जौहर यूनिवर्सिटी पर ख़तरा, स्टूडेंट्स और स्टाफ़ को ये डर

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जौहर यूनिवर्सिटी पर ख़तरा, स्टूडेंट्स और स्टाफ़ को ये डर
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उत्तर प्रदेश का रामपुर साक्षरता के मामले में प्रदेश के सबसे पिछड़े ज़िलों में से एक है.

इसी ज़िले में आज से क़रीब दो दशक पहले मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की नींव रखी गई.

यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक़, मौजूदा वक़्त में तीन हज़ार छात्र यहां पढ़ाई कर रहे हैं.

क़रीब 100 टीचिंग और सौ के ही क़रीब नॉन टीचिंग स्टाफ़ कार्यरत हैं.

लेकिन प्रशासन के एक फ़ैसले के बाद से इस विश्वविद्यालय का भविष्य सवालों के घेरे में है.

छात्रों को अपनी पढ़ाई अधूरी छूट जाने का डर है और कर्मचारियों के सामने रोज़गार छिन जाने का संकट.

रिपोर्टर: प्रेरणा

वीडियो जर्नलिस्ट: तारिक़ ख़ान

जौहर यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट
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