डॉन: कामयाबी और इस फ़िल्म सिरीज़ से जुड़ी उतार-चढ़ाव की दिलचस्प कहानी

शाहरुख खान और रणवीर सिंह

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इमेज कैप्शन, शूटिंग शुरू होने से कुछ ही हफ़्ते पहले ही रणवीर सिंह ने 'डॉन 3' को अलविदा कह दिया (सांकेतिक तस्वीर)
    • Author, यासिर उस्मान
    • पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 12 मिनट

फ़िल्म डॉन 3 को लेकर उठा विवाद अब सिर्फ़ अभिनेता रणवीर सिंह बनाम फ़रहान अख़्तर नहीं रहा है. अब इसमें फ़िल्म इंडस्ट्री में अनुबंधों, ज़िम्मेदारी और जवाबदेही जैसे बड़े सवाल भी जुड़ गए हैं. सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि आगे इस कहानी में क्या मोड़ आता है.

सुर्ख़ियां तो सिर्फ़ विवाद दिखाती हैं, लेकिन असली कहानी पर्दे के पीछे है. यह कहानी है एक ऐसी फ़्रेंचाइज़ी की, जिसने बड़ी कामयाबी तो देखी लेकिन पिछले 48 वर्षों में किसी न किसी रुकावट, विवाद या बदक़िस्मती का सामना भी किया, और डॉन 3 तक आते-आते तो मानो ये किसी 'अभिशाप' की तरह नज़र आने लगा है.

रणवीर सिंह के बाहर होने की पूरी कहानी समझने से पहले हमें सिनेमाई इतिहास के पन्ने पलटकर ज़रा पीछे जाना होगा जब 48 साल पहले, डॉन पर पहली बार बदक़िस्मती का साया पड़ा था.

डॉन की नींव और पहला हादसा

कहानी की शुरुआत होती है साल 1974 से. निर्देशक मनोज कुमार अपनी फ़िल्म 'रोटी, कपड़ा और मकान' बना रहे थे. फ़िल्म को शूट कर रहे थे- मशहूर सिनेमैटोग्राफ़र नरीमन इरानी.

इरानी ने सुनील दत्त को लेकर कुछ समय पहले 'ज़िंदगी-ज़िंदगी' (1972) नाम की एक फ़िल्म बनाई थी जो बुरी तरह फ़्लॉप हो गयी थी. इरानी कर्ज़ में डूबे बेहद ख़राब दौर से गुज़र रहे थे.

मनोज कुमार ने उनकी मदद का फ़ैसला किया और तय हुआ कि एक नयी फ़िल्म नरीमन इरानी के लिए बनाई जाएगी. फ़िल्म 'रोटी, कपड़ा और मकान' में अभिनय कर रहे अमिताभ बच्चन और ज़ीनत अमान इरानी की मदद के लिए फ़ौरन तैयार हो गए.

अभिनेता प्राण भी साथ आ गए. फ़िल्म के निर्देशन की ज़िम्मेदारी मनोज कुमार के युवा असिस्टेंट डायरेक्टर, चंद्रा बारोट को सौंपी गयी.

अब तलाश थी एक अदद स्क्रिप्ट की जिस पर फ़िल्म बनाई जा सके.

लेखक सलीम-जावेद से बात की गई. उन्होंने कहा कि उनके पास एक स्क्रिप्ट है, जिसे कई निर्माता-निर्देशक और अभिनेता ठुकरा चुके हैं. नरीमन इरानी के लिए वो ये स्क्रिप्ट देने को तैयार हो गए. स्क्रिप्ट का शीर्षक था 'डॉन'.

अमिताभ बच्चन

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इमेज कैप्शन, 12 मई 1978 को 'डॉन' रिलीज़ हुई और अमिताभ बच्चन के करियर की पहली बड़ी सोलो ब्लॉकबस्टर बन गई (सांकेतिक तस्वीर)

बेहद कम बजट में किसी तरह इस फ़िल्म की शूटिंग शुरू की गई. नरीमन इरानी की उम्मीद जाग चुकी थी. वो मेहनत से फ़िल्म पूरी करने में जुट गए. लेकिन बदक़िस्मती ने साथ नहीं छोड़ा. शूटिंग के बीच में ही हादसा हो गया.

निर्माता नरीमन इरानी जिनके लिए ये फ़िल्म खड़ी की गई थी, शूटिंग के दौरान ही एक दीवार गिरी और इस हादसे में इरानी की मौत हो गई.

इसके बावजूद बाक़ी टीम ने मिलकर यह फ़िल्म किसी तरह पूरी की, ताकि इरानी के परिवार को सहारा मिल सके.

आख़िरकार 12 मई 1978 को 'डॉन' रिलीज़ हुई और अमिताभ बच्चन के करियर की पहली बड़ी सोलो ब्लॉकबस्टर बन गई.

लेकिन सबसे दुखद ये था कि जिस इंसान के सपने के लिए यह फ़िल्म बनी थी, वह इस सफलता को देखने के लिए ज़िंदा नहीं था.

शाहरुख़ ख़ान और पहली दरार की कहानी

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आज 'डॉन 3' जिस मुश्किल दौर से गुज़र रही है, अगर उसकी असली वजह समझनी हो, तो कहानी को वहाँ से शुरू करना होगा, जहाँ पहली बड़ी दरार पड़ी थी. जब शाहरुख़ ख़ान ने 'डॉन 3' को अलविदा कहा था.

एक लाइन में कहें तो यह कहानी इतिहास के बहुत जल्दी ख़ुद को दोहराने की दास्तान है.

शाहरुख़ ख़ान की 'डॉन 2' (2011) उस साल की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फ़िल्मों में शामिल थी.

माना जाता है कि शाहरुख़ को इस स्टायलिश किरदार से ख़ास लगाव था और वो 'डॉन' को एक लंबी चलने वाली फ़्रेंचाइज़ी के रूप में देखने लगे थे. निर्देशक फ़रहान अख़्तर ने भी एलान किया कि वो 'डॉन 3' पर काम कर रहे हैं.

लेकिन पर्दे के पीछे कहानी धीरे-धीरे बदल रही थी.

दर्शक 'डॉन 3' का इंतज़ार करते रहे लेकिन इन वर्षों में दो अहम घटनाएँ साथ-साथ घट रही थीं.

पहली, 2011 में ही आयी हिट फ़िल्म 'ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा' में फ़रहान अख़्तर के अभिनय की ख़ूब तारीफ़ हुई. इसके बाद आई फ़िल्म 'भाग मिल्खा भाग' (2013) ने तो बतौर हीरो उनका सिक्का जमा दिया.

वो बतौर अभिनेता और ज़्यादा सक्रिय होने लगे और निर्देशन धीरे-धीरे पीछे छूटने लगा. नतीजा यह हुआ कि सालों तक 'डॉन 3' की 'स्क्रिप्ट पर काम' होता रहा और वो अटक कर रह गई.

शाहरुख़ खान

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इमेज कैप्शन, शाहरुख़ को 'डॉन 3' की स्क्रिप्ट का इंतज़ार था, लेकिन इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक़, पर्दे के पीछे कहानी इससे कहीं ज़्यादा जटिल थी

दूसरी तरफ़, इन वर्षों में शाहरुख़ ख़ान का करियर बॉक्स ऑफ़िस पर एक चुनौतीपूर्ण दौर से गुज़र रहा था. उनकी कई फ़िल्में चली नहीं थीं. बॉलीवुड भी बदल रहा था. फ़्रेंचाइज़ी और सीक्वल्स नए दौर की पहचान बन चुके थे.

इसी बीच इंटरव्यू में शाहरुख़ से लगातार 'डॉन 3' को लेकर सवाल पूछे जाते.

साल 2017 में अपनी फ़िल्म 'रईस' के प्रोमोशन के दौरान शाहरुख़ ने मीडिया से कहा, "डॉन ही शायद मेरी इकलौती फ़िल्म है जिसका सीक्वल बन सकता है, लेकिन फ़रहान के पास अभी इसकी कहानी तैयार नहीं है."

शाहरुख़ को 'डॉन 3' की स्क्रिप्ट का इंतज़ार था. लेकिन इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक़, पर्दे के पीछे कहानी इससे कहीं ज़्यादा जटिल थी.

जब शाहरुख़ की 'फ़ैन', 'जब हैरी मेट सेजल' और 'ज़ीरो' जैसी बड़ी फ़िल्में फ़्लॉप हुईं तो मीडिया और फ़िल्म इंडस्ट्री में ये चर्चा तेज़ हो गई थी कि उनका सुपरस्टारडम ढलने लगा है.

ऐसे माहौल में फ़रहान अख़्तर और उनकी कंपनी 'एक्सेल एंटरटेनमेंट' 'डॉन 3' में भारी निवेश करने और शाहरुख़ ख़ान पर बड़ा दांव लगाने से बचती दिखी.

जानकारों के मुताबिक़, यह कोई मतभेद नहीं था, बल्कि एक निर्माता का सोचा-समझा सतर्क रुख़ था. वो सही समय का इंतज़ार करना चाहते थे, जब मुख्य स्टार की बॉक्स ऑफ़िस स्थिति ज़्यादा मज़बूत और स्थिर हो.

वहीं शाहरुख़ जल्द 'डॉन 3' पर आगे बढ़ना चाहते थे, क्योंकि उन्हें एक मज़बूत 'कमबैक प्रोजेक्ट' की तलाश थी और देरी को लेकर वह ख़ुश नहीं थे. वहीं फ़रहान अख़्तर की बतौर अभिनेता कई फ़िल्में ('रॉक ऑन 2', 'लखनऊ सेंट्रल', 'तूफ़ान') फ़्लॉप हुईं, लेकिन 'डॉन 3' का प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ा.

फिर आया साल 2023, जब फ़िल्म 'पठान' के साथ शाहरुख़ ने ऐतिहासिक वापसी की. सूत्रों की मानें तो इस वक़्त 'एक्सेल एंटरटेनमेंट' 'डॉन 3' को फिर से शुरू करने के लिए बेहद उत्सुक हो गया.

फ़रहान 'डॉन 3' का नया स्क्रिप्ट आइडिया लेकर शाहरुख़ से मिले, लेकिन अब शाहरुख़ ख़ान की प्राथमिकताएँ बदल चुकी थीं. वो अब बड़े स्केल वाली एक्शन फ़िल्मों की ओर बढ़ चुके थे. 'डॉन 3' पर फ़रहान और शाहरुख़ की सोच मिल नहीं सकी.

मई 2023 में शाहरुख़ ख़ान ने 'डॉन' फ़्रेंचाइज़ी से ख़ुद को अलग कर लिया. वह सुपरस्टार जिसने 'डॉन' को आधुनिक पॉप कल्चर का हिस्सा बनाया, वो अब 'डॉन' छोड़ चुका था.

'डॉन' की कहानी यहीं ख़त्म हो सकती थी, लेकिन 'एक्सेल एंटरटेनमेंट' ने साहसिक क़दम उठाते हुए फ़्रेंचाइज़ी को रीबूट करने का फ़ैसला किया और नए 'डॉन' के रूप में रणवीर सिंह के नाम का एलान कर दिया.

'डॉन 3' के टीज़र में रणवीर सिंह को नए 'डॉन' के रूप में पेश किया गया, तो इंडस्ट्री और मीडिया में ख़ूब बहस छिड़ी कि क्या वो इस रोल के लिए सही स्टार हैं? ख़ुद रणवीर इस किरदार को लेकर बेहद उत्साहित थे.

यह उनके करियर का एक बड़ा मौक़ा था क्योंकि ये दांव उन्हें सीधे अमिताभ बच्चन और शाहरुख़ जैसे दिग्गजों की क़तार में खड़ा कर सकता था.

अब इंतज़ार था तो 'डॉन 3' के बनने का.

लेकिन पर्दे के पीछे ऐसा क्या हुआ कि शूटिंग शुरू होने से कुछ हफ़्ते पहले ही रणवीर ने भी 'डॉन 3' को अलविदा कह दिया?

क्या 'धुरंधर' ने डॉन 3 को ख़त्म कर दिया?

रणवीर सिंह

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इमेज कैप्शन, जिस तरह 'पठान' और 'जवान' ने शाहरुख़ ख़ान के करियर की दिशा बदली थी, उसी तरह 'धुरंधर' की बेमिसाल कामयाबी ने रणवीर सिंह को नया स्टारडम दिया

इंडस्ट्री में चल रही चर्चा के मुताबिक़, रणवीर का 'डॉन 3' छोड़ना किसी एक घटना का नतीजा नहीं था, बल्कि धीरे-धीरे पनप रहे कई मुद्दों का असर था. 'डॉन 3' के एलान के बाद फ़िल्म की स्क्रिप्ट और डेवलपमेंट पर काम चलता रहा.

इस दौरान रणवीर अपने दूसरे बड़े प्रोजेक्ट 'धुरंधर' में पूरी तरह व्यस्त हो गए थे. वहीं फ़रहान अख़्तर भी अपने 'फ़रहान लाइव' कॉन्सर्ट्स और अपनी फ़िल्म '21 बहादुर' की शूटिंग में उलझे थे, जिसमें वे ख़ुद मुख्य भूमिका निभा रहे थे.

सूत्रों के मुताबिक़ इस बीच 'डॉन 3' की स्क्रिप्ट लगातार आगे-पीछे होती रही. नए ड्राफ़्ट बनते रहे. लेकिन जैसे-जैसे प्रोजेक्ट अपने आख़िरी स्क्रिप्टिंग स्टेज के क़रीब पहुँचा, पुराने दबे हुए तनाव फिर से उभरने लगे.

बॉलीवुड के गलियारों में चर्चा यही है कि क्या 'धुरंधर' ने 'डॉन 3' को ख़त्म कर दिया?

जिस तरह 'पठान' और 'जवान' ने शाहरुख़ ख़ान के करियर की दिशा बदली थी, उसी तरह अब 'धुरंधर' की बेमिसाल कामयाबी ने रणवीर सिंह को नया स्टारडम दिया और उनके करियर की प्राथमिकताओं को बदल कर रख दिया.

इसी बीच 'डॉन 3' की तैयारी भी अपने अंतिम चरण में पहुँच चुकी थी. योजना के मुताबिक़, फ़िल्म की शूटिंग जनवरी 2026 में शुरू होनी थी और अगले क़रीब छह महीने चलने वाली थी.

'एक्सेल एंटरटेनमेंट' से जुड़े सूत्रों के मुताबिक़ रणवीर सिंह ने पहले से तैयारी भी शुरू कर दी थी. नवंबर 2025 में उन्होंने फ़िल्म 'डॉन 3' के लिए ख़ास एक्शन और स्टंट की ट्रेनिंग भी की थी, जिसका पूरा ख़र्च 'एक्सेल एंटरटेनमेंट' ने उठाया था.

लेकिन 'डॉन' के अभिशाप ने पीछा नहीं छोड़ा.

दिसंबर 2025 के आख़िरी दिनों में एक अप्रत्याशित मोड़ आया. रणवीर सिंह ने ख़ुद निर्माताओं को फ़ोन कॉल करके 'डॉन 3' से हटने का फ़ैसला सुना दिया. उल्लेखनीय है कि 'धुरंधर' 5 दिसंबर को रिलीज़ हुई थी और बड़ी ब्लॉकबस्टर हो चुकी थी.

यहीं से शुरू हुआ विवाद.

'एक्सेल एंटरटेनमेंट' के मुताबिक़ उन्होंने प्री-प्रोडक्शन में लगभग 45 करोड़ रुपये ख़र्च किए जिसमें अंतरराष्ट्रीय लोकेशन का चुनाव, क्रू पर ख़र्च, ट्रेनिंग, कॉस्ट्यूम्स और शुरुआती सेट डिज़ाइन शामिल थे.

इसी विवाद के बीच इस अफ़वाह ने भी ज़ोर पकड़ा कि रणवीर को साइन करने के बावजूद निर्माताओं ने अभिनेता ऋतिक रोशन से 'डॉन' के रोल के लिए बातचीत की थी. सूत्रों के मुताबिक़ इन ख़बरों ने रणवीर की स्थिति और असहज कर दी थी.

अफ़वाह इतनी बढ़ी कि ऋतिक रोशन को आधिकारिक तौर पर फ़रवरी 2026 में एक स्पष्ट खंडन जारी करना पड़ा.

उन्होंने कहा, "जो शुरुआत में सिर्फ़ एक अफ़वाह थी, उसने अब अलग ही रूप ले लिया है, और यह ज़रूरी है कि सच्चाई सामने रखी जाए. मैं यह साफ़ तौर पर कहना चाहता हूँ कि मुझे किसी भी समय 'डॉन 3' के लिए संपर्क नहीं किया गया था. मैं मीडिया से अनुरोध करता हूँ कि ऐसी अपुष्ट ख़बरों से दूर रहें."

अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान

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इमेज कैप्शन, 'डॉन' की विरासत से अमिताभ बच्चन और शाहरुख़ ख़ान जैसे दिग्गजों का नाम जुड़ा है

रचनात्मक मतभेद और बढ़ता विवाद

रणवीर सिंह से जुड़े क़रीबी सूत्रों का कहना है कि 'क्रिएटिव मतभेद' और स्क्रिप्ट को लेकर चिंताएँ धीरे-धीरे बढ़ती चली गईं.

डॉन विरासत से अमिताभ बच्चन और शाहरुख़ ख़ान जैसे दिग्गजों का नाम जुड़ा है और रणवीर को लगता था कि डॉन 3 के अंतिम ड्राफ़्ट में उतनी जान नहीं है जो पुराने सुपरस्टार की जगह लेने के लिए ज़रूरी है.

विरासत और उम्मीद के दबाव के बीच, उन्होंने धुरंधर से मिली अपनी ऐतिहासिक सफलता को सुरक्षित रखने का फ़ैसला किया और ऐसी फ़िल्म से किनारा कर लिया, जिस पर उन्हें पूरा भरोसा नहीं था.

वहीं निर्माताओं की तरफ़ से कहानी बिल्कुल अलग बताई जाती है. एक्सेल एंटरटेनमेंट से जुड़े लोगों का सवाल था कि अगर रणवीर को फ़िल्म से इतनी बुनियादी आपत्तियाँ थीं, तो उन्होंने तैयारी आख़िरी चरण तक क्यों चलने दी?

यह विवाद धीरे-धीरे निजी मतभेद से आगे बढ़ गया. रिपोर्ट किए गए आर्थिक नुक़सान के बाद निर्माता फ़रहान अख़्तर और रितेश सिधवानी ने फ़ेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लोयीज़ (एफ़डब्ल्यूआईसीई) में शिकायत दर्ज की.

इसके बाद फ़ेडरेशन ने रणवीर सिंह के ख़िलाफ़ "नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव" जारी किया, जिसे इंडस्ट्री में एक तरह का 'शैडो बैन' माना गया.

इसके जवाब में रणवीर सिंह ने इस फ़ेडरेशन के अधिकार क्षेत्र को चुनौती देते हुए एक क़ानूनी नोटिस भेजा, क्योंकि यह एक निजी अनुबंध विवाद था.

एक हफ़्ते बाद फ़ेडरेशन ने यह निर्देश वापस ले लिया. 3 जून को एफ़डब्ल्यूआईसीई के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने मीडिया को बताया कि अपील और फ़िल्म उद्योग के बड़े हित को देखते हुए यह (नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव) निर्देश तुरंत हटा लिया गया है.

आमिर-सलमान जैसे बॉलीवुड के दिग्गजों ने मध्यस्थता की कोशिश की.

रणवीर सिंह और फरहान अख्तर

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इमेज कैप्शन, रणवीर का आरोप है कि फ़िल्म का बजट और उनकी फ़ीस में काफ़ी कमी की गई

इस विवाद को सुलझाने के लिए पर्दे के पीछे कई कोशिशें की गईं. 'एक्सेल एंटरटेनमेंट' ने इस साल की शुरुआत में 'प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया' से संपर्क किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत और मध्यस्थता की कोशिशें शुरू हुईं.

सूत्रों के अनुसार, बॉलीवुड के कई दिग्गज भी इस आधिकारिक या ग़ैर-आधिकारिक तौर पर प्रक्रिया में शामिल हुए. आमिर ख़ान, सलमान ख़ान, अनिल कपूर, आशुतोष गोवारिकर, रोहित शेट्टी और करण जौहर इस विवाद को सुलझाने की अलग-अलग मीटिंग में शामिल हुए ताकि इस गतिरोध का कोई समाधान निकल सके.

अगर 'धुरंधर' ब्लॉकबस्टर नहीं होती तो 'डॉन 3' नहीं छोड़ते रणवीर?

वैरायटी डॉट कॉम में छपी रिपोर्ट में तो एक और चौंकाने वाला दावा किया गया है.

इसके मुताबिक़ मध्यस्थता को लेकर हुई एक मीटिंग में जब आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा था तो 'एक्सेल एंटरटेनमेंट' में फ़रहान अख़्तर के पार्टनर निर्माता रितेश सिधवानी ने रणवीर से सीधा सवाल किया था- अगर 'धुरंधर' ब्लॉकबस्टर नहीं होती, तो क्या आप 'डॉन 3' छोड़ते?

रिपोर्ट में कहा गया कि वहाँ मौजूद लोगों के मुताबिक़ इस पर रणवीर ने सीधा जवाब दिया कि तब वो शायद ऐसा नहीं करते.

सूत्रों के मुताबिक़, एक अनौपचारिक बैठक में ख़ुद रणवीर सिंह भी शामिल हुए, जहाँ उन्होंने अपना पक्ष और चिंताएँ खुलकर रखीं. उनका मुख्य मुद्दा यह था कि 'डॉन 3' की स्क्रिप्ट उनकी उम्मीदों के मुताबिक़ मज़बूत नहीं थी.

उन्होंने यह भी कहा कि फ़रहान अख़्तर अपने एक्टिंग प्रोजेक्ट्स और लाइव कॉन्सर्ट्स में व्यस्त होने के कारण 'डॉन 3' को पूरा समय नहीं दे पा रहे थे. इसके अलावा उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फ़िल्म का बजट और उनकी फ़ीस में काफ़ी कमी की गई जिससे असंतोष और बढ़ा.

हालाँकि, निर्माताओं ने इन सभी दावों को सख़्ती से ख़ारिज किया. उनका कहना है कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जो दिखाते हैं कि रणवीर सिंह स्क्रिप्ट डेवलपमेंट के दौरान लगातार सक्रिय और सकारात्मक रूप से जुड़े रहे थे, और कई स्क्रिप्ट रीडिंग के दौरान उन्होंने उत्साह भी दिखाया था.

इस तरह, बातचीत और मध्यस्थता के बावजूद, यह विवाद सुलझने के बजाय और उलझता चला गया.

विवाद से टूटते रिश्ते

फरहान अख्तर और रणवीर सिंह

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इमेज कैप्शन, रणवीर सिंह का फ़रहान अख़्तर और ज़ोया अख़्तर के साथ लंबा साथ रहा है

डॉन 3 के इस पूरे विवाद का असर सिर्फ़ फ़िल्मों और अनुबंधों तक सीमित नहीं रहा. कहा जाता है कि इसने कई निजी रिश्तों पर भी गहरी छाप छोड़ी है.

रणवीर सिंह का फ़रहान अख़्तर और ज़ोया अख़्तर के साथ लंबा साथ रहा है. रणवीर के करियर की दो बड़ी और कामयाब फ़िल्मों 'दिल धड़कने दो' और 'गली बॉय' का निर्देशन ज़ोया अख़्तर ने किया है. लेकिन डॉन 3 के विवाद ने उस भरोसे में भी दरार डाली है.

एक्सेल एंटरटेनमेंट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक़ स्थिति को संभालने के लिए रणवीर की ओर से 10 करोड़ रुपये के मुआवज़े और भविष्य की किसी भी साझेदारी में फ़ीस में रियायत का प्रस्ताव दिया गया था.

लेकिन निर्माताओं ने इसे स्वीकार नहीं किया और 45 करोड़ रुपये की पूरी भरपाई की माँग पर अड़े हैं.

रणवीर सिंह ने इन आरोपों पर ख़ुद सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा है.

हालाँकि 25 मई को उनके प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में कहा गया था: "डॉन 3 से जुड़ी हालिया घटनाओं के दौरान उन्होंने जानबूझकर ख़ामोश रहने का फ़ैसला किया है, क्योंकि उनका मानना है कि पेशेवर बातचीत और निजी संबंधों को गरिमा, परिपक्वता और आपसी सम्मान के साथ ही संभाला जाना चाहिए."

स्पष्ट है कि यह लड़ाई अभी ख़त्म नहीं हुई है. एक्सेल एंटरटेनमेंट के सामने फिर से वही सवाल है कि कौन हो सकता है अगला डॉन?

वो डॉन जिसे पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है, उस किरदार को निभाने के लिए एक बड़ा स्टार ढूँढना भी अब नामुमकिन सा होता जा रहा है, क्योंकि डॉन 3 के 'अभिशाप' के पीछे सालों पुराने इतिहास, अधूरे ड्राफ़्ट, टूटे हुए भरोसे और क़ानूनी जटिलताओं की लंबी छाया चल रही है.

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