आशा भोसले का निधन, कार्डियक अरेस्ट के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में थीं भर्ती

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मशहूर गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. शनिवार (11 अप्रैल) को दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था.
ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉ. प्रतीत समदानी ने बीबीसी मराठी को उनके निधन की जानकारी दी.
आशा भोसले फेफड़ों की बीमारी और उम्र संबंधी अन्य बीमारियों से जूझ रही थीं.
डॉ. समदानी ने बताया कि उनकी मृत्यु 'मल्टी-ऑर्गन फेल्योर ' के कारण हुई.
महाराष्ट्र के संस्कृति मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार सोमवार (13 अप्रैल) को शाम 4 बजे शिवाजी पार्क श्मशान घाट में किया जाएगा.
92 वर्षीय आशा भोसले का इलाज इमर्जेंसी मेडिकल सर्विसेज़ यूनिट में चल रहा था.
शनिवार को उनकी छोटी बहन ऊषा मंगेशकर ने बीबीसी न्यूज़ हिंदी के सहयोगी रवि जैन से आशा भोसले के अस्पताल में भर्ती कराए जाने की पुष्टि की थी.
ऊषा मंगेशकर को जब यह ख़बर मिली तब वो पुणे में थीं और ख़बर मिलने के बाद वह फ़ौरन मुंबई के लिए निकल गई थीं.
एक पारिवारिक सूत्र ने बीबीसी न्यूज़ हिंदी को यह भी बताया कि वह फेफड़ों और उम्र संबंधी अन्य बीमारियों से भी जूझ रही थीं.
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भजन से कैबरे तक सब में सूट करने वाली आवाज़

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8 सितंबर 1933 को जन्मीं आशा भोसले ने 1943 में 10 साल की उम्र में गाना शुरू कर दिया था.
वह 90 साल की उम्र तक गाती रहीं. उन्होंने हंसराज बहल, ओपी नैय्यर, मदन मोहन, आरडी बर्मन, इलैयाराजा, अनु मलिक से लेकर एआर रहमान तक के साथ काम किया.
उन्होंने रफ़ी, मुकेश और किशोर से लेकर बॉय जॉर्ज और आदित्य नारायण तक के साथ गाया है. उन्हें 1995 में उस्ताद अली अकबर खां के साथ एल्बम के लिए ग्रैमी में नॉमिनेट किया जा चुका है.
आशा भोसले ने 10,000 से ज़्यादा गाने रिकॉर्ड किए हैं.
संगीत से जुड़े मामलों के जानकर राजीव विजयकर ने साल 2023 में बीबीसी को बताया था, "आशा भोसले की ख़ासियत रही है कि वह वक़्त के साथ चलती हैं. कभी यह नहीं माना कि पुरानी ही चीज़ें अच्छी हैं. उनकी आवाज़ जितनी भजन में सूट होती है उतनी ही कैबरे में."
वह कहते हैं, "विविधता उनकी ताक़त है और उन्हें यहां तक लेकर आई है. मसलन आप 'आगे भी जाने न तू...' गाना को देखें तो इसमें एक तरह का फ़लसफ़ा है, ये नाइट क्लब नंबर भी है. आशा के इस गाने में एक अजीब सा दर्द है. नाइट बार में फ़िल्माए गाने में इस तरह का भाव लाना मुश्किल काम है जो आशा भोसले कर पाईं."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.


































