिन, कोलोन और हैम्बर्ग में भी हिंसा की घटनाएं हुईं. पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया गया. प्रदर्शनकारियों ने पटाखों, पत्थरों और बोतलों से आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारियों को निशाना बनाया था.

    इससे पहले हज़ारों लोगों ने 'जेन ज़ी रेगेल्ट' नाम के अभियान समूह के बैनर तले प्रदर्शनों में हिस्सा लिया. इसका मतलब है- 'जेन ज़ी अब ज़िम्मेदारी संभालेगी'.

    प्रदर्शनकारी स्कूलों में कम फंडिंग, जीवनयापन की बढ़ती लागत, सरकारी ख़र्च में कटौती और सैन्य सेवा के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे थे.

    जर्मनी में ये विरोध प्रदर्शन फ़्रांस में हुए इसी तरह के युवा नेतृत्व वाले प्रदर्शनों के बाद हुए हैं. फ़्रांस में भी शनिवार को तीन लाख 20 हज़ार से ज़्यादा लोगों ने प्रदर्शन किया था.

    प्रदर्शनकारी स्कूलों में कम फंडिंग, जीवनयापन की बढ़ती लागत, सरकारी ख़र्च में कटौती और सैन्य सेवा के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे थे.
    इमेज कैप्शन, प्रदर्शनकारी स्कूलों में कम फंडिंग, जीवनयापन की बढ़ती लागत, सरकारी ख़र्च में कटौती और सैन्य सेवा के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे थे

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, फ़्रैंकफ़र्ट की मुख्य शॉपिंग सड़क का एक बड़ा हिस्सा पुलिस ने बंद कर दिया था. पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि शहर में कई लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

    फ़्रैंकफ़र्ट, म्यूनिख और बर्लिन के अधिकारियों के मुताबिक़, प्रदर्शनों में कुल 18 हज़ार तक लोग शामिल हुए. यह संख्या आयोजकों की वेबसाइट पर लगाए गए अनुमान की तुलना में क़रीब आधी थी.

    'जेन ज़ी रेगेल्ट' की प्रवक्ता लीना फ़्रेडरिक ने कहा कि इन प्रदर्शनों का मक़सद "युद्ध और ज़बरदस्ती के बजाय शांति और आज़ादी के लिए लड़ना" था.

    उन्होंने कहा, "हमारे लिए सबसे ज़रूरी है कि स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर समर्थन मिले. हम अनिवार्य सैन्य सेवा के ख़िलाफ़ हैं और चाहते हैं कि इसका बोझ ज़्यादा न्यायपूर्ण तरीक़े से बांटा जाए."

    दिन में हुए प्रदर्शन काफ़ी हद तक शांतिपूर्ण रहे, लेकिन रात होते-होते हिंसा शुरू हो गई.

  3. रामलीला मैदान में विपक्ष की 'महारैली', तस्वीरों में देखें अभी कैसा है हाल

    प्रदर्शन स्थल
    इमेज कैप्शन, रामलीला मैदान के आसपास सुरक्षा बलों की भारी तैनाती

    दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को इंडिया गठबंधन की रैली होनी है. इससे पहले यहां पर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है.

    माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने दावा किया है कि इस रैली में शामिल होने के लिए दस लाख लोग दिल्ली पहुंचेंगे.

    इस बीच सुरक्षा बलों की तैनाती और रैली स्थल पर तैयारियों की तस्वीरें भी सामने आई हैं.

    प्रदर्शन स्थल
    इमेज कैप्शन, सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर रामलीला मैदान को 14 जोन में बांटा गया है. प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है
    प्रदर्शन स्थल
    इमेज कैप्शन, मार्च और रैली के दौरान 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की कंपनियां तैनात की गई हैं
    प्रदर्शन स्थल
    इमेज कैप्शन, दूसरी ओर, बीजेपी ने आरोप लगाया है कि इस रैली के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ग़लत दिन का चुनाव किया है. बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया है कि 1 नवंबर की तारीख 1984 के सिख विरोधी दंगों की याद दिलाती है
    प्रदर्शन स्थल
    इमेज कैप्शन, विपक्ष की इस महारैली के लिए लगभग तैयारियां हो चुकी हैं और लोगों का जुटना भी शुरू हो गया है
    प्रदर्शन स्थल
    इमेज कैप्शन, दिल्ली पुलिस ने कहा है कि रामलीला मैदान में रैली करने की अनुमति दे दी गई है, लेकिन मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से प्रस्तावित मार्च निकालने के लिए कोई आवेदन नहीं मिला है
  4. वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप: गोल्ड जीतने के बाद क्या बोलीं मनीषा भानवाला

    मनीषा भानवाला
    इमेज कैप्शन, वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप जीतने वाली महिला पहलवान मनीषा भानवाला (फ़ाइल फ़ोटो)

    मनीषा भानवाला वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में महिलाओं की फ़्रीस्टाइल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय पहलवान बन गई हैं.

    मनीषा ने भारत पहुंचने के बाद कहा, "मुझे बहुत अच्छा लग रहा है और मैं बहुत गर्व महसूस कर रही हूं. यह साल मेरे लिए मानसिक रूप से काफ़ी मुश्किल रहा, क्योंकि इस साल एशियन गेम्स भी थे. मैं काफ़ी परेशान थी, क्योंकि एशियन गेम्स मेरे लिए बहुत ज़रूरी थे और किसी वजह से मैं वहां मेडल नहीं जीत पाई."

    "जब मैं वापस लौटी, तो मेरे मन में बार-बार यही बात आ रही थी कि मैं वहां मेडल क्यों नहीं जीत पाई. इसके बाद मेरे पास 10 दिन थे, इसलिए मैंने लगातार अभ्यास किया और फिर वर्ल्ड चैंपियनशिप आई."

    मनीषा ने कहा, "मुझे अंदर से लग रहा था कि इस बार मैं इतिहास रचूंगी और मैंने ऐसा कर दिखाया. भारतीय कुश्ती महासंघ ने मेरा साथ दिया है और आगे भी देता रहेगा. जैसे-जैसे हम सीनियर होते हैं, हमारा अनुभव बढ़ता जाता है. मुझे लगता है कि अगला साल इससे भी बेहतर होगा. अपना पूरा दम लगाकर मेहनत करते रहिए, आपको सफलता ज़रूर मिलेगी."

    गौरतलब है कि मनीषा भानवाला ने 59 किलोग्राम भार वर्ग के रोमांचक फ़ाइनल मुक़ाबले में अमेरिका की अबीगेल नेट को 8-6 से हराया.

  5. रामलीला मैदान में विपक्ष की 'महारैली' को लेकर बीजेपी ने कहा, 'राहुल गांधी ने ग़लत दिन चुना'

    अर्जुन राम मेघवाल
    इमेज कैप्शन, केंद्रीय क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का आरोप है कि महारैली के लिए ग़लत दिन को चुन लिया गया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस और बाकी विपक्षी दल रविवार को रामलीला मैदान में चुनाव आयोग की कथित अनियमितताओं के विरोध में महारैली कर रहे हैं.

    सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने इस रैली के लिए ग़लत दिन चुना है.

    केंद्रीय क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 1 नवंबर की प्रस्तावित रैली पर कहा, "विरोध प्रदर्शन का एक कार्यक्रम उन्होंने हाथ में लिया है. उनके घटक दलों के नेता भी 1 नवंबर नहीं चाहते हैं, क्योंकि 1 नवंबर को दिल्ली में एक बेहद संवेदनशील दिन के रूप में याद किया जाता है."

    "31 अक्तूबर 1984 को इंदिरा जी की हत्या हुई. उसके बाद 1 नवंबर को दिल्ली में जिस तरह मारकाट हुई, सिख भाइयों पर अत्याचार हुए, ख़ून-ख़राबा हुआ और उसी दिन को राहुल गांधी जी ने चुना. उनके मन में थोड़ी-बहुत भी संवेदना नहीं है. 1 नवंबर को लेकर सिख प्रतिनिधियों ने भी उन्हें चेताया कि आप अपने आंदोलन की तारीख़ आगे-पीछे कर लें."

    मेघवाल ने कहा, "दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने भी उन्हें पत्र लिखा और उनके घर जाकर मुलाक़ात की. उन्होंने कहा कि आप तारीख़ आगे-पीछे कर लें, क्योंकि दिवाली का त्योहार आ रहा है... हम साल भर इंतज़ार करते हैं. हम थोक व्यापारी हैं. इतने लाख लोग इकट्ठा करेंगे तो बाज़ार प्रभावित होगा, दुकानें बंद हो जाएंगी और जो लोग हमसे सामान ख़रीदना चाहते हैं, वे नहीं आ पाएंगे."

    वहीं, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "1 नवंबर को दिल्ली के सबसे बुरे दिनों की शुरुआत हुई थी. अब इसके 42 साल पूरे हो रहे हैं. सिख परिवारों के लिए यह तारीख़ अपनों को खोने और घरों के जलकर राख हो जाने की दर्दनाक यादें लेकर आती है."

    उन्होंने आगे कहा, "प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या एक दुखद घटना थी, लेकिन इसके बाद सिख समुदाय को जिस तरह सामूहिक रूप से सज़ा दी गई, उसे किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता."

  6. सपा नेता आज़म ख़ान की गिरफ़्तारी पर उनके वकील ने दी ये जानकारी

    समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान
    इमेज कैप्शन, समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान को जेल से बाहर निकलते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम ने दूसरे मामले में गिरफ़्तार कर लिया

    समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आज़म ख़ान शनिवार को रामपुर जेल से रिहा हुए, लेकिन रिहाई के तुरंत बाद जेल से बाहर निकलते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम ने उन्हें दूसरे मामले में गिरफ़्तार कर लिया.

    इस मामले पर उनके वकील नासिर सुल्तान ने शनिवार रात को कहा कि उन्होंने आज तक ऐसा नहीं देखा. उन्होंने इसे सरकार का 'तानाशाहीपूर्ण रवैया' बताया.

    वकील नासिर सुल्तान ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, "जिस तरह से मोहम्मद आज़म ख़ान को जेल से निकलते ही उठाया गया, उठाने का कोई आधार नहीं बताया गया. कहां लेकर जा रहे हैं और कौन उठा रहा है, कुछ नहीं बताया गया. इस तरह किसी को जेल से निकलते हुए उठाना या हिरासत में लेना हमने आज तक नहीं देखा."

    उन्होंने कहा, "तीन दिन की मेहनत और मशक्कत के बाद वो जेल से रिहा हुए और तब उन्हें उठा लिया गया. मैं यही कहूंगा कि यह सरकार का एक तानाशाहीपूर्ण रवैया है. मोहम्मद आज़म ख़ान से किसे ख़तरा है? 2027 का चुनाव क़रीब है तो जिसे ख़तरा होगा, वही ये सब काम करवा रहे हैं.

    "आज़म ख़ान इस देश के सबसे बड़े सेक्युलर नेता हैं. उनकी आवाज़ पूरे देश में सुनी जाती है. सरकार नहीं चाहती कि वो बाहर आएं. सरकार में रहने वाली पार्टी को उनसे नुक़सान होगा."

    14 अक्तूबर 2026 को प्रवर्तन निदेशालय ने आज़म ख़ान को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी फंड के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में नामज़द किया था. इसी मामले में उन्हें शनिवार को गिरफ़्तार किया गया है.

  7. राहुल गांधी ने रामलीला मैदान की रैली में शामिल होने वाले लोगों से व्यापारियों की मदद करने की अपील की

    राहुल गांधी
    इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार रात को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर एक वीडियो जारी कर अपील की (फ़ाइल फ़ोटो)

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपील की है कि रामलीला मैदान की रैली में शामिल होने वाले लोग यहां ख़रीदारी कर व्यापारियों की मदद करें.

    राहुल गांधी ने शनिवार रात को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर एक वीडियो जारी कर यह अपील की.

    उन्होंने कहा, "कल लाखों लोग रामलीला मार्च के लिए दिल्ली आ रहे हैं.त्योहारों का मौसम है. दिवाली, छठ, भाईदूज का समय है. मैं चाहता हूं जो लाखों लोग बाहर से दिल्ली आ रहे हैं, वो यहां के व्यापारियों की मदद करें."

    "प्रोटेस्ट, मार्च, रैली कीजिए, साथ में थोड़ी सी ख़रीदारी भी कीजिए - व्यापारियों का फ़ायदा हो जाएगा. मैं जानता हूं व्यापारियों को रैली नुक़सान नहीं पहुंचाएगी. बीजेपी डरी हुई है इसलिए अफ़वाह फैला रही है."

    राहुल ने कहा, "दोनों काम करते हैं. कल मार्च होगा, रैली होगी और लाखों लोग हमारे व्यापारियों की छोटी-छोटी दुकानों में से सामान ख़रीदेंगे."

    गौरतलब है कि दिल्ली के चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) राहुल गांधी से 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में होने वाली इंडिया ब्लॉक की रैली को टालने की मांग की थी.

    व्यापार संगठन ने अपील की थी कि त्योहारों के इस सीज़न में इस रैली को दीपावली के बाद (10 नवंबर के बाद) आयोजित किया जाए.

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