अमेरिकी युद्ध विभाग ने यूएस-इंडो पैसिफिक कमांड से ‘इंडो’ शब्द हटाया

इमेज स्रोत, @INDOPACOM
अमेरिकी युद्ध विभाग ने यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड का नाम बदल दिया है. अब इसका आधिकारिक नाम यूएस पैसिफिक कमांड कर दिया है.
यानी अब 'हिंद प्रशांत कमांड' से हिंद शब्द हटा दिया गया है और इसका पुराना नाम वापस बहाल कर दिया गया है.
मूल रूप से 1 जनवरी, 1947 को तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी एस. ट्रूमैन के कार्यकाल के दौरान स्थापित यह कमांड 70 से अधिक वर्षों तक यूएस पैसिफिक कमांड के नाम से ही काम करती रही. बाद में इसमें इंडो शब्द भी जोड़ा गया.
यह अमेरिका के एकीकृत लड़ाकू कमांडों में सबसे पुरानी और सबसे बड़ी कमांड बनी रही.
यूएस पैसिफिक कमांड ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया, "यूएसपैकॉम के पुराने नाम को फिर से बहाल करना कमांड की गहरी ऐतिहासिक जड़ों का सम्मान है और प्रशांत क्षेत्र में सेवा देने वाले सभी लोगों में गर्व और सामूहिक भावना को बढ़ावा देता है."
इसने आगे लिखा, "दूसरे विश्व युद्ध के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा स्थापित करने में अपनी अहम भूमिका से लेकर कोरियाई युद्ध, वियतनाम युद्ध और कई मानवीय अभियानों के दौरान यूएसपैकॉम नाम दशकों की सैन्य विरासत और लंबे समय से चली आ रही क्षेत्रीय साझेदारियों का प्रतीक है."
यूएस पैसिफिक कमांड के मुताबिक़, "यूएसपैकॉम की ज़िम्मेदारी का विशाल क्षेत्र अमेरिका के पश्चिमी तट के समुद्री इलाक़ों से लेकर भारत की पश्चिमी सीमा तक फैला है और यह बिल्कुल वैसा ही रहेगा."
उसका कहना है कि कमांड के मूल मिशन और क्षेत्रीय सहयोगियों तथा साझेदारों के साथ मिलकर एक स्वतंत्र और खुला क्षेत्र बनाए रखने की उसकी अटूट प्रतिबद्धता में कोई बदलाव नहीं हुआ है.



