लाइव, अमेरिका समेत 22 देशों ने ईरान को दी ये चेतावनी
बयान में ईरान की सुरक्षा एजेंसियों पर आरोप लगाया गया है कि वे यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में योजनाओं को अंजाम देने के लिए अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय आपराधिक नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही हैं.
इमेज कैप्शन, हाल के महीनों में लंदन में यहूदी इलाक़ो पर हुए कुछ हमलों की ज़िम्मेदारी अशब अल-यामीन अल-इस्लामिया आंदोलन ने ली है
अमेरिका और कई यूरोपीय देशों समेत 22 देशों ने गुरुवार को एक संयुक्त बयान जारी कर ईरान को चेतावनी दी कि वह उनके देशों की ज़मीन पर लोगों को निशाना बनाना बंद करे.
इन देशों ने अपने यहां लोगों पर हमले की कथित साजिशों को अंजाम देने के लिए ईरान समर्थित समूहों की गतिविधियों की निंदा भी की है.
बयान में ईरान की सुरक्षा एजेंसियों पर आरोप लगाया गया है कि वे यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में योजनाओं को अंजाम देने के लिए अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय आपराधिक नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही हैं.
इन देशों ने उन हमलों का भी जिक्र किया है, जिनमें यहूदी समुदायों, ईरानी पत्रकारों और अमेरिकी पत्रकारों को निशाना बनाया गया था. इन हमलों की ज़िम्मेदारी "हरकत असहाब अल-यमीन अल-इस्लामिया" नामक समूह ने ली है, जिसे कथित तौर पर ईरान समर्थक बताया गया है.
यह अपेक्षाकृत कम चर्चित समूह लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके़ में स्थित सिनेगॉग (यहूदी धर्म के अनुयायियों का प्रार्थना और पूजा स्थल है) और सामुदायिक केंद्रों में आगजनी की कई घटनाओं की ज़िम्मेदारी भी ले चुका है. गोल्डर्स ग्रीन लंदन के सबसे बड़े यहूदी समुदायों में से एक का केंद्र माना जाता है.
इस समूह ने हाल के महीनों में यूरोप में हुई कुछ अन्य घटनाओं की ज़िम्मेदारी भी ली थी, जिनमें बेल्ज़ियम के लीज शहर के एक सिनेगॉग पर हमला और नीदरलैंड में हुए विस्फोट शामिल हैं. इन विस्फोटों का निशाना रॉटरडैम का एक सिनेगॉग और एम्स्टर्डम का एक यहूदी स्कूल था.
ईरान ने हमेशा इन हमलों में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है.
लंदन में यहूदी समुदायों के ख़िलाफ़ हालिया हमलों के बाद ईरानी दूतावास ने एक बयान जारी कर आरोपों को खारिज करते हुए कहा था, "ईरान की जनता और सरकार किसी भी प्रकार के यहूदी-विरोध (एंटीसेमिटिज़्म) को पूरी तरह अस्वीकार करती है. ब्रिटिश सरकार ने अब तक इस संबंध में सबूत या दस्तावेज़ उपलब्ध कराने के ईरान के किसी भी अनुरोध का जवाब नहीं दिया है."
यह संयुक्त बयान अल्बानिया, ऑस्ट्रेलिया, बेल्ज़ियम, ब्रिटेन, बुल्गारिया, कनाडा, चेक गणराज्य, डेनमार्क, एस्टोनिया, फ्रांस, फिनलैंड, जर्मनी, आयरलैंड, लातविया, लिथुआनिया, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, उत्तरी मैसिडोनिया, नॉर्वे, पुर्तगाल, स्वीडन और अमेरिका की ओर से जारी किया गया है.
बयान में कहा गया है, "किसी देश की धरती पर व्यक्तियों की हत्या, अपहरण, उत्पीड़न, डराने-धमकाने या किसी अन्य प्रकार के हमले की कोशिश राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन है. ऐसे कदम तुरंत बंद किए जाने चाहिए."
बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरे वनडे में हराकर सिरीज़ में 2-0 से अजेय बढ़त बनाई
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इमेज कैप्शन, ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मैच जीतने के बाद जश्न मनाते तौहीद हृदोय और कप्तान मेहदी हसन मिराज़ (दाएं)
बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सिरीज के पहले दो मुक़ाबले जीतकर सिरीज़ में 2-0 से बढ़त बना ली है.
बारिश से प्रभावित दूसरे वनडे मैच में डकवर्थ लुईस नियम के आधार पर बांग्लादेश को 41 ओवर में 192 रन की चुनौती मिली थी.
बांग्लादेश ने इस लक्ष्य को 25 ओवर में छह विकेट गंवाकर हासिल कर लिया.
सिरीज़ का पहला मुकाबला भी बारिश से प्रभावित रहा था. पहले मैच में बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को डकवर्थ लुईस नियम के आधार पर 86 रन से हराया था.
सिरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला 14 जून को खेला जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट ने गृहिणियों पर कहा- घरेलू काम और परिवार की देखभाल की क़ीमत 30 हजार रुपये महीना होनी चाहिए
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इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट (फ़ाइल फ़ोटो)
गृहिणियों के काम की आर्थिक क़ीमत को
लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है.
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि घरेलू काम और परिवार की देखभाल की क़ीमत 30 हजार रुपये महीना होनी चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण आदेश एक व्यक्ति की पत्नी के रोड एक्सीडेंट
में मौत हो जाने के मामले में दिया है.
कोर्ट ने इसी आधार पर पीड़ित को अतिरिक्त
हर्ज़ाना देने का आदेश दिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताब़िक, सुप्रीम
कोर्ट के दो जजों की पीठ ने आदेश में कहा, "हमारा यह भी मानना है कि
गृहिणी मानवीयता और देश के विकास में योगदान देती हैं. वो राष्ट्र का निर्माण करती
हैं इसलिए हमने इसके लिए सिद्धांत तय किए हैं."
अदालत ने कहा, "एक राष्ट्र निर्माता के रूप में
हमने गृहिणी की भूमिका को मानते हुए घरेलू देखभाल की न्यूनतम क़ीमत 30 हज़ार रुपये प्रति माह तय की है."
मणिपुर में छह नगा लोगों के शव बरामद होने के बाद कामजोंग ज़िले में हिंसा, दो लोगों की मौत, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, पुलिस की टीम घटना की जांच कर रही है
मणिपुर के कामजोंग जिले में गुरुवार तड़के हुए एक नए हमले में दो कुकी लोगों की मौत हो गई है. हिंसा की यह घटना कामजोंग-चसाद थाना क्षेत्र के कुल्टुप गांव की है.
इस हमले की पुष्टि करते हुए चसाद थाने में तैनात सब-इंसपेक्टर वोर्थिंग ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, "कुल्टुप गांव में आगजनी और हथियारबंद हमले की एक घटना हुई है, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई है और दो अन्य घायल हुए हैं. फिलहाल पुलिस की टीम घटना की जांच कर रही है."
दरअसल कई दिनों से लापता छह नगा लोगों के शव बुधवार को बरामद हुए थे, जिसके बाद पहाड़ी इलाकों में जातीय तनाव और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है. कुल्टुप गांव में हुए इस हमले के कारण कई प्रभावित परिवार जंगल और आस-पास के गांवों में पलायन करने को मजबूर हो गए हैं.
इस हमले के बारे में कुकी सिविल सोसाइटी संगठन के एक नेता ने बताया कि हथियारबंद हमलावरों ने सुबह करीब साढ़े 4 बजे कुकी समुदाय के एक दूर-दराज़ गांव कुल्टुप में अंधाधुंध गोलीबारी की. इस दौरान हमलावरों ने कम से कम पांच घरों में आग भी लगा दी. सोशल मीडिया पर आए एक वीडियो में जलते हुए घरों के सामने लोग डर और दहशत में चिल्लाते नज़र आ रहे हैं.
हमले में मारे गए लोगों की पहचान कुल्टुप के लेटमिनलुन हाओकिप और लुनमिंथंग हाओकिप के तौर पर की गई है. राज्य में नगा लोगों के शव बरामद होने के बाद मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने एक बयान जारी कर कहा था,"सरकार इस तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेगी. इस मामले की जांच एनआईए कर रही है."
मणिपुर में मई 2023 से मैतेई समुदाय और कुकी जनजाति के बीच जातीय हिंसा जारी है. लेकिन इस दौरान बीते फरवरी महीने से कुकी और तांकखुल नगा के बीच भी हिंसा शुरू हो गई है. इन दोनों जनजातियों के बीच संघर्ष में अब तक 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
असल में बीते 13 मई को कुकी समुदाय के एक वरिष्ठ पादरी समेत चर्च के दो नेताओं की हत्या के बाद दोनों समुदायों में खूनी टकराव बढ़ गया है. इस टकराव के कारण 13 मई को कांगपोकपी और सेनापति ज़िलों में हथियारबंद समूहों ने कुकी और नगा समुदायों के कम से कम 48 नागरिकों को बंधक बना लिया था.
बाद में 28 लोगों को रिहा कर दिया गया था. जबकि कुकी समुदाय के 14 बंधकों को मंगलवार को रिहा किया गया था. इन लोगों की रिहाई को लेकर नगा लोगों की प्रमुख संस्था यूनाइटेड नगा काउंसिल (यूएनसी) ने शर्त रखी थी कि उनके छह लापता लोगों को सुरक्षित रिहा किया जाएगा. लेकिन नगा लोगों के शव बरामद होने के बाद से पहाड़ी इलाकों में कानून-व्यवस्था प्रभावित होती दिख रही है.
यूएनसी ने अपने छह लोगों के शवों के बरामद होने के बाद शोक में गुरुवार सुबह 6 बजे से 24 घंटे का पूर्ण बंद बुलाया है. इस बंद का असर मणिपुर के नगा-बहुल इलाकों में देखने को मिल रहा है.
यूएनसी ने सरकार के समक्ष मांग रखी है कि जब तक कुकी उग्रवादी समूहों के साथ निलंबन (एसओओ) समझौते को रद्द नहीं किया जाता, अपहरण और हत्याओं में कथित रूप से शामिल लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे शवों को स्वीकार नहीं करेंगे. यूएनसी ने केंद्र से कुकी संगठन केएनएफ-पी को आतंकवादी संगठन घोषित करने वाली अधिसूचना जारी करने की भी मांग की है.
इस दौरान एक अन्य घटना में राज्य के सेनापति जिले के लियांगमाई ताफौ में मौजूद राजनीतिक पार्टी नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के ऑफिस में बुधवार रात को तोड़फोड़ की गई है.
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान से होने वाले नुक़सान की भरपाई को लेकर कही ये बात
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट(फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि खाड़ी में अमेरिका के सहयोगियों को ईरान जो भी नुक़सान पहुंचाएगा, उसकी भरपाई उससे ही की जाएगी.
स्कॉट बेसेंट ने एक्स पर लिखा, "ईरान की सरकार जो 'ज़ीरो-सम गेम' (जिसमें एक की जीत दूसरे की हार होती है) खेल रही है, उसमें वह हार जाएगी. खाड़ी में हमारे सहयोगियों को वह जो भी नुकसान पहुंचाएगी, उस रकम की भरपाई ईरान के फ्रीज किए गए खातों से निकालकर की जाएगी."
उन्होंने आगे कहा, "'पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' को दिए जाने वाले किसी भी शुल्क की भरपाई भी उनके खातों से की जाएगी. ईरान का हर हमला उसके लिए आर्थिक और वित्तीय नतीजों को और गंभीर ही बनाएगा."
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि अमेरिका आज रात ईरान पर बहुत बड़ा हमला करेगा.
प्रकाश चिक के राज्यसभा से इस्तीफ़ा देने पर टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने ये कहा
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इमेज कैप्शन, सौगत रॉय आरोप लगा चुके हैं कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी 'ऑपरेशन लोटस' का हिस्सा हैं और वे टीएमसी को तोड़ना चाहते हैं
टीएमसी सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक के इस्तीफ़े पर पार्टी के वरिष्ठ नेता सौगत रॉय ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात की है.
सौगत रॉय ने कहा, “मुझे इस बारे में कुछ पता नहीं है. मैं राज्यसभा का सदस्य नहीं हूं और इनको मैं ठीक से नहीं जानता भी नहीं था. उन्होंने क्यों इस्तीफ़ा दिया है, मुझे नहीं पता. उन्हें कोई नाराज़गी थी तो मुझे इसके बारे कुछ पता नहीं है.
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने गुरुवार को राज्यसभा के सभापति को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने आधिकारिक तौर पर पार्टी छोड़ी है या नहीं.
इससे पहले टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव ने राज्यसभा से इस्तीफ़ा दे दिया था. उनका इस्तीफ़ा पहले ही मंज़ूर हो चुका है. इन दोनों ने पार्टी की सदस्यता से भी इस्तीफ़ा दे दिया है.
इससे पहले सौगत रॉय ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी 'ऑपरेशन लोटस' का हिस्सा हैं और वे टीएमसी को तोड़ना चाहते हैं.
टीएमसी के विलय की चर्चाओं पर बोले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस की
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विलय की चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी
है.
कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी
वेणुगोपाल ने कांग्रेस-टीएमसी से विलय के दावों को 'आधारहीन अफ़वाह' बताया है.
गुरुवार को कांग्रेस की ओर से बुलाई गई एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान वेणुगोपाल से पूछा गया कि क्या कांग्रेस
ने ऐसा कोई प्रस्ताव दिया है या फिर टीएमसी ने ऐसा कोई अनुरोध किया है?
इस पर उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ मिलकर जो
चर्चा की, वह केवल इंडिया गठबंधन को मज़बूत बनाने से जुड़ी थी."
साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में कांग्रेस के महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने पहले ही स्थिति साफ कर दी थी.
वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बुधवार को एक्स पर लिखा, ''कुछ
मीडिया रिपोर्टों में सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच हुई मुलाक़ात को लेकर जो
दावे किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से ग़लत हैं."
"यह मुलाक़ात बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई थी.
दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंध रहे हैं, इसलिए बातचीत के दौरान कई निजी
विषयों पर भी चर्चा हुई.''
कांग्रेस ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के चलते यह बैठक हुई थी.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की धमकी, 'ईरान पर आज रात बहुत बड़ा हमला होगा'
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इमेज कैप्शन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक नई पोस्ट में कहा है कि अमेरिका ईरान पर “आज रात बहुत बड़ा हमला” करेगा.
राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा, “संयुक्त राज्य अमेरिका आज रात ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेगा. ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार, वायु रक्षा प्रणाली और उसकी अधिकांश आक्रामक क्षमता पहले ही खत्म हो चुकी है.”
उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर दावा किया कि निकट भविष्य में अमेरिका, ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र ख़ार्ग और अन्य ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर पर नियंत्रण स्थापित करेगा. साथ ही, ईरान के तेल और गैस बाजारों पर “पूर्ण नियंत्रण” हासिल करेगा.
खार्ग द्वीप ईरान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है. ईरान के अधिकांश कच्चे तेल का निर्यात इसी द्वीप के टर्मिनल के माध्यम से होता है.
ट्रंप इससे पहले भी कई बार खार्ग द्वीप को निशाना बनाने या उस पर नियंत्रण स्थापित करने की धमकी दे चुके हैं.
मार्च 2026 में भी ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी सेना ने वहां के सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए थे, हालांकि ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को उस समय निशाना नहीं बनाया गया था.
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है.
हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच सैन्य हमले हुए हैं, जबकि समानांतर रूप से किसी संभावित समझौते को लेकर बातचीत भी जारी बताई जा रही है.
अगर ट्रंप की धमकी के अनुरूप नए हमले होते हैं, तो इसका असर न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक तेल बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है, क्योंकि होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है.
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीनों सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार निर्विरोध जीते, विष्णुकांत तिवारी, बीबीसी संवाददाता
इमेज कैप्शन, बीजेपी के उम्मीदवार तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुए
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीनों सीटों पर बीजेपी के तीनों उम्मीदवारों को निर्विरोध सदस्य निर्वाचित कर दिया गया है.
बीजेपी के तीन उम्मीदवार तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट अब राज्यसभा के नवनिर्वाचित सांसद बन गए हैं.
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने को लेकर राजनीतिक और कानूनी विवाद जारी है.
कांग्रेस इस फैसले को चुनौती देते हुए चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट दोनों का दरवाजा खटखटा चुकी है.
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई है. वहीं, कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग से शिकायत किए जाने के बावजूद उसे अब तक कोई राहत नहीं मिली है.
कांग्रेस का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन बिना पर्याप्त कानूनी आधार के और राजनीतिक कारणों से रद्द किया गया.
पार्टी का आरोप है कि रिटर्निंग अधिकारी का फैसला मनमाना और पक्षपातपूर्ण था.
वहीं, बीजेपी का कहना है कि नामांकन पत्र के साथ दाख़िल हलफनामे में आवश्यक जानकारी का ख़ुलासा नहीं किया गया था, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई.
उन्होंने कहा, "मुझे लेकर जो भी भ्रम और अफ़वाहें फैलाई जा रही हैं, उस पर मैं अपना रुख़ साफ़ करना चाहता हूं."
"मैं न तो किसी गुट में शामिल होने जा रहा हूं और न ही किसी दूसरी पार्टी में. मेरा मानना है कि मुश्किल समय में पार्टी का साथ छोड़ना ग़लत है. मैं वही कर रहा हूं, जो मुझे सही लगता है."
दरअसल, पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने जीत हासिल की थी और शुभेंदु अधिकारी राज्य के मुख्यमंत्री बने. इसके बाद से ही टीएमसी में बग़ावत के सुर सुनाई देने लगे.
कई विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई. पार्टी के एक बाग़ी विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी के 58 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा.
तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पिछले दिनों दावा किया कि उनके साथ 20 सांसद हैं और उन्होंने लोकसभा स्पीकर से सदन में अलग बैठाने की मांग की है.
यूएई के राष्ट्रपति ने हिन्दी में भेजी पीएम मोदी को बधाई
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इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ैद (फ़ाइल फ़ोटो)
संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ैद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी है.
यूएई के राष्ट्रपति ने ये बधाई हिन्दी में दी है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, “माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने की उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं."
उन्होंने आगे लिखा, "भारत की सतत प्रगति को आगे बढ़ाने में आपकी निरंतर सफलता की कामना करता हूं. साथ ही, हमारे दोनों देशों और उनके लोगों के हित में हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आपके साथ मिलकर काम जारी रखने की अपेक्षा रखता हूं."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे लंबे कार्यकाल वाले नेता बन गए हैं. उन्होंने इस मामले में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को पीछे छोड़ दिया है.
उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं. हालांकि कांग्रेस ने इसे 'स्वघोषित रिकॉर्ड' और 'खुद से गढ़ा हुआ माइल स्टोन' बताया है.
कल्याण बनर्जी बोले- 'ममता दीदी पार्टी में अभिषेक को चुनेंगी तो मैं शामिल नहीं रहूंगा'
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इमेज कैप्शन, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी (फ़ाइल फ़ोटो)
पश्चिम बंगाल विधानसभा
चुनाव में करारी हार झेलने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की मुश्किलें कम नहीं हो
रही हैं.
लोकसभा में टीएमसी के नए चीफ व्हिप बनाए गए कल्याण बनर्जी ने पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी के 'व्यवहार' का मुद्दा उठाकर पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के सामने शर्त रख दी है.
कल्याण बनर्जी, टीएमसी के वरिष्ठ सांसद और वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञ हैं.
उन्होंने कहा
है, "मैं ममता दीदी के साथ हूं, मगर अब दीदी को तय करना है कि क्या वो अपनी पार्टी को अभिषेक के
बिना आगे नहीं ले जा सकेंगी? अगर ऐसा है तो
मैं इसमें शामिल नहीं रहूंगा."
उन्होंने पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी से जुड़े एक कानूनी मामले से ख़ुद को
अलग कर लिया है.
दरअसल यह पूरा विवाद अभिषेक बनर्जी के फर्जी हस्ताक्षर केस की सुनवाई से जुड़ा
है. इस केस को कलकत्ता हाईकोर्ट में पार्टी की ओर से कल्याण बनर्जी देख रहे थे.
फर्ज़ी
हस्ताक्षर मामले की जांच सीआईडी कर रही है, जिसने सोमवार को अभिषेक बनर्जी के
कार्यालय की तलाशी ली.
कल्याण बनर्जी
का कहना है कि उन्होंने कोर्ट के सामने इस छापामारी का हवाला देते हुए जल्द सुनवाई
की मांग की थी और अदालत गुरुवार को सुनवाई के लिए तैयार भी हो गई.
उनका कहना है कि
वो केस को लेकर बुधवार को काफ़ी समय तक अदालत में भी इंतज़ार करते रहे. फिर बुधवार
रात क़रीब 12 बजे उन्हें बताया गया कि अभिषेक बनर्जी से जुड़े स्थान की तलाशी मामले
को कोई दूसरे वकील देखेंगे.
कल्याण बनर्जी ने
कहा है कि किसी अन्य वकील को केस सौंपकर सीनियर वकील होने के नाते उनके सम्मान को
ठेस पहुंची है.
ममता बनर्जी का साथ छोड़ने की चर्चा पर क्या बोले टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा
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इमेज कैप्शन, सांसद शत्रुघ्न सिन्हा (फ़ाइल फ़ोटो)
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि वो इस मुश्किल घड़ी में ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ेंगे.
गौरतलब है कि इससे पहले सिन्हा ने पीएम मोदी के 'सबसे लंबे कार्यकाल से जुड़े रिकॉर्ड' की तारीफ़ करते हुए एक ट्वीट किया था. जिससे उनके पार्टी में बने रहने को लेकर आशंकाएं जताई जाने लगी थीं.
"पटना का चुनाव जब मैं हारा या मुझे हराया गया तब कोई सामने नहीं आया, सिर्फ एक ही नेता ममता बनर्जी हमारे साथ आईं. उन्हें लगा कि मुझे संसद जाना चाहिए. इसलिए उन्होंने मुझे आसनसोल से चुनाव लड़ने को कहा. और उनके आदेश को अध्यादेश मानते हुए मैं आसनसोल पहुंचा. मैं वहाँ से जीता. ये सब आसनसोल की जनता की वजह से हुआ. मैं उनका आभारी हूं."
उन्होंने आगे कहा, "मैं उन लोगों का आभारी हूं जिन्होंने मुझे टीएमसी के बाग़ी गुट में शामिल होने के लिए बुलाया, लेकिन मेरा उसूलों पर आधारित रुख यह है कि मुझे अभी ममता बनर्जी के साथ खड़ा होना चाहिए."
राज्यसभा चुनाव: मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस नेता
मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द किए जाने के रिटर्निंग ऑफ़िसर के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई के लिए राज़ी हो गया है.
इस मामले की सुनवाई शुक्रवार, 12 जून को होगी.
लाइव लॉ के मुताबिक, जस्टिस प्रशांत कुमार शर्मा और जस्टिस
अतुल एस चंदुरकर की बेंच ने वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी की मौखिक दलील पर
याचिका को तुरंत सुनवाई के लिए लिस्ट किया है.
मीनाक्षी नटराजन के वकील सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से आज या कल इस मामले को तुरंत सुनवाई के लिए लिस्ट करने की मांग की थी.
हालांकि, अभिषेक मनु सिंघवी का ज़ोर था कि सुप्रीम कोर्ट आज यानी गुरुवार को ही इस मामले की सुनवाई करे क्योंकि यह पर्चा वापसी का अंतिम दिन है.
वहीं,
रिटर्निंग अफसर की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने इसका विरोध किया.
जस्टिस मिश्रा ने मीनाक्षी नटराजन के वकील सिंघवी की दलील
पर कहा, "चुनाव से जुड़े मामलों में अदालतें बीच में हस्तक्षेप नहीं
करतीं. इस पर सिंहवी ने कहा कि अगर कोई गंभीर या स्पष्ट गलती हो, तो अदालतें हस्तक्षेप कर सकती हैं."
हालांकि बाद में सर्वोच्च अदालत इस याचिका को कल लिस्ट करने के लिए सहमत हो गया.
दरअसल, मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को चुनाव
होने वाला है. एक सीट के लिए कांग्रेस की ओर से मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन भरा, जिसे रिटर्निंग अफ़सर ने रद्द कर दिया.
बीजेपी ने एक शिकायत में आरोप लगाया था कि मीनाक्षी नटराजन
ने अपने नामांकन के साथ दाखिल फॉर्म 26 में न्यायालय में कथित तौर
पर लंबित एक मामले की जानकारी नहीं दी.
कांग्रेस ने इस आरोप को ग़लत बताया और रिटर्निंग ऑफ़िसर
के फ़ैसले को क़ानून के ख़िलाफ़ दिया गया फ़ैसला कहा है.
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टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने पीएम मोदी को दी बधाई, जानिए क्या कहा
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इमेज कैप्शन, केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ धरने पर बैठीं ममता बनर्जी के साथ शत्रुघ्न सिन्हा. (यह तस्वीर साल 2024 की है जब ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री थीं)
टीएमसी के लोकसभा सांसदों की पार्टी से बग़ावत की ख़बरों के बीच, शत्रुघ्न सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी को प्रधानमंत्री के तौर पर 12 साल का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी है.
शत्रुघ्न सिन्हा आसनसोल से टीएमसी के लोकसभा सांसद हैं.
उन्होंने लिखा, “सही खेल भावना के साथ हमारे मित्र, समाज और देश के मार्गदर्शक माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को उनके कार्यकाल के 12 साल पूरे होने पर बहुत-बहुत शुभकामनाएँ.”
''यह शायद अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल है. आपके उज्ज्वल भविष्य, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करता हूँ.''
बता दें कि तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि उनके साथ 20 सांसद हैं और उन्होंने लोकसभा स्पीकर से ऐसे सांसदों को सदन में अलग बैठाने की मांग की है.
वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी के 80 विधायकों में से 60 विधायक पहले ही ममता बनर्जी का साथ छोड़कर बाग़ी हो चुके हैं.
साथ ही, गुरुवार को राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने राज्यसभा के सभापति को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है.
वे इस्तीफ़ा देने वाले तृणमूल कांग्रेस से तीसरे राज्यसभा सांसद हैं.
ओमान: एक और जहाज़ पर हमले की ख़बर, भारतीय दूतावास ने क्या बताया
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इमेज कैप्शन, इससे पहले सेटेबेलो जहाज़ पर हमले को लेकर भारत ने अमेरिका से कड़ा विरोध दर्ज कराया है
ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने वहाँ के शिनास पोर्ट पर एक जहाज़ पर हुए ताज़ा हमले के बारे में जानकारी दी है.
भारतीय दूतावास ने लिखा, "हमें आज ओमान के शिनास पोर्ट के पास एक जहाज़ से जुड़ी घटना के बारे में पता चला है. हम स्थिति पर क़रीब से नज़र रख रहे हैं और आगे की जानकारी के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं."
इससे पहले बुधवार को भी इस इलाक़े में भारतीय तेल टैंकर पर हमला हुआ था.
पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को बताया कि ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर पर अमेरिकी सैन्य हमले के बाद लापता हुए तीनों भारतीय नाविकों के शव मिले हैं.
इस घटना के बाद भारत ने अमेरिका के उप मिशन प्रमुख को तलब किया और हमले के ख़िलाफ़ कड़ा विरोध दर्ज कराया था.
ईरान ने 18 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नष्ट करने का किया दावा
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इमेज कैप्शन, अमेरिका ने ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए हैं (तस्वीर में अमेरिकी क्रूज़ मिसाइल का लॉन्च), इसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया है.
ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि गुरुवार तड़के आईआरजीसी की एयरोस्पेस फ़ोर्स और नेवी के लड़ाकू विमानों ने अमेरिकी सेना की उकसावे की कार्रवाई का जवाब दिया है.
ईरान की इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है लेकिन कुवैत आर्मी के जनरल स्टाफ ने घोषणा की है कि एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के हवाई टारगेट को इंटरसेप्ट कर रहे हैं.
एक सोशल मीडिया पोस्ट में कुवैत आर्मी ने कहा, "सभी लोगों से आग्रह है कि वे संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी किए सुरक्षा निर्देशों और गाइडलाइन का पालन करें."
कुवैत की सेना ने लोगों से आग्रह किया है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करें.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, कुवैत ने ईरानी हमलों के कारण अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है.
टीएमसी के तीसरे राज्यसभा सांसद का इस्तीफ़ा- प्रकाश चिक बड़ाईक ने अपने फ़ैसले पर ये कहा
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इमेज कैप्शन, राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को अपनी सदस्यता से इस्तीफ़ा सौंपते टीएमसी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक.
तृणमूल
कांग्रेस से तीसरे राज्यसभा सांसद ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.
पार्टी
के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने गुरुवार को राज्यसभा चेयरमैन को
अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने आधिकारिक तौर पर पार्टी छोड़ी
है या नहीं.
इससे पहले
टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव ने राज्यसभा से इस्तीफ़ा दिया था. उनका इस्तीफ़ा पहले ही मंज़ूर हो चुका है. ये दोनों पार्टी से भी इस्तीफ़ा दे चुके हैं.
अगर प्रकाश चिक बड़ाईक का इस्तीफ़ा स्वीकार हो जाता है तो टीएमसी के राज्यसभा सांसदों की संख्या पांच रह जाएगी.
आदिवासी समुदाय से आने वाले बड़ाईक ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "पश्चिम बंगाल के लोगों ने जिस तरह
की राय दी है, उसको देखते हुए आज मैंने भी अपना इस्तीफ़ा दे दिया है."
बीजेपी में शामिल होने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ''यह समय बताएगा.''
राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को सौंपे गए अपने पत्र में बड़ाईक ने लिखा है, ''मेरे इस्तीफ़े को तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए."
साथ ही उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान समर्थन के लिए सभापति और राज्यसभा सचिवालय का आभार भी व्यक्त किया है.
प्रकाश चिक बड़ाईक को पश्चिम बंगाल से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुना गया था.
वह संसद की उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण संबंधी संसद की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य के तौर पर काम कर रहे थे. साथ ही वह जनजातीय मामलों की सलाहकार समिति के सदस्य भी थे.