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देश के अलग-अलग हिस्सों के लोग महिला आरक्षण बिल पर क्या सोचते हैं?
केंद्र सरकार ने 14 अप्रैल (मंगलवार) को सांसदों को तीन ड्राफ़्ट बिल (मसौदा विधेयक) भेजे थे. इनमें दो बड़े ऐतिहासिक बदलाव प्रस्तावित हैं.
पहला बदलाव है- लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करना. दूसरा बदलाव है- संसद के निचले सदन यानी लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करना.
ये साल 2023 में पारित हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर आधारित हैं. इसमें महिलाओं के लिए 33 फ़ीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया था.
लेकिन इसके लागू होने को भविष्य में होने वाली जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया था. महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्ताव पर देश के अलग-अलग शहरों में रहने वाले लोगों का क्या कहना है? इस रिपोर्ट में देखिए.
वीडियो: इमरान कुरैशी, मोहर सिंह मीणा, तारिक ख़ान और शुभ राणा
(बीबीसी न्यूज हिन्दी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित)